सेवा सहकारी समिति कोटर में सूचना पटल पर वर्षों पुरानी जानकारी प्रदर्शित है। स्थानांतरित और मृत कर्मचारियों के नाम हटाए नहीं गए हैं। किसानों को सही जानकारी नहीं मिलने से पारदर्शिता और निरीक्षण व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
केंद्र सरकार ने किसानों और राज्यों के विरोध के बाद गन्ना (नियंत्रण) आदेश, 2026 के मसौदे को वापस ले लिया है। खांडसारी और एथनॉल नियमों की समीक्षा अब नए सिरे से होगी। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
सतना कृषि उपज मंडी में एक लाइसेंसी तुलावटी ने प्रांगण प्रभारी पर पक्षपात, उत्पीड़न और प्रतिशोध के आरोप लगाए हैं। किसानों के हित में सुझाव देने के बाद बार-बार विवादित स्थान आवंटित किए जाने की शिकायत सामने आई।
रीवा जिले की क्योंटी कैनाल में एक साल से पानी न छोड़े जाने से नाराज किसानों ने चकाजाम कर प्रदर्शन किया। किसानों ने नहर सफाई में भ्रष्टाचार, मिट्टी बिक्री और बढ़ते पेयजल संकट को लेकर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
महाराष्ट्र में प्याज की कीमतें ₹1/किलो से नीचे गिरने के बाद सीएम देवेंद्र फडणवीस ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। अब NAFED और NCCF सीधे किसानों से 10 लाख टन तक प्याज खरीदेंगे और निर्यात पर कोई बैन नहीं लगेगा। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
सतना कृषि उपज मंडी में भीषण गर्मी के बीच किसान और हम्माल पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। करोड़ों का मंडी शुल्क वसूलने के बावजूद वाटर कूलर बंद हैं, जिससे किसानों में भारी नाराजगी है।
सतना जिले में गेहूं उठाव धीमा होने से 6759 किसानों का 152 करोड़ रुपए भुगतान अटक गया है। खरीदी केंद्रों में हजारों मीट्रिक टन गेहूं पड़ा है, जिस पर प्रशासन ने परिवहनकर्ता को सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
उज्जैन में किसान कांग्रेस अध्यक्ष अशोक जाट को जिलाबदर करने के विरोध में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन। पुलिस लाठीचार्ज, विधायक महेश परमार का वायरल वीडियो और 21 मई का अल्टीमेटम। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें
रीवा संभाग में गेहूं उपार्जन की रफ्तार धीमी है, 32 दिन बाद भी केवल 25 प्रतिशत खरीदी हो सकी। किसानों को अव्यवस्था, तौल देरी, बारदाना कमी और भुगतान विलंब जैसी समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं।
भोपाल के एमपी नगर में विभिन्न मांगों को लेकर किसान धरने पर बैठ गए हैं। गेहूं खरीदी, भूमि अधिग्रहण मुआवजे और राजस्व मामलों में हो रही देरी के खिलाफ किसानों ने मोर्चा खोल दिया है।






















