राज्य सरकार ने बीती देर रात ती आईएएस अफसरों के तबादले आदेश जारी किए हैं। इनमें दो अपर मुख्य सचिव के विभागों में बदलाव किया है। वहीं एक अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार, गृह विभाग की जिम्मेदारी अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला को सौंपी गई।
AIIMS NORCET 10 मुख्य परीक्षा 2026 का एडमिट कार्ड जारी कर दिया गया है। 30 अप्रैल को होने वाली मेन्स परीक्षा के लिए aiimsexams.ac.in से अपना हॉल टिकट डाउनलोड करने का तरीका और एग्जाम पैटर्न यहाँ जानें।
मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति अब केवल जुमला बनकर रह गई है। विधानसभा के पटल पर रखे गए ताजा आंकड़े प्रदेश की प्रशासनिक ईमानदारी का वह काला चेहरा उजागर करते हैं, जो न केवल चुभने वाला है, बल्कि डरावना भी है। पढ़िए ‘स्टार समाचार’ की विशेष रिपोर्ट...।
देश की राजधानी दिल्ली में अब एक अफसर की बेटी से दरिंदगी का मामला सामने आया है। यही नहीं, दरिंदे ने युवती को हवस का शिकार बनाने के बाद निर्मम हत्या भी कर दी है। दरअसल, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली स्थित अमर कॉलोनी में एक आईआरएस अफसर की 22 वर्षीय बेटी की हत्या कर दी गई।
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी द्वारा थार गाड़ी से तीन राहगीरों को टक्कर मारने के मामले ने नया रंग ले लिया है। विधायक ने कहा है कि एसडीओपी आईपीएस डॉ. आयुष जाखड़ ने हादसे को लेकर पूछताछ में उनके बेटे से कहा कि करैरा में दिख मत जाना।
मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में भी आज एक एक घूसखोर उपराजस्व अधिकारी को लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों धर दबोचा। भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई की यह कहानी किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं है। सिराज ने झुकने के बजाय संघर्ष चुना और लोकायुक्त में शिकायत कर दी।
MPESB ने नर्सिंग ऑफिसर और सिस्टर ट्यूटर के 2317 पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। 6 अप्रैल 2026 से आवेदन शुरू होंगे। योग्यता, आयु सीमा और वेतन की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।
मध्यप्रदेश में अब मंत्रियों, विधायक औ सांसदों को अपनी फाइल की प्रगति के लिए बाबू और अफसरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सरकार ने मनमानी पर नकेल कसना शुरू कर दिया है। इसमें सबके दायित्व को स्पष्ट किया गया है ताकि किसी भी स्तर पर कोई असमंजस की स्थिति ना रहे।
मध्यप्रदेश में एक बार फिर सरकार प्रशासनिक सर्जरी करने जा रही है। इस बार जिलों से लेकर मंत्रालय तक बदलाव किया जाएगा। वहीं फील्ड में नहीं जाने वाले अफसरों को लूपलाइन में डालने की भी तैयारी है। सीएम डॉ. मोहन यादव पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि जो फील्ड में जाकर काम नहीं करेगा, वो जिलों नहीं मंत्रालय में बैठेगा।
मध्यप्रदेश में अफसरशाही हावी है। जनता तो दूर, जिम्मेदार अफसर कोर्ट के आदेश तक की अनदेखी पर उतारू हैं। लेकिन अब अदालत के आदेश की अनदेखी अफसरों पर भारी पड़ी। कोर्ट ने सजा को तीन सप्ताह के लिए स्थगित रखा है ताकि आदेश का पालन किया जा सके।






















