अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने आज यानी बुधवार को एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम का श्रेय लेते हुए सांसदों को अपने स्टेट आफ द यूनियन संबोधन में बताया कि उनके हस्तक्षेप से दोनों देशों के बीच संभावित परमाणु संघर्ष टल गया है।
By: Arvind Mishra
Feb 25, 202610:27 AM
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने आज यानी बुधवार को एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम का श्रेय लेते हुए सांसदों को अपने स्टेट आफ द यूनियन संबोधन में बताया कि उनके हस्तक्षेप से दोनों देशों के बीच संभावित परमाणु संघर्ष टल गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि स्थिति परमाणु युद्ध में तब्दील हो सकती थी। ट्रंप ने कहा-पाकिस्तान और भारत के बीच परमाणु युद्ध छिड़ जाता। उन्होंने यह भी कहा कि तीन करोड़ लोगों का कहना है कि अगर मैंने हस्तक्षेप न किया होता तो ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की जान चली जाती। ट्रंप ने कहा कि अपने दूसरे कार्यकाल के पहले 10 महीनों में उन्होंने 8 युद्ध खत्म किए, जिसमें भारत और पाकिस्तान के बीच का संघर्ष भी शामिल है।
ट्रंप ने अपना दावा दोहराया
पिछले हफ्ते की शुरुआत में भी ट्रंप ने अपना दावा दोहराया कि उन्होंने मई 2025 के भारत और पाकिस्तान संघर्ष को रुकवाया था। बोर्ड आॅफ पीस इवेंट में बोलते हुए, वर प्रेसिडेंट डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि अगर वे अपने मतभेद नहीं सुलझाते हैं तो ट्रेड बातचीत रोक दी जाएगी।
मैंने ही दोनों देशा का रोक संघर्ष
हाल के महीनों में, ट्रंप ने 80 से ज्यादा बार दावा किया है कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष रोकने वाले वो ही थे। उन्होंने अलग-अलग मौकों पर संघर्ष के दौरान गिराए गए जेट विमानों के बारे में अलग-अलग आंकड़े भी दिए हैं। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि वे अपनी बात में किस पक्ष के एयरक्राफ्ट की बात कर रहे थे।
भारत ने दावे को हर बार किया खारिज
ट्रंप से पूछा गया था कि पाकिस्तान के साथ सैन्य संघर्ष के दौरान यूएस कहां था। मतलब अमेरिका की क्या भूमिका थी। इस पर कूटनीतिक भाषा में जवाब देते हुए जयशंकर ने कहा था, यूएस, यूनाइटेड स्टेट्स आफ अमेरिका में था। उनके इस जवाब का मतलब था कि अमेरिका का भारत पाकिस्तान सीजफायर में कोई भूमिका नहीं थी। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने भी सीजफायर में किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप को खारिज किया था। उन्होंने कहा था, पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल आफ मिलिट्री आपरेशन ने हॉटलाइन पर अपने भारतीय समकक्ष से संपर्क किया और संघर्ष खत्म का अनुरोध किया, जिसके परिणामस्वरूप दोनों देशों के बीच युद्धविराम समझौता हुआ।
13 महीनों की उपलब्धियों को गिनाया
ट्रंप ने अपने पहले 13 महीनों की उपलब्धियों को गिनाया और कहा कि अमेरिका में कभी नहीं देखा गया बदलाव आया है। उन्होंने अर्थव्यवस्था, सीमा सुरक्षा, ड्रग्स कंट्रोल और अंतरराष्ट्रीय स्थिति पर जोर दिया। ट्रंप ने संबोधन की शुरुआत में कहा, मैंने एक ऐसे देश की कमान संभाली थी जो संकट में था। रिकॉर्ड महंगाई, युद्ध और वैश्विक अराजकता फैली हुई थी, लेकिन आज मैं गर्व से कह सकता हूं कि हमने ऐसा बदलाव किया है जो किसी ने पहले नहीं देखा, और यह उलटफेर युगों का है।
अमेरिका का गोल्डन एज शुरू हो गया
ट्रंप ने दावा किया कि अर्थव्यवस्था में तीन महीनों में ही रिकवरी हो गई है। गैस की कीमतें काफी कम हो गई हैं। हमारा देश पहले से बड़ा और मजबूत है। ट्रंप ने कहा कि हमारा देश पटरी पर वापस आ गया है. पहले से कहीं ज्यादा बड़ा, बेहतर, अमीर और मजबूत। अमेरिका का गोल्डन एज शुरू हो गया है। ट्रंप ने कहा, अब से 5 महीने से भी कम समय में हमारा देश अमेरिकी इतिहास में एक बड़ा मील का पत्थर मनाएगा। हमारी शानदारी, अमेरिकी आजादी की 250वीं सालगिरह पर। इस 4 जुलाई को हम धरती पर अब तक के सबसे अविश्वसनीय और खास देश में ढाई सदियों की आजादी, जीत, तरक्की और आजादी का जश्न मनाएंगे. हमने अभी तक कुछ भी नहीं देखा है। हम और बेहतर करने जा रहे हैं। यह अमेरिका का सुनहरा दौर है।
वेनेजुएला को बताया नया दोस्त
ट्रंप ने दावा किया कि देश में घरेलू विनिर्माण और नई नौकरियों में भारी उछाल आया है। हालांकि कई अमेरिकी अभी भी महसूस नहीं कर पा रहे कि अर्थव्यवस्था उनकी जेब पर असर डाल रही है। ट्रंप ने कहा, हमने ऐसा बदलाव किया है जैसा पहले कभी किसी ने नहीं देखा, और यह युगों का टर्नअराउंड है। हम कभी उस हालत में वापस नहीं जाएंगे जहां हम कुछ समय पहले थे। ट्रंप ने अपने भाषण में वेनेजुएला को नया दोस्त बताया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की ओर से टैरिफ को अवैध बताना दुर्भाग्यपूर्ण फैसला है।
अर्थव्यवस्था पर ट्रंप का फोकस
ट्रंप का मुख्य फोकस अर्थव्यवस्था रहा। उन्होंने वादा किया कि फैक्टरियां, रोजगार और निवेश बढ़ते रहेंगे। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लेविट ने बताया कि ट्रंप तर्क देंगे कि रिपब्लिकन ही जनता की जीवनयापन की चिंताओं को बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं। लेविट ने कहा, राष्ट्रपति यह केस बनाएंगे कि व्हाइट हाउस में उनके तीन और साल और कैपिटल हिल पर रिपब्लिकन के साथ हम अमेरिकी सपने को फिर हासिल कर सकते हैं -जैसा उनके पहले कार्यकाल में था, लेकिन जो बाइडेन और डेमोक्रेट्स के पिछले चार सालों में खो गया।