मध्यप्रदेश में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर जेलों में बंद दंडित बंदियों को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जेल विभाग को निर्देश दिए हैं कि बंदियों को सजा में 60 दिन की छूट दी जाए। हालांकि, आतंकवादी गतिविधियों, लैंगिक अपराधों और गंभीर हत्या के आरोपियों को इस छूट से वंचित रखा गया है।
By: Arvind Mishra
Aug 23, 20252:53 PM
भोपाल। स्टार समाचार वेब
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने बड़ा निर्णय लिया हैं। इसमें प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों को राहत दी है। इसकी जनकार खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को सोशल मीडिया के माध्यम से दी। सीएम ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर इस वर्ष भी प्रदेश की जेलों के कैदियों को सजा में करीब 60 दिन की छूट के लिए जेल विभाग को निर्देश दिए हैं। इससे 14 हजार कैदियों को लाभ मिलेगा। प्रदेश की जेलों में 21 कैदी सजा काट रहे हैं। सरकार का मानना है कि धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व समाज में सद्भाव और मानवीय संवेदना का संदेश देते हैं। ऐसे में जन्माष्टमी जैसे अवसर पर कैदियों को सजा में छूट देकर सुधार की भावना को बल मिलेगा। उक्त छूट का लाभ आतंकवादी गतिविधि, लैंगिक अपराध, हत्या के गंभीर आरोपियों को नहीं मिलेगा। यानी गंभीर अपराध के दोषी कैदियों की सजा यथावत रहेगी।
गौरतलब है कि इससे पहले स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भी प्रदेश की जेलों से बड़ी संख्या में कैदियों की सजा माफ कर उन्हें रिहा किया गया। मध्य प्रदेश जेल मुख्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, भोपाल केंद्रीय जेल से 25, सतना से 17, उज्जैन से 14, नर्मदापुरम से 11, ग्वालियर से 16, जबलपुर से 14, रीवा से 19, सागर से 14, इंदौर केंद्रीय जेल से 10, नरसिंहपुर से 6 और बड़वानी से 3 बंदियों को रिहा किया गया। जिला जेल देवास से 1, टीकमगढ़ से 2, इंदौर से 2 तथा उप जेल पवई और बंडा से 1-1 बंदी को भी स्वतंत्रता दिवस पर रिहा किया गया था।