मध्यप्रदेश में अब मंत्रियों, विधायक औ सांसदों को अपनी फाइल की प्रगति के लिए बाबू और अफसरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सरकार ने मनमानी पर नकेल कसना शुरू कर दिया है। इसमें सबके दायित्व को स्पष्ट किया गया है ताकि किसी भी स्तर पर कोई असमंजस की स्थिति ना रहे।

सरकार ने मनमानी पर नकेल कसना शुरू कर दिया है।
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश में अब मंत्रियों, विधायक औ सांसदों को अपनी फाइल की प्रगति के लिए बाबू और अफसरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सरकार ने मनमानी पर नकेल कसना शुरू कर दिया है। दरअसल, मुख्यमंत्री और मंत्रियों द्वारा समय-समय पर जो घोषणाएं की जाती हैं या सीएम या मुख्य सचिव मानिट (समय-सीमा) के जो मामले होते हैं, उन सभी से जुड़ी फाइलें वित्त विभाग में कोई भी अधिकारी एक समय सीमा से अधिक रोककर नहीं रख सकेगा। दस दिनों में फाइलों का निपटारा करके आगे बढ़ानी होंगी। इसके लिए वित्त विभाग ने अपने अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए मार्गदर्शिका तैयार की है। इसमें सबके दायित्व को स्पष्ट किया गया है ताकि किसी भी स्तर पर कोई असमंजस की स्थिति ना रहे।
फाइल का रिकॉर्ड भी करेंगे तैयार
मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक, केंद्रीय मंत्री सहित विशेष व्यक्तियों से प्राप्त होने वाले पत्रों को तुरंत कार्रवाई करना होगा। इसका रिकॉर्ड भी तैयार किया जाएगा। कैबिनेट की बैठक में रखे जाने वाले विषयों की संक्षेपिका तैयार करना, विभागीय अभिमत समय पर देना, विभिन्न आयोगों से प्राप्त होने वाले प्रतिवेदन व अनुशंसाओं पर कार्रवाई सुनिश्चित करने, समितियों की बैठक समय पर संपन्न करवाना, अवकाश, पेंशन, सामान्य भविष्य निधि से जुड़े मामलों का समयावधि में प्रस्तुतीकरण सुनिश्चित करवाना अपर सचिव और उपसचिव का दायित्व होगा।
निपटारे की समय सीमा भी स्पष्ट
फाइलों के निपटारे की समय सीमा भी स्पष्ट कर दी गई है। इसमें मंत्री परिषद को भेजे जाने वाले प्रकरण, नई योजना के करणप्रकरण में 10 दिन, चिकित्सा की प्रतिपूर्ति के मामलों में अधिकतम पांच दिन, बजट राशि से संबंधित प्रतिबंध में पांच दिन, आहरण सीमा बीस प्रतिशत की कटौती, विदेश यात्रा की अनुमति की फाइल पांच दिन, मंत्री से जुड़ी नस्ती और अनुपूरक बजट के प्रस्ताव की फाइल को तीन दिन में आगे बढ़ाना होगा।
मनमाना पर्यवेक्षण शुल्क नहीं लगेगा
वित्त विभाग में निर्माण कार्यों पर लिए जाने वाले पर्यवेक्षण शुल्क को लेकर भी नई व्यवस्था बना दी है, जो एक अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी। 10 करोड़ से कम लागत वाले निर्माण कार्य की एजेंसी विभाग है तो तकनीकी स्वीकृति पर पर्यवेक्षण शुल्क शून्य रहेगा। जबकि, निर्माण एजेंसी शासन की कोई संस्था है तो यह एक प्रतिशत रहेगा। 10 करोड से अधिक के निर्माण कार्य में एजेंसी शासन होने पर पर्यवेक्षण शुल्क तीन प्रतिशत और अन्य संस्था होने पर छह प्रतिशत की दर से लिया जाएगा।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
धार जिले के लिए 8 सितंबर का ऐतिहासिक दिन! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धार-छोटा उदयपुर रेल परियोजना के तहत नवनिर्मित रेलखंड का लोकार्पण किया।
भोपाल में सेंट्रल जीएसटी की बड़ी कार्रवाई। जिम 365 डिग्री के पांच ठिकानों पर छापे में 1 करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी पकड़ी गई। सारंगपुर में किराना कारोबारियों पर भी स्टेट जीएसटी का शिकंजा।
रीवा में न्याय सत्याग्रह में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली और आदिवासियों के अधिकारों को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने डिप्टी सीएम से इस्तीफे की मांग की।
गुढ़ के भैरव बाबा मोड़ पर लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए एसडीएम ने सुरक्षा इंतजामों की पहल की। दोनों ओर स्पीड ब्रेकर, ब्लिंकिंग लाइट, सोलर लाइट, बेरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे।
रीवा की कलाकार विभूति मिश्रा ने सेनेटरी पैड से 5000 वर्गफुट का विशाल पोर्ट्रेट तैयार कर नया कीर्तिमान बनाने की पहल की। 30 हजार से अधिक पैड उपयोग कर जरूरतमंद महिलाओं को वितरित किए जाएंगे।
रीवा में उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला के आवास में कथित अवैध प्रवेश और हंगामे के विरोध में हजारों भाजपाई सड़क पर उतरे। आईजी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन दिया, जिसके बाद एफआईआर दर्ज हुई।
पन्ना पुलिस ने टाटा पावर सोलर की फर्जी डिस्ट्रीब्यूटरशिप दिलाने के नाम पर 1.60 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया। बिहार से तीन आरोपी गिरफ्तार हुए।
सतना में पेयजल सप्लाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं। जलकर प्रभारी ने फिल्टर प्लांट में ब्लीचिंग पाउडर की कमी, क्लोरीन गैस प्लांट बंद और चूना मिलाने के आरोप लगाए।
मझगवां के कानपुर गांव में दो वर्षीय अभिराम गंभीर कुपोषण से जूझ रहा है। सतना-मैहर में दो हजार से अधिक बच्चे गंभीर कुपोषित हैं, जबकि विभागीय प्रयासों के बावजूद समस्या लगातार बनी हुई है।
पितृपक्ष से पहले गया जाने वाली ट्रेनों में कन्फर्म सीटों की मारामारी बढ़ी। रेलवे ने विंध्य यात्रियों की सुविधा के लिए सतना होकर जबलपुर और रानी कमलापति से गया तक स्पेशल ट्रेनें घोषित की हैं।