2 मार्च 2026 का पंचांग: फाल्गुन शुक्ल त्रयोदशी, सोम प्रदोष व्रत और अश्लेषा नक्षत्र। जानें आज का शुभ समय, राहुकाल और सूर्य-चंद्र की स्थिति हिंदी में।
By: Star News
Mar 02, 20261:05 AM
धर्म डेस्क. स्टार समाचार वेब
2 मार्च 2026 का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। सोमवार का दिन होने के कारण आज 'सोम प्रदोष व्रत' का पावन संयोग बन रहा है, जो भगवान शिव की आराधना के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। इसके साथ ही, कल होने वाले इस सदी के सबसे लंबे चंद्र ग्रहण (3 मार्च) से पूर्व आज का दिन मानसिक शांति और आध्यात्मिक तैयारी के लिए विशेष है। आइए जानते हैं आज के शुभ-अशुभ मुहूर्त और ग्रहों की स्थिति।
दिनांक: 2 मार्च 2026
दिन: सोमवार (Monday)
मास: फाल्गुन (Phalguna)
पक्ष: शुक्ल पक्ष (Shukla Paksha)
तिथि: त्रयोदशी (Trayodashi) - शाम 05:42 PM तक, उसके बाद चतुर्दशी प्रारंभ।
नक्षत्र: अश्लेषा (Ashlesha) - रात 10:15 PM तक, उसके बाद मघा नक्षत्र प्रारंभ।
योग: अतिगण्ड (Atiganda) - दोपहर 02:30 PM तक, उसके बाद सुकर्मा योग।
करण: तैतिल (Taitila) - सुबह 06:10 AM तक, फिर गर।
सूर्योदय: सुबह 06:44 AM
सूर्यास्त: शाम 06:21 PM
चन्द्रोदय: दोपहर 03:52 PM
चन्द्रास्त: अगले दिन सुबह 05:35 AM (3 मार्च)
चंद्र राशि: कर्क (Cancer) - रात 10:15 PM तक, उसके बाद सिंह राशि में प्रवेश।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:09 PM से 12:56 PM तक (शुभ कार्यों के लिए उत्तम)।
अमृत काल: रात 08:35 PM से 10:15 PM तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:29 PM से 03:16 PM तक।
राहुकाल: सुबह 08:11 AM से 09:38 AM तक (इस दौरान शुभ कार्य वर्जित हैं)।
यमगण्ड: सुबह 11:05 AM से 12:33 PM तक।
गुलिक काल: दोपहर 02:00 PM से 03:27 PM तक।
आज सोमवार को त्रयोदशी होने से सोम प्रदोष का व्रत रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के समय) में शिव जी की पूजा करने से चंद्र दोष से मुक्ति मिलती है और मानसिक शांति प्राप्त होती है। चूंकि कल यानी 3 मार्च को चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है, इसलिए आज भगवान शिव का अभिषेक करना ग्रहण के नकारात्मक प्रभावों को कम करने में सहायक होगा।