मध्यप्रदेश के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला उजागर हुआ है। चार साल की एक बाघिन को यूरिया खिला कर मारा डाला और उसके शव को दफना दिया। दरअलस, बाघिन के गले में लगा रेडियो कॉलर दो दिन से सिग्नल नहीं दे रहा था।
By: Arvind Mishra
Mar 28, 202610:34 AM
छिंदवाड़ा। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला उजागर हुआ है। चार साल की एक बाघिन को यूरिया खिला कर मारा डाला और उसके शव को दफना दिया। दरअलस, बाघिन के गले में लगा रेडियो कॉलर दो दिन से सिग्नल नहीं दे रहा था। वन विभाग की टीम आखिरी लोकेशन के आधार पर तलाश करते हुए देलाखेड़ी क्षेत्र के सांगा खेड़ा गांव (छिंदवाड़ा दक्षिण वन मंडल) पहुंची, जहां गड्ढे में हुआ शव बरामद किया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बाघिन ने दो दिन पहले इस क्षेत्र में एक बैल का शिकार किया था। इसके बाद ही उसका रेडियो कॉलर अचानक बंद हो गया। उसकी लोकेशन कॉलर आईडी के आधार पर वन विभाग ने ट्रेस की।
बैल का किया था शिकार
वन विभाग की जांच में सामने आया कि बाघिन ने एक बैल का शिकार किया था और लगातार खेत में लौट रहा था, जिससे नाराज किसान ने बैल के बचे अंगों पर यूरिया डाल दिया। बाघिन ने वहीं मांस खां लिया और दम तोड़ दिया।
पीएम में जहर की पुष्टि
छिंदवाड़ा वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार खेत में बैल मृत मिला था और थोड़ी दूर गड्ढे में बाघिन मृत मिली। अधिकारियों ने बताया कि बाघिन का पीएम कराया, जिसमें जहर की पुष्टि हुई। किसान समेत छह को गिरफ्तार किया गया है।