रिटायरमेंट से तीन दिन पहले मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन को एक साल का एक्सटेंशन (सेवावृद्धि) मिल गया। वे प्रदेश के पहले मुख्य सचिव हैं जिन्हें सीधे एक साल की सेवावृद्धि मिली है। इससे पहले पूर्व मुख्य सचिवों को एक बार में 6-6 महीने का एक्सटेंशन ही मिलता रहा है। अब जैन का कार्यकाल अगस्त 2026 तक रहेगा।

रिटायरमेंट से तीन दिन पहले मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन को एक साल का एक्सटेंशन मिल गया।
भोपाल। स्टार समाचार वेब
रिटायरमेंट से तीन दिन पहले मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन को एक साल का एक्सटेंशन (सेवावृद्धि) मिल गया। वे प्रदेश के पहले मुख्य सचिव हैं जिन्हें सीधे एक साल की सेवावृद्धि मिली है। इससे पहले पूर्व मुख्य सचिवों को एक बार में 6-6 महीने का एक्सटेंशन ही मिलता रहा है। अब जैन का कार्यकाल अगस्त 2026 तक रहेगा। दरअसल, मध्यप्रदेश में मुख्य सचिव अनुराग जैन को एक साल का सेवा विस्तार मिल गया है। देर रात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक्स पर उनको बधाई देते हुए जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री ने लिखा-मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव अनुराग जैन को कार्यकाल के एक वर्ष बढ़ाए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। आपके दीर्घ प्रशासनिक अनुभव, नवाचारों और सतत प्रयासों से प्रदेश की विकास यात्रा निरंतर नए प्रतिमान स्थापित करे, मेरी मंगलकामनाएं। मुख्य सचिव अनुराग जैन 31 अगस्त को सेवानिवृत्त होने वाले थे। अब एक वर्ष के सेवा विस्तार से अनुराग जैन अगस्त 2026 तक पद पर बने रहेंगे। जैन प्रदेश के सातवें सीएस होंगे, जिनको सेवा विस्तार दिया गया है। उनको रिटायरमेंट के तीन दिन पहले एक साल का सेवा विस्तार दिया गया।
इससे पहले इकबाल सिंह बैंस, वीरा राणा को भी सेवा विस्तार दिया गया था। नवंबर 2022 में जब इकबाल सिंह बैस रिटायर हो रहे थे, तब उनके सेवा विस्तार को लेकर लंबे समय तक संशय रहा। रिटायरमेंट के आखिरी दिन ही उन्हें 6 माह का विस्तार दिया गया। सितंबर 2023 में बैस के विस्तार की अवधि पूरी होने से पहले ही वीरा राणा को प्रभारी मुख्य सचिव बनाया गया। हालांकि राणा को भी तीन हफ्ते पहले ही छह माह का विस्तार मिल गया। सितंबर 2024 में जब राणा का कार्यकाल खत्म हुआ, उसी दिन अनुराग जैन को मुख्य सचिव नियुक्त किया गया।
मुख्य सचिव अनुराग जैन का नाम उन अधिकारियों में गिना जाता है, जिन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के साथ टीम में काम किया है। प्रशासनिक अधिकारियों के बीच उन्हें प्रधानमंत्री की पसंद और भरोसेमंद अफसर के रूप में देखा जाता है। अनुराग जैन पहले पीएमओ में काम कर चुके हैं। उच्च स्तर पर उनकी पहचान मजबूत है। इसलिए अटकलें लगाई जा रही थी कि उनको एक्सटेंशन मिलने की संभावना ज्यादा है और यदि एक्सटेंशन नहीं मिलता है तो उनके अनुभव का लाभ केंद्र में कहीं लिया जा सकता है। हालांकि चर्चा है कि मुख्यमंत्री ने ही जैन के सेवा विस्तार के लिए पहल की। उनकी तरफ से ही सेवा विस्तार का प्रस्ताव बढ़ाया गया है।
मुख्य सचिव बनने से पहले अनुराग जैन केंद्र में कई अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। इसमें सचिव, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय - 21 अप्रैल 2023 से 30 सितंबर 2024 तक। सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय- 23 सितंबर 2021 से 20 अप्रैल 2023 तक। सचिव, केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय -12 मई 2020 से 22 सितंबर 2021 तक। संयुक्त सचिव, प्रधानमंत्री कार्यालय- 5 जनवरी 2015 से 28 जून 2018 तक। संयुक्त सचिव, केंद्रीय वित्त मंत्रालय- 29 जून 2011 से 31 दिसंबर 2014 तक।
अनुराग जैन का जन्म 11 अगस्त 1965 को ग्वालियर में हुआ था। भारतीय प्रशासनिक सेवा में आने के बाद जैन की पहली नियुक्ति जून 1990 में सागर में सहायक कलेक्टर के पद पर हुई। जैन की शैक्षणिक योग्यता बीटेक इंजीनियरिंग और एमए लोक प्रशासन (अमेरिका) है। वो मंडला, मंदसौर, भोपाल जिलों में कलेक्टर के पद पर कार्यरत रहे। जैन ने मध्य प्रदेश शासन में सचिव, प्रमुख सचिव एवं अपर मुख्य सचिव के रूप में विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी संभाली।
1989 बैच के आईएएस अनुराग जैन ने 3 अक्टूबर 2024 को मंत्रालय में मध्य प्रदेश सरकार के 35वें मुख्य सचिव के रूप में पदभार संभाला था। उनके नेतृत्व के 11 महीनों के दौरान मंत्रालय और शासन स्तर पर भ्रष्टाचार पर नियंत्रण की दिशा में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिले। लंबे समय से लंबित ई-आॅफिस प्रणाली को भी उनके कार्यकाल में ही पूरी तरह लागू किया गया, जिसकी परिकल्पना वर्ष 2013 से की जा रही थी।


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