रीवा के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस एडमिशन फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। एक छात्रा ने नीट यूजी 2025 रिजल्ट में नंबर हेरफेर कर प्रवेश लेने की कोशिश की। ऑनलाइन अलॉटमेंट में मामला पकड़ा गया, लेकिन छात्रा फरार हो गई। कॉलेज प्रबंधन ने एफआईआर तक दर्ज नहीं की। कर्मचारियों की संलिप्तता और मामले को दबाने के आरोप लग रहे हैं।

हाइलाइट्स
रीवा, स्टार समाचार वेब
श्याम शाह मेडिकल कॉलेज फिर सुर्खियों में है। कुछ साल पहले यहां एमबीबीएस में प्रवेश लेने वाले मुन्नाभाई पकड़े गए थे। बड़ी कार्रवाई हुई थी। इस बार फिर से एक छात्रा इसी तरह एडमिशन लेने पहुंची थी। नीट यूजी के रिजल्ट में नंबर में हेरफेर कर दूसरी छात्रा की जगह प्रवेश लेने पहुंची थी। जब आनलाइन अलॉटमेंट निकाला गया तो पोल खुल गई। पोल खुलने के बाद छात्रा फरार हो गई। इस मामले में मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने कोई एफआईआर तक दर्ज नहीं की है।
ज्ञात हो कि अब मेडिकल कॉलेज की सीटों में प्रवेश के लिए एक ही परीक्षा आयोजित होगी है। यूजी नीट के माध्यम से ही परीक्षाएं होती है। फिर कॉलेजों में प्रवेश दिया जाता है। प्रवेश के लिए छात्र कॉलेजों का चयन करते हैं। फिर कॉलेजों में काउंसलिंग और फिर आनलाइन प्रोफार्मा निकालकर दस्तावेजों की स्क्रूटनी के बाद प्रवेश दिया जाता है।
इस प्रक्रिया में भी फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है। श्याम शाह मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीटों पर एडमिशन की प्रक्रिया पहले चरण की खत्म हो चुकी है। इसी पहले चरण में एक छात्रा फर्जी रिजल्ट लेकर एडमिशन लेने पहुंच गई थी। चयन कमेटी के सदस्यों ने दस्तावेजों की स्क्रूटनी तक में छात्रा को ओके कर दिया था लेकिन एनएमसी के आनलाइन अलाटमेंट में उसका नाम उस नंबर पर आया ही नहीं जिस नंबर पर वह प्रवेश लेने पहुंची थी। इसी में पोल खुल गई। कॉलेज की कमेटी कुछ कर पाती इसके पहले ही छात्रा रफूचक्कर हो गई। चयन कमेटी ने इसकी जानकारी डीन डॉ सुनील अग्रवाल को भी दी लेकिन अब तक छात्रा के खिलाफ किसी तरह का पुलिस एक्शन नहीं लिया गया। थाना में शिकायत भी दर्ज नहीं कराई गई। इतना बड़ा मामला दबा दिया गया।
स्क्रूटनी में हो गई थी पास, ऑनलाइन अलॉटमेंट में पकड़ी गई
फर्जी रिजल्ट लेकर पहुंची छात्रा ने श्याम शाह मेडिकल कॉलेज में जमकर हंगामा भी मचाया था। बदले हुए नंबर लेकर पहुंची छात्रा ने कॉलेज की एडमिशन कमेटी पर दबाव भी बनाया। जल्द से जल्द एडमिशन देने का दबाव बना रही थी। इसमें मेडिकल कॉलेज के तीन कर्मचारी भी शामिल थे। वह भी फर्जी छात्रा को एडमिशन के लिए कमेटी के सदस्यों पर दबाव बनाने में लगे थे। इसी दबाव में छात्रा के दस्तावेजों की जांच भी हो गई। इसके बाद मामला अलॉटमेंट में पकड़ा गया।
कैलाशपुरी रीवा की बताई जा रही है छात्रा
मिली जानकारी के अनुसार जिस छात्रा ने फर्जी तरीके से एडमिशन लेने की कोशिश की उसका नाम एंजल तिवारी है। उसका नीट यूजी में रोल नंबर 3006104215 है। उसका नीट यूजी 2025 में आल इंडिया रैंक 1093115 रही। नीट यूजी में एआई स्कोर सिर्फ 145 ही थे। वहीं एमपी स्टेट में रैंक 14399 ही आए थे लेकिन उसने इसमें हेरफेर कर दिया था। स्कोर कार्ड में 154 नंबर को बढ़ा कर 547 के करीब पहुंचा दिया था।
कमेटी के सदस्यों ने दी डीन को जानकारी
इस फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद छात्रा तो भाग खड़ी हुई लेकिन कार्रवाई कॉलेज प्रबंधन ने कुछ नहीं की। एडमिशन कमेटी के सदस्यों ने इस फर्जीवाड़ा की जानकारी डीन श्याम शाह मेडिकल कॉलेज को भी उपलब्ध कराई लेकिन मामला थाना में दर्ज नहीं किया गया। एक सप्ताह से अधिक का समय गुजर चुका है। सभी ने मामले को दबा दिया है। इसके पीछे वजह कॉलेज के कुछ कर्मचारियों की संलिप्तता भी मानी जा रही है।
जवाब देने से बचते रहे डीन
इस संबंध में एमबीबीएस यूजी एडमिशन कमेटी के सदस्यों से चर्चा की गई। उन्होंने इस बात को तो स्वीकार किया कि एडमिशन में फर्जी छात्रा पकड़ी गई थी लेकिन ज्यादा जानकारी देने से बचते रहे। उन्होंने कहा कि डीन को इस संबंध में अवगत करा दिए थे। अधिक जानकारी वहीं दे पाएंगे। वहीं जब डीन से इस संबंध में बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन पर संपर्क ही नहीं किया। उन्हें कई मर्तबा फोन किया गया लेकिन रिसीव नहीं हुआ।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्य प्रदेश में संभावित अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जारी की विस्तृत कार्ययोजना। जानें फसल चयन, जल संरक्षण और किसानों के लिए सरकार की नई तैयारियों के बारे में।
मध्य प्रदेश में मानसून ने दी दस्तक, पूरे राज्य में तेज बारिश का दौर जारी। मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया। जानें बारिश से जुड़ी ताजा अपडेट और सुरक्षा निर्देश।
दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 का कार्यक्रम घोषित! जानें कब होगा मतदान, क्या है राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने का कारण और कैसे लागू हुई आचार संहिता।
मध्य प्रदेश सरकार ने BLO और बीएलओ सुपरवाइजरों का मानदेय दोगुना किया। जानें नई मानदेय राशि, प्रभावी तिथि और त्रैमासिक भुगतान की पूरी जानकारी।
राजा रघुवंशी मर्डर केस में नया मोड़। मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की मांग की। जानिए क्या है पूरा मामला।
केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच विंध्य क्षेत्र को प्रतिनिधित्व मिलने की चर्चाएं तेज हैं। सतना सांसद गणेश सिंह और शहडोल सांसद हिमांद्री सिंह के नाम संभावित दावेदारों में प्रमुख बताए जा रहे हैं।
सतना जिले में हल्की बारिश के बाद भी घंटों बिजली गुल रहने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, पढ़ाई और कारोबार प्रभावित हैं, जबकि लोगों ने स्थायी समाधान की मांग उठाई है।
सतना में मानसून की पहली तेज बारिश ने स्मार्ट सिटी की तैयारियों की पोल खोल दी। कई कॉलोनियों, सड़कों और अंडरब्रिज में जलभराव हुआ, जबकि जिला अस्पताल और बस स्टैंड भी पानी से प्रभावित रहे।
सतना जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के कई पद रिक्त हैं, जिससे 1500 दैनिक मरीजों की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। दूसरी ओर संत मोतीराम स्वास्थ्य केंद्र नि:शुल्क उपचार देकर राहत पहुंचा रहा है।
मध्य प्रदेश में कैलाश विजयवर्गीय की कथित चिट्ठी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जानिए क्या है मामला, मुख्यमंत्री के खिलाफ नाराजगी की सच्चाई और इसके पीछे के राजनीतिक मायने।