रीवा में बिजली विभाग के बिलिंग घोटाले का बड़ा मामला सामने आया है। महाराजा पुष्पराज सिंह के नाम से जारी दो बिजली कनेक्शनों में लगातार 6 महीने तक जीरो रीडिंग दर्ज की गई और सातवें महीने भी शून्य बिल भेजा गया। वहीं आम उपभोक्ताओं पर औसत बिलिंग, एनजी चार्ज और स्मार्ट मीटर के बहाने भारी वसूली की जा रही है। इस मामले में जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं और कई कर्मचारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।

हाइलाइट्स
रीवा, स्टार समाचार वेब
विद्युत विभाग में रीडिंग और बिलिंग में बड़ा खेल चल रहा है। आम उपभोक्ताओं को नियमों का पाठ पढ़ाने वाले अधिकारी बिल में खेल कर लाखों का वारा न्यारा कर रहे हैं। कोठी कम्पाउंट में संचालित कुछ दुकानों के बिल सोशल मीडिया में वायरल हुए, जिन्हें देखकर कोई भी चौंक जाएगा। महाराजा पुष्पराज सिंह के नाम के दो बिलों में 6 महीने तक जीरो रीडिंग दर्ज की गई। एक रुपए का भी बिल नहीं आया। सातवें महीने फिर जीरो रीडिंग का बिल भेज दिया। मामला प्रकाश में आने पर मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता ने जांच के निर्देश दे दिए हैं।
रीवा शहर में इस समय विद्युत विभाग स्मार्ट मीटर लगा रहा है। पुराने मीटरों को बदल रहा है। नए मीटर लगाने पर एक महीने का भी बैलेंस यदि रहता है तो उपभोक्ताओं की तुरंत बिजली काट दी जाती है। इतना ही नहीं यदि किसी उपभोक्ता के घर पर मीटर लगा है और वह महीनों से घर पर नहीं है तो भी उसका मीटर चलता रहता है। एनजी चार्ज, मीटर चार्ज और न जाने क्या क्या चार्ज लगाकर मंथली बिल कुछ न कुछ वसूल ही कर लेते हैं। इसके अलावा जीरो मीटर रीडिंग दर्ज करने पर औसत बिलिंग शुरू कर देते हैं। इसमें उपभोक्ताओं को परेशान किया जाता है लेकिन बड़े नाम और दाम वालों को रियायत दी जा रही है। इनके दुकानों और व्यावसायिक संस्थानों में लगे मीटर महीनों से आगे बढ़ ही नहीं रहे हैं। इसके पीछे बड़ा गोलमाल और हेरफेर माना जा रहा है। यह सिर्फ चंद मीटरों का हाल है। पीली कोठी और शिल्पी प्लाजा पूरा कामर्सियल क्षेत्र हैं। यहां करोड़ों की बिलिंग होती है। ऐसे ही खेल कर अधिकारी सीधे लाखों रुपए हर महीने डकार रहे हैं। इस मामले के प्रकाश में आने के बाद मुख्य अभियंता पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी रीवा ने जांच के आदेश दे दिए हैं। अधीक्षण अभियंता ने भी जांच रिपोर्ट मांगी है।
इन कर्मचारियों की मिली भगत आ रही है सामने
मिली जानकारी के अनुसार इस क्षेत्र की कनिष्ठ अभियंता शिखा तिवारी हैं। वहीं संविदा लाइन स्टाफ घनश्याम सिंह है। सूत्रों की मानें तो जिस जगह के बिल में अभी हाल ही में सामने आए हैं। उसी क्षेत्र में संविदा लाइन मैन ने एक संविदाकार के साथ मिलकर कई ट्रांसफार्मर भी लगाने का काम किया है। यह लाइनमैन ठेकेदार के साथ मिलकर यही सारे काम करता है। अब इसी का फायदा रीडिंग में उठाने की कोशिश की जा रही है।
मामले ने पकड़ा तूल, कईयों पर गिर सकती है गाज
मीटर रीडिंग और बिलिंग में गड़बड़ी पर एक तरफ मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी आउटसोर्स कर्मचारियों को ब्लैक लिस्टेड कर रही है। उन्हें नौकरी से बाहर कर रही है। वहीं इस तरह की गड़बड़ी करने वाले संविदा कर्मचारी और इंजीनियरों को अभयदान दे रही है। इनके नियम तोड़ने की पूरी छूट दी गई है। मामला प्रकाश में आने के बाद विद्युत विभाग के अधिकारियों की पोल खुल गई है। मुख्य अभियंता तक मामला पहुंचा है। मामले में जांच रिपोर्ट मांगी गई है। कईयों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
केस नंबर-1
महाराजा पुष्पराज सिंह पीली कोठी के नाम से एक कनेक्शन दिया गया है। इनका आईवीआरएस नंबर 1401018866 है। इस बिल में जून 2025 महीने में जीरो, मई महीने में जीरो, अप्रैल महीने में जीरो, मार्च महीने में जीरो, फरवरी महीने में भी जीरो की रीडिंग का बिल जारी किया गया। इसी तरह जुलाई 2025 में जो बिल आया, उसमें भी जीरो ही दर्ज किया गया है। एमाउंट भी जीरो ही आया है।
केस नंबर-2
इसी तरह आईवीआरएस नंबर 1401022190 का बिल भी महाराजा पुष्पराज सिंह के नाम से जारी किया गया है। इसमें जुलाई 2025 में 54 यूनिट का बिल जारी किया गया है। इसमें मार्च से लेकर जून तक का बिल जीरो का ही जारी किया गया है। जुलाई का 54 यूनिट का बिल जारी हुआ लेकिन एमाउंट जीरो ही दर्ज किया गया है।
केस नंबर-3
इसी तरह राजविलास परिसर में ही सुनील पाण्डेय का कनेक्शन है। इनका आईवीआरएस नंबर 1403027623 है। इन्हें 2 किलोवाट का कनेक्शन दिया गया है। इनका जुलाई महीने का बिल भी जीरो का ही जारी किया गयाहै। अजय कुमार गुप्ता का आईवीआरएस नंबर 1403009390 है। इन्हें भी जीरो का ही बिल जारी किया गया है। इसके अलावा धीरेन्द्र सोनी का आईवीआरएस नंबर 1403004898 है। इनकी रीडिंग और बिल शून्य का ही जारी हुआ है। हालांकि इसे पीडीएस बता रहे।


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