केंद्रीय मंत्रिमंडल ने NCDC को ₹2000 करोड़ और भारतीय रेलवे को ₹11169 करोड़ की परियोजनाओं को दी मंजूरी। जानें इन फैसलों से सहकारिता, डेयरी, रेलवे और देश के बुनियादी ढांचे पर क्या होगा असर। आज के कैबिनेट फैसलों की पूरी जानकारी।

मोदी कैबिनेट(फाइल)
नई दिल्ली: स्टार समाचार वेब
केंद्र सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) को 2025-26 से 2028-29 तक चार साल की अवधि के लिए 2000 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, भारतीय रेलवे में 11,169 करोड़ रुपये की चार मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को भी हरी झंडी मिल गई है।

पीयूष गोयल.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने NCDC को 2000 करोड़ रुपये की पूंजी अनुदान सहायता देने का फैसला किया है। अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस सहायता से NCDC अगले चार वर्षों में खुले बाजार से 20,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त जुटाने में सक्षम होगा। इस राशि का उपयोग नई परियोजनाओं की स्थापना, मौजूदा संयंत्रों के विस्तार, सहकारी समितियों को ऋण देने और उनकी कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा।
सरकार का अनुमान है कि इस कदम से देश भर में डेयरी, पशुधन, मत्स्य पालन, चीनी, कपड़ा, खाद्य प्रसंस्करण, भंडारण और कोल्ड स्टोरेज जैसे विभिन्न क्षेत्रों की 13,288 सहकारी समितियों के 2.9 करोड़ सदस्यों को लाभ मिलेगा। इनमें बड़ी संख्या में श्रम और महिलाओं के नेतृत्व वाली सहकारी समितियां भी शामिल हैं। NCDC वर्तमान में 8.25 लाख से अधिक सहकारी समितियों को ऋण प्रदान करता है, जिनके 29 करोड़ सदस्य हैं और जिनमें से 94% किसान हैं। मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि NCDC की ऋण वसूली दर 99.8% है और NPA (गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां) शून्य है, जो इसकी मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।
भारतीय रेलवे नेटवर्क का विस्तार
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए भी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनकी कुल लागत लगभग 11,169 करोड़ रुपये है।
1. इटारसी-नागपुर के बीच चौथी रेलवे लाइन:
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री ने इटारसी और नागपुर के बीच चौथी रेलवे लाइन को मंजूरी दी है। यह लाइन दिल्ली और चेन्नई के साथ-साथ मुंबई और हावड़ा को जोड़ने वाले उच्च-घनत्व वाले गलियारे पर बनेगी, जो देश के चारों दिशाओं का मिलन बिंदु है।
2. चार मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएं:
कैबिनेट ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और झारखंड राज्यों के 13 जिलों को कवर करने वाली चार मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं से भारतीय रेलवे का मौजूदा नेटवर्क लगभग 574 किलोमीटर बढ़ जाएगा।
3. अलुआबाड़ी से न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे लाइन का विस्तार:
पूर्वोत्तर की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए अलुआबाड़ी और न्यू जलपाईगुड़ी के बीच 57 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी रेलवे लाइन का विस्तार किया जाएगा। यह लाइन बिहार से बंगाल के सिलीगुड़ी तक फैली हुई है।
4. छत्रपति संभाजी नगर से परभणी तक रेलवे लाइन का दोहरीकरण:
मराठवाड़ा क्षेत्र की कनेक्टिविटी के लिए छत्रपति संभाजी नगर से परभणी तक 177 किलोमीटर लंबी सिंगल रेलवे लाइन का दोहरीकरण किया जाएगा। इस परियोजना का बजट 2,179 करोड़ रुपये है। मंत्री ने बताया कि इससे इस औद्योगिक क्षेत्र में कई उद्योगों को बंदरगाहों से जोड़ने में मदद मिलेगी और देश को लॉजिस्टिक्स लागत में लगभग 1,714 करोड़ रुपये की बचत होगी। इस परियोजना में 28 बड़े पुल और 161 छोटे पुल शामिल होंगे।

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