बांग्लादेश के फेनी जिले में हिंदू युवक समीर कुमार दास की नृशंस हत्या कर दी गई है। वहीं, राजशाही जेल में बंद सांस्कृतिक कार्यकर्ता प्रोलॉय चाकी की इलाज के अभाव में मौत हो गई।

बांग्लादेश के फेनी जिले में हिंदू युवक समीर कुमार दास की नृशंस हत्या कर दी गई
चटगांव/राजशाही। स्टार समाचार वेब
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालिया घटना चटगांव डिवीजन के फेनी जिले की है, जहाँ रविवार रात अज्ञात हमलावरों ने 28 वर्षीय हिंदू युवक समीर कुमार दास की बेरहमी से हत्या कर दी। समीर पेशे से ऑटोरिक्शा चालक था। पुलिस और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बदमाशों ने समीर को पहले बुरी तरह पीटा और फिर चाकू मारकर उसकी जान ले ली। हत्या के बाद अपराधी उसका ऑटोरिक्शा भी लूट कर फरार हो गए।
समीर कुमार दास रविवार शाम को काम के लिए घर से निकला था, लेकिन जब वह देर रात तक नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। रात करीब 2 बजे उसका शव जगतपुर गांव के एक सुनसान खेत में मिला। स्थानीय पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच से ऐसा प्रतीत होता है कि यह एक सोची-समझी साजिश (प्लानिंग) के तहत की गई हत्या है। घटनास्थल से देसी हथियार बरामद किए गए हैं। गौरतलब है कि पिछले 23 दिनों के भीतर बांग्लादेश में किसी हिंदू व्यक्ति की हत्या का यह सातवां मामला है, जो वहां अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
हिंदू समुदाय के लिए दूसरी दुखद खबर राजशाही जिले से आई है, जहाँ जेल में बंद प्रसिद्ध हिंदू गायक और सांस्कृतिक कार्यकर्ता प्रोलॉय चाकी की मौत हो गई। प्रोलॉय चाकी, जो प्रतिबंधित आवामी लीग के जिला सांस्कृतिक सचिव थे, उन्हें 11 जनवरी की रात जेल में दिल का दौरा पड़ा था। परिजनों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का आरोप है कि उन्हें समय पर उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्हें राजशाही मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ उन्होंने अंतिम सांस ली। प्रोलॉय प्रसिद्ध सांस्कृतिक आयोजक दिवंगत लक्ष्मी दास चाकी के पुत्र थे।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ टारगेटेड हिंसा का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। समीर दास की हत्या से कुछ दिन पहले, 5 जनवरी को नरसिंदी जिले में एक अन्य हिंदू दुकानदार शरत चक्रवर्ती मणि (40 वर्ष) की भी धारदार हथियारों से काटकर हत्या कर दी गई थी। इन घटनाओं ने वैश्विक स्तर पर मानवाधिकार संगठनों और हिंदू संगठनों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल, समीर दास की हत्या के मामले में पुलिस की जांच जारी है, लेकिन अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
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