छतरपुर में मानवीय संवेदनाओं को झकझोरने वाली घटनाएँ: बारिश में शव का अंतिम संस्कार मुश्किल, मरीज को खाट पर उठाकर ले जाने की मजबूरी। जानिए क्यों प्रशासन के दावों पर उठे सवाल और मंत्री की प्रतिक्रिया।

हाइलाइट्स
छतरपुर. स्टार समाचार वेब
छतरपुर जिले के चंदला विधानसभा क्षेत्र से दिल को कचोटने वाली दो तस्वीरें सामने आई हैं, जो सुविधाओं की भयावह कमी और मानवीय गरिमा के साथ खिलवाड़ को बयां कर रही हैं। एक तरफ जहां भारी बारिश में पन्नी से ढंककर अंतिम संस्कार करना। वहीं दूसरी ओर एक मरीज को कीचड़ भरे रास्ते से खाट पर लेकर जाना पड़ा। तस्वीरे प्रशासन की असंवेदनशीलता और विकास के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
प्लास्टिक से ढककर किया दाह संस्कार
कटहरा ग्राम पंचायत के मड़वा गांव में रोशनी शर्मा नामक एक महिला की बीमारी से मृत्यु हो गई। लेकिन बारिश ने उनके अंतिम संस्कार को भी एक अग्निपरीक्षा बना दिया। श्मशान घाट पर शेड न होने के कारण, परिजनों और ग्रामीणों को शवदाह के लिए जलती हुई चिता को प्लास्टिक की पन्नी और छतरी से ढकना पड़ा ताकि आग बारिश से बुझ न जाए। इस हृदय विदारक दृश्य में, ग्रामीण भीगते हुए ट्रैक्टर की ट्राली के नीचे बैठकर अंतिम संस्कार में शामिल होते दिखे। ग्रामीणों का दर्द छलक आया, उन्होंने बताया कि वर्षों से श्मशान घाट में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है और कई बार सरपंच-सचिव से गुहार लगाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई।
कीचड़ भरे रास्ते पर खाट पर लेटा मरीज
दूसरी तस्वीर गौरिहार जनपद की हटवा ग्राम पंचायत से आई है, जहाँ पक्की सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को एक मरीज को खाट पर उठाकर कीचड़ और पानी से भरे रास्ते से गुजरना पड़ा। यह दृश्य आज के दौर में भी ग्रामीण भारत की एक कड़वी सचाई बयाँ करता है, जहाँ स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुँचने के लिए लोगों को अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ती है। ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही हैं और प्रशासन की लापरवाही पर जनता के गुस्से को बढ़ा रही हैं।
मानवीय गरिमा को ठेस
ग्रामीणों का कहना है कि ये समस्याएँ नई नहीं हैं। वर्षों से वे लगातार शिकायतें करते आ रहे हैं, लेकिन हर बार सिर्फ खोखले आश्वासन ही मिले हैं। हालात जस के तस बने हुए हैं, जो न केवल आधारभूत ढांचे की बदहाली दिखाते हैं, बल्कि मानवीय गरिमा को भी चोट पहुँचाते हैं। इन तस्वीरों ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आधुनिकता की दौड़ में, क्या हम अपने ही लोगों को न्यूनतम सुविधाओं से भी वंचित छोड़ रहे हैं?
मंत्री बोले 'राजनीतिक साजिश'
हालातों पर चंदला यहां के विधायक और राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने इन विरोध प्रदर्शनों को "राजनीतिक साजिश" करार देते हुए कहा कि कुछ "कांग्रेसी मानसिकता" के लोग उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री ने दावा किया कि क्षेत्र में लगातार विकास कार्य चल रहे हैं, लेकिन उन्हें ज़मीन पर उतरने में समय लग रहा है।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्य प्रदेश में संभावित अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जारी की विस्तृत कार्ययोजना। जानें फसल चयन, जल संरक्षण और किसानों के लिए सरकार की नई तैयारियों के बारे में।
मध्य प्रदेश में मानसून ने दी दस्तक, पूरे राज्य में तेज बारिश का दौर जारी। मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया। जानें बारिश से जुड़ी ताजा अपडेट और सुरक्षा निर्देश।
दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 का कार्यक्रम घोषित! जानें कब होगा मतदान, क्या है राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने का कारण और कैसे लागू हुई आचार संहिता।
मध्य प्रदेश सरकार ने BLO और बीएलओ सुपरवाइजरों का मानदेय दोगुना किया। जानें नई मानदेय राशि, प्रभावी तिथि और त्रैमासिक भुगतान की पूरी जानकारी।
राजा रघुवंशी मर्डर केस में नया मोड़। मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की मांग की। जानिए क्या है पूरा मामला।
केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच विंध्य क्षेत्र को प्रतिनिधित्व मिलने की चर्चाएं तेज हैं। सतना सांसद गणेश सिंह और शहडोल सांसद हिमांद्री सिंह के नाम संभावित दावेदारों में प्रमुख बताए जा रहे हैं।
सतना जिले में हल्की बारिश के बाद भी घंटों बिजली गुल रहने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, पढ़ाई और कारोबार प्रभावित हैं, जबकि लोगों ने स्थायी समाधान की मांग उठाई है।
सतना में मानसून की पहली तेज बारिश ने स्मार्ट सिटी की तैयारियों की पोल खोल दी। कई कॉलोनियों, सड़कों और अंडरब्रिज में जलभराव हुआ, जबकि जिला अस्पताल और बस स्टैंड भी पानी से प्रभावित रहे।
सतना जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के कई पद रिक्त हैं, जिससे 1500 दैनिक मरीजों की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। दूसरी ओर संत मोतीराम स्वास्थ्य केंद्र नि:शुल्क उपचार देकर राहत पहुंचा रहा है।
मध्य प्रदेश में कैलाश विजयवर्गीय की कथित चिट्ठी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जानिए क्या है मामला, मुख्यमंत्री के खिलाफ नाराजगी की सच्चाई और इसके पीछे के राजनीतिक मायने।