मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम एवं वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री एक बार फिर अपने सख्त एक्शन को लेकर चर्चा में हैं। दरअसल, धार और खरगोन जिले के किसानों ने करेला फसल में हुए नुकसान को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से गुहार लगाई।
मध्यप्रदेश में अब मंत्रियों, विधायक औ सांसदों को अपनी फाइल की प्रगति के लिए बाबू और अफसरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सरकार ने मनमानी पर नकेल कसना शुरू कर दिया है। इसमें सबके दायित्व को स्पष्ट किया गया है ताकि किसी भी स्तर पर कोई असमंजस की स्थिति ना रहे।
मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के कसरावद में इंदौर लोकायुक्त की टीम ने एएसआई रविंद्र गुरु को सात हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। बिष्टान निवासी फरियादी श्यामलाल उपाध्याय की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने एएसआई द्वारा 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगने की शिकायत की थी।
मिसरोद गांव में ओवरटेकिंग के विवाद को लेकर बीती देर शाम साध्वी रंजना और उनके शिष्यों से मारपीट हो गई। साथ ही बदमाशों ने उनकी कार में भी तोड़फोड़ कर दी। शिष्यों ने कार चालक की चेन झपटने का आरोप भी लगाया है।
मध्यप्रदेश में घूसखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आए दिन कहीं न कहीं रिश्वत लेते जिम्मेदार अधिकारी रंगे हाथ पकड़े जा रहे हैं। इसके बाद भी भ्रष्टचार पर पर लगाम नहीं लग रही है। इससे सबसे ज्यादा किसान ही प्रभावित हो रहे हैं।

















