मध्यप्रदेश के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला उजागर हुआ है। चार साल की एक बाघिन को यूरिया खिला कर मारा डाला और उसके शव को दफना दिया। दरअलस, बाघिन के गले में लगा रेडियो कॉलर दो दिन से सिग्नल नहीं दे रहा था।
मध्यप्रदेश टाइगर स्टेट है। लेकिन दुर्भाग्य से यहां बाघों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इससे पशु प्रेमी दावा कर रहे हैं कि अगर सख्त कदम नहीं उठाए गए तो टाइगर स्टेट का दर्जा छिन जाएगा। यहां सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि डेढ़ साल में 64 बाघों की मौत दर्ज की गई है।
मध्य प्रदेश को पूरी दुनिया टाइगर स्टेट के नाम से जानती है। यहां बाघों की बढ़ती संख्या पर तालियां बजती हैं... जश्न मनाए जाते हैं... लेकिन आज उसी प्रदेश से एक डरावनी तस्वीर सामने आ रही है...। जी हां... मध्य प्रदेश के जंगलों में इन दिनों बाघों की दहाड़ से ज्यादा उनकी लाशों का शोर है।
भारतीय गौर, हाथी के बाद बांधवगढ़ का सबसे बड़ा शाकाहारी वन्यप्राणी है। पारिस्थितिकी तंत्र में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह खुरदुरी घास का सेवन करता है, जिसे हिरण एवं मृग जैसे छोटे शाकाहारी प्राणी नहीं खाते।
मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स और WCCB ने 10 साल से वांछित अंतर्राष्ट्रीय बाघ तस्कर यांगचेन लाचुंगपा को सिक्किम में भारत-चीन सीमा से गिरफ्तार किया।

















