मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में नामीबियाई मादा चीता ज्वला के चार शावकों की मौत हो गई है। शावकों के शव आधे खाए हुए मिले हैं, जिससे शिकारियों के हमले की आशंका जताई जा रही है।

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क (KNP) से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है, जहाँ नामीबियाई मादा चीता 'ज्वला' (KGP12) के चार शावकों की मौत हो गई है. यह घटना मंगलवार को नियमित निगरानी के दौरान सामने आई, जिससे वन्यजीव विशेषज्ञों और 'प्रोजेक्ट चीता' से जुड़े अधिकारियों के बीच सनसनी फैल गई है. बताया जा रहा है कि ये शावक मात्र एक महीने के थे. इस घटना ने भारत में चीतों के पुनर्वास के महत्वाकांक्षी अभियान को एक बड़ा झटका दिया है.
शावकों की मौत की परिस्थितियों ने अधिकारियों को चिंता में डाल दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, मृत शावकों के शव पूरी तरह सुरक्षित नहीं थे, बल्कि वे 'आधे खाए हुए' या क्षत-विक्षत अवस्था में पाए गए हैं. शवों की इस स्थिति को देखते हुए प्राथमिक रूप से यह आशंका जताई जा रही है कि किसी अन्य शिकारी जानवर ने इन पर हमला किया होगा. कूनो के जंगलों में तेंदुओं और अन्य जंगली जानवरों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग इस हमले के कोण से गहन जांच कर रहा है.
मादा चीता 'ज्वला' ने करीब एक महीने पहले ही इन शावकों को जन्म दिया था, जिसे प्रोजेक्ट की एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा था. हालांकि, शावकों की सुरक्षा और उनकी निगरानी को लेकर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मादा चीता ज्वला सुरक्षित है, लेकिन वह अपने शावकों को खोने के बाद तनाव में देखी गई है. शावकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि उनकी मृत्यु का सटीक कारण क्या था और किस शिकारी जानवर ने उन पर हमला किया.

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