कनाडा की प्रसिद्ध कवयित्री, निबंधकार और अनुवादक ऐनी कार्सन को साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला। जानिए उनकी प्रमुख कृतियों, शास्त्रीय शैलियों के मिश्रण और अन्य नोबेल विजेताओं के बारे में पूरी जानकारी।

कनाडा की प्रसिद्ध कवयित्री, निबंधकार और अनुवादक ऐनी कार्सन (Anne Carson) को साहित्य का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया है। उन्हें यह सम्मान उनकी उन रचनाओं के लिए मिला है, जिनमें शास्त्रीय (क्लासिकल) और आधुनिक शैलियों का एक अद्भुत मिश्रण देखने को मिलता है। टोरंटो में जन्मी 76 वर्षीय कार्सन अपनी कृतियों में प्राचीन ग्रीक और रोमन साहित्य के विषयों और कहानियों का प्रभावी ढंग से उपयोग करती हैं। उनकी रचनाओं में अक्सर कविता, निबंध और गल्प (फिक्शन) के तत्व आपस में घुले-मिले होते हैं। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार की पुरस्कार राशि एक करोड़ दो लाख स्वीडिश क्रोनर यानी करीब साढ़े ग्यारह करोड़ रुपये है।
स्वीडिश अकादमी के स्थायी सचिव इंग्रिड कार्लबर्ग ने बताया कि जब अकादमी ने लेखिका को उनकी जीत की सूचना देने के लिए संपर्क किया, तो वह आइसलैंड में थीं और प्रकृति के बीच हवा की सरसराहट सुन रही थीं। इंग्रिड कार्लबर्ग के अनुसार, यह खबर पाकर वह बहुत अचंभित हुईं। कार्सन साहित्य के नोबेल पुरस्कार के हालिया हाई-प्रोफाइल विजेताओं में शामिल हैं। हालांकि, यह पुरस्कार अक्सर ऐसे लेखकों को दिया जाता है जो साहित्य की दुनिया के बाहर बहुत कम जाने जाते हैं, और कभी-कभी इसकी आलोचना भी होती है क्योंकि इसमें आम पाठकों से जुड़ने की क्षमता के बजाय साहित्यिक प्रयोगों को अधिक महत्व दिया जाता है। इसके बावजूद, यह पुरस्कार पाठकों को उनकी अपनी भाषाओं या पढ़ने की आदतों से परे जाकर अनूठे लेखकों और उनकी रचनाओं से परिचित कराता है।
कार्सन की प्रमुख किताबों में शास्त्रीय ग्रीक अनुवादों से लेकर आधुनिक कविताएं तक शामिल हैं। उनकी उल्लेखनीय रचनाएं ......
"Eros the Bittersweet": इसमें प्राचीन ग्रीक साहित्य में इच्छा से मिलने वाले सुख और दुख पर विस्तार से बात की गई है।
"Autobiography of Red": यह कविता-शैली में लिखा गया एक अनूठा उपन्यास है।
"Men in the Off Hours": यह कविताओं और गद्य का संग्रह है, जिसे 2001 में कविता के लिए कनाडा का प्रतिष्ठित ग्रिफिन प्राइज़ मिला था।
"Norma Jeane Baker of Troy": इसमें मर्लिन मुनरो और हेलेन ऑफ़ ट्रॉय की तुलना की गई है।
इसके अलावा, उन्होंने क्लासिकल ग्रीक साहित्य की कई रचनाओं के ऐसे अनुवाद किए हैं जिन्हें अकादमी ने “अपने आप में स्वतंत्र रचनाएं” माना है। इनमें सैफ़ो की कविताओं के अंशों पर आधारित “इफ़ नॉट, विंटर”, सोफ़ोकल्स के दुखद नाटक “इलेक्ट्रा” और “एंटीगोन” तथा यूरिपिडिस का “बक्काई” शामिल हैं।
नोबेल साहित्य समिति के अध्यक्ष एंडर्स ओल्सन ने कहा कि उनका लगभग सारा साहित्य शब्दों के प्रति भाषा-विशेषज्ञ के जुनून और नए अर्थों की तलाश करने वाले कवि की चाहत के मेल पर केंद्रित रहा है। प्राचीन यूनानियों से लेकर जॉन कीट्स, वर्जीनिया वुल्फ और एमिली ब्रोंटे तक, कार्सन पर कई महान साहित्यकारों का प्रभाव रहा है। ओल्सन ने कहा कि कार्सन अलग-अलग जॉनर और स्टाइल को मिलाकर ऐसी आवाजें पेश करती हैं जो एक-दूसरे के साथ खूबसूरत तालमेल बिठाती हैं। 1999 की किताब “इकोनॉमी ऑफ़ द अनलॉस्ट” (Economy of the Unlost) प्राचीन यूनानी कवि साइमोनिडीज़ ऑफ़ केओस की तुलना 20वीं सदी के कवि पॉल सेलान से करती है, जबकि “मेन इन द ऑफ़ आवर्स” इतिहासकार थ्यूसिडाइड्स (Thucydides) को वर्जीनिया वूल्फ के साथ जोड़ती है।
कार्सन ने उत्तरी अमेरिका की कई यूनिवर्सिटीज़ में क्लासिक्स पढ़ाया है और वह आइसलैंड में भी रही हैं, जहाँ उन्हें और उनके पति रॉबर्ट करी को 2022 में नागरिकता मिली थी। उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों का इस्तेमाल ‘नॉक्स’ (Nox) जैसी मार्मिक रचनाओं के लिए भी किया है। वर्ष 2010 में छपी इस किताब में उनके भाई माइकल के दशकों तक दूर रहने और फिर उनकी मौत का ज़िक्र है। ओल्सन ने इसे “साहित्यिक होने के साथ-साथ मूर्तिकला जैसा एक काम” कहा—एक बक्से के रूप में एक यादगार रचना, जिसमें तस्वीरें और चिट्ठियां शामिल हैं। उनके हाल के कामों में 2024 में आया व्यापक संग्रह “रॉन्ग नॉर्मा” (Wrong Norma) शामिल है, जिसमें उनके खुद के बनाए गए चित्र भी हैं।
इस पुरस्कार की घोषणा स्टॉकहोम में की गई। इस सप्ताह की शुरुआत में विज्ञान से जुड़े तीन पुरस्कारों की घोषणा की जा चुकी है, जिनमें मेडिसिन, फ़िज़िक्स और केमिस्ट्री के नोबेल पुरस्कार शामिल हैं। इस हफ्ते का समापन शुक्रवार को प्रतिष्ठित शांति पुरस्कार की घोषणा के साथ होगा, जबकि अर्थशास्त्र में नोबेल मेमोरियल पुरस्कार की घोषणा सोमवार को की जाएगी।

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