रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में एक बड़ा मोड़ आ गया है. अमेरिका ने यूक्रेन को दी जाने वाली कुछ सैन्य सहायता पर रोक लगा दी है, जिसमें पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम भी शामिल है. जानें इस फैसले के पीछे के कारण और यूक्रेन पर इसके संभावित प्रभाव.

वाशिंगटन/कीव: स्टार समाचार वेब.
बड़ी खबर आई है.. रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक बड़ा घटनाक्रम घटा है। अमेरिका ने यूक्रेन को दी जाने वाली कुछ सैन्य सहायता पर रोक लगा दी है. व्हाइट हाउस और अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने इस निर्णय की पुष्टि की है। इस फैसले के बाद यूक्रेन को अब पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइलें सहित कुछ प्रमुख सैन्य शिपमेंट नहीं मिलेंगे. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब रूस यूक्रेन पर अपने हमले तेज कर रहा है.
क्यों लिया गया यह फैसला?
अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय पेंटागन द्वारा अपने सैन्य भंडारों की गहन समीक्षा के बाद लिया गया है. समीक्षा में पाया गया है कि अमेरिका के पास कुछ प्रमुख हथियारों का स्टॉक चिंताजनक रूप से कम हो गया है. व्हाइट हाउस की उप प्रेस सचिव एना कैली ने एक बयान में कहा, "यह फैसला हमारे देश के सैन्य समर्थन और दुनिया भर के अन्य देशों को सहायता की समीक्षा के बाद अमेरिका के हितों को सर्वोपरि रखने के लिए किया गया है." यह मौजूदा अमेरिकी प्रशासन की नई प्राथमिकताओं को भी दर्शाता है.
यूक्रेन पर क्या होगा असर?
अमेरिका द्वारा सैन्य सहायता रोके जाने से यूक्रेन को बड़ा झटका लगा है. यूक्रेन रूस के बढ़ते हमलों का सामना करने के लिए अमेरिकी हथियारों पर काफी हद तक निर्भर रहा है, विशेष रूप से एयर डिफेंस सिस्टम और सटीक मारक क्षमता वाले गोला-बारूद पर. विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से यूक्रेन की रक्षात्मक और आक्रामक दोनों क्षमताएं कमजोर होंगी, जिससे रूसी सेना को फायदा मिल सकता है. यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राजनयिक को तलब किया है और चेतावनी दी है कि सैन्य सहायता में किसी भी तरह की देरी या हिचकिचाहट रूस को युद्ध जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
66 अरब डॉलर दे चुका है अमेरिका
फरवरी 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिका ने यूक्रेन को 66 अरब डॉलर से अधिक की सैन्य मदद और हथियार उपलब्ध कराए हैं. लेकिन अब, अमेरिका अपने रणनीतिक भंडार को प्राथमिकता देते हुए कुछ रक्षा उपकरणों की आपूर्ति पर रोक लगा रहा है. यूक्रेन के सैन्य अधिकारियों ने अपनी चिंता व्यक्त की है कि अमेरिकी गोला-बारूद के बिना उनके लिए रूस का मुकाबला करना मुश्किल होगा, भले ही यूरोपीय सहयोगी अपनी ओर से पूरी कोशिश कर रहे हों.
रूस की प्रतिक्रिया
क्रेमलिन ने अमेरिका के इस फैसले का स्वागत किया है. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा, "जितने कम हथियार यूक्रेन को दिए जाएंगे, विशेष सैन्य अभियान का अंत उतना ही करीब आएगा."
सोर्स: मीडिया रिपोर्ट्स

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