जिला अस्पताल सहित मैहर और अमरपाटन सिविल अस्पताल में आभा आईडी पंजीयन को लेकर मरीजों की भारी भीड़ उमड़ी। डायरेक्ट्रेट के निर्देश अनुसार पैथोलॉजिकल जांच अब आभा आईडी से ही की जा रही है। केवल आपात स्थिति में ही बिना आभा आईडी जांच की अनुमति दी जा रही है। दो दिनों में कुल 1139 मरीजों ने पंजीयन कराया।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
जिला अस्पताल में मौसम जनित बीमारियों के मरीजों की संख्या में इस समय बृद्धि देखने को मिल रही है। इनमे से अधिकांश मरीजों को पैथालॉजिकल जांच के लिए भी सलाह दी जा रही है। डायरेक्ट्रेट के निदेर्शानुसार वर्तमान में ओपीडी और भर्ती मरीजों को पैथालॉजिकल जांच कराने के लिए आभा आईडी अनिवार्य कर दी गई है। इसके लिए जिला अस्पताल के नैदानिक केंद्र में अलग से विंडो काउंटर संचालित किया जा रहा है। इस काउंटर में भी मरीज अपना आभा आईडी पंजीयन कराने के लिए लाइन में खड़े नजर आ रहे हैं। जिले में जिला अस्पताल, सिविल अस्पताल मैहर और सिविल हॉस्पिटल अमरपाटन में लैब जांच में आभा आईडी के बाद ही पैथोलोजिकल जांचे की जा रही हैं। बीते दो दिनों 19 एवं 20 अगस्त को जारी आंकड़ों के मुताबिक दो दिनों में तीनो जगह में कुल 1139 मरीजों ने पैथोलोजिकल जांच के लिए अपना पंजीयन कराया। जिसमे से 1079 मरीजों की आभा आईडी बनाकर जांच की गई वहीं 60 मरीजों की जांच बिना आभा आईडी के की गई।
दो दिनों में जिला अस्पताल लैब पहुंचे 700 मरीज
जिला अस्पताल से मिले आंकड़ों के मुताबिक बीते दो दिन में 700 मरीज लैब में अपनी पैथोलोजिकल जांच कराने पहुंचे। जिसमे से 649 मरीजों की आभा आईडी बनाकर खून आदि की जांच की गई, जबकि 51 मरीजों के पास उपलब्ध दस्तावेज न होने के चलते एमरजेंसी में बिना आभा आईडी के ही पैथोलोजिकल जांच की गई। इसी प्रकार सिविल अस्पताल मैहर में दो दिनों में 261 मरीजों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया जिसमे से 256 मरीजों की जांच आभा आईडी बनाकर जबकि पांच मरीजों की बिना आभा आईडी के जांच की गई। सिविल अस्पताल अमरपाटन की बात करें तो यहां दो दिनों में 178 मरीजों ने रजिस्ट्रेशन कराया जिसमे से 174 मरीजों को आभा आईडी बनाकर जांच की गई, शेष मरीजों को बिना आईडी के ही लाभ दिया गया।

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