मध्यप्रदेश सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य रखा है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5 लाख टन अधिक है। खरीदी 1 अप्रैल से शुरू होगी और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के अलावा प्रति क्विंटल 40 का बोनस भी मिलेगा।

खरीदी 1 अप्रैल से शुरू होगी ।
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य रखा है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5 लाख टन अधिक है। खरीदी 1 अप्रैल से शुरू होगी और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के अलावा प्रति क्विंटल 40 का बोनस भी मिलेगा। सरकार ने बोनस सहित 2625 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तय किया है। मध्यप्रदेश में लगभग 12.5 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है। खरीदी के लिए प्रदेशभर में 3623 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। इस बार गेहूं खरीदी को लेकर सरकार द्वारा गाइडलाइन में फिर बदलाव किया गया है। दरअसल, मध्यप्रदेश में बड़े और मध्यम श्रेणी के किसानों से गेहूं खरीदी की सीमा तय करने की तैयारी की जा रही है। शासन स्तर पर इसका विचार शुरू हो गया है। यह 25 फीसदी या इससे ज्यादा भी होने की संभावना है।
गेहूं रखने के लिए बोरियां नहीं
लिमिट तय करने पीछे बड़ी वजह यह है कि मध्यप्रदेश के पास खरीदे गए अनाज को स्टोर करने के लिए बोरियां नहीं हैं। वर्तमान में 5.50 करोड़ बोरियां (बारदाने) उपलब्ध हैं, जबकि गेहूं खरीद के अनुमान के हिसाब से 15.60 करोड़ बोरियों की जरूरत है। अब खाद्य विभाग ने 26 मार्च को 4 करोड़ सिंगल यूज जूट बैग के लिए टेंडर जारी किया है।
तारीख बढ़ सकती है आगे
सिंगल यूज बैग की खरीदी प्रक्रिया अभी शुरू हुई है, इसलिए भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम और उज्जैन संभाग में 1 अप्रैल से प्रस्तावित खरीदी की तारीख आगे बढ़ सकती है। वर्तमान में उपलब्ध 5.50 करोड़ बैग और सिंगल यूज बैग मिल जाने पर 50 लाख टन तक खरीदी और भंडारण संभव होगा।
चार संभागों में खरीदी की प्रस्ताव
यदि यह आंकड़ा 70 लाख टन से ऊपर जाता है तो मुश्किलें बढ़ेंगी। इसी कारण सरकार बड़े किसानों से लिमिट में खरीदी करने पर विचार कर रही है, ताकि कुछ अनाज उनके पास सुरक्षित रह सके। 1 अप्रैल से चार संभागों में और 7 अप्रैल से पूरे प्रदेश में गेहूं खरीदी का प्रस्ताव है।
गेहूं खरीदी के नए नियम


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