उत्तरप्रदेश के मैनपुरी जिले के जटपुरा में दर्दनाक हादसा हुआ है। बच्चे समेत तीन की मौत की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा टीनशेड़ के गिरने की वजह से हुआ। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने घटना की जानकारी ली।
By: Arvind Mishra
Mar 18, 202610:15 AM

लखनऊ। स्टार समाचार वेब
उत्तरप्रदेश के मैनपुरी जिले के जटपुरा में दर्दनाक हादसा हुआ है। बच्चे समेत तीन की मौत की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा टीनशेड़ के गिरने की वजह से हुआ। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने घटना की जानकारी ली। दरअसल, घर में सो रहे परिवार पर बीती रात कच्ची दीवार टिन शेड के साथ भरभराकर गिर गई। इससे मलबे में दबकर दो बच्चों सहित तीन की मौत हो गई और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। तीनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए ।
शेड भर भरा कर गिरा
पुलिस के अनुसार, कुरावली थाना क्षेत्र के गांव आठपुरा निवासी बृजेश कुमार जाटव पुत्र लालसिंह का गांव में कच्चा मकान बना हुआ है। रात्रि 11 बजे बृजेश अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ कच्ची दीवार के ऊपर रखी टिनशेड के नीचे लेटे हुए थे, अचानक कच्ची दीवार और इस पर रखा टिन शेड भर भरा कर गिर गया।
सभी लोग मलबे में दगे
दीवार के मलबे में सभी लोग दब गए। आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने मलबे में दबे सभी को बाहर निकाला। जब तक सभी को मलबे से बाहर निकाला गया तब तक 40 बर्षीय रुबी पत्नी बृजेश कुमार, 8 बर्षीय दिलीप कुमार पुत्र बृजेश कुमार, 13 वर्षीय बेबी पुत्री बृजेश कुमार की मौत हो चुकी थी।
घायलों को भेजा अस्पताल
बृजेश कुमार, गुड़िया पुत्री बृजेश, पल्लवी पुत्री बृजेश गंभीर रुप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर इंस्पेक्टर ललित भाटी मय पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने तीनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, है। साथ ही तीनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मकान का निर्माण करा रहे थे बृजेश
बृजेश कुमार अपने मकान का निर्माण कार्य करा रहे थे, जिसके लिए उन्होने कच्ची दीवार के पास ही दूसरी दीवार बनाने के लिए नींव खोदी थी। इस नींव में पानी भर गया गया था, जिससे कच्ची दीवार भी एक तरफ झुक गई थी। कच्ची दीवार काफी कमजोर भी हो गई थी, जो रात्रि को भरभराकर गिर गई।
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