चुनाव आयोग ने स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) डिजिटाइज़ेशन में 10% से भी कम प्रगति पर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर के कलेक्टरों को फटकारा। डायरेक्टर शुभ्रा सक्सेना ने कार्रवाई की चेतावनी दी।

भोपाल. स्टार समाचार वेब
चुनाव आयोग ने स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) के डिजिटाइज़ेशन (अंकिकरण) कार्य में धीमी प्रगति को लेकर एक बार फिर नाराज़गी जताई है। आयोग की डायरेक्टर शुभ्रा सक्सेना ने विशेष रूप से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर जैसे बड़े शहरों वाले ज़िलों के कलेक्टरों को फटकार लगाई है।
सक्सेना ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए हुई बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि अगली मीटिंग से पहले SSR (एसएसआर) डिजिटाइज़ेशन के काम में सुधार नहीं हुआ, तो कलेक्टरों समेत उनके अधीनस्थ कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बुधवार को हुई संवाद में यह सामने आया कि शहडोल, उमरिया, अनूपपुर जैसे छोटे ज़िलों की स्थिति में पिछली डांट के बाद सुधार आया है, लेकिन भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसे प्रमुख ज़िलों में डिजिटाइज़ेशन का प्रतिशत अब भी काफी कम है। डायरेक्टर शुभ्रा सक्सेना ने इन बड़े ज़िलों के कलेक्टरों से सख्त लहजे में कहा कि वे अपनी कार्यक्षमता में तुरंत सुधार लाएं, क्योंकि इन ज़िलों में डिजिटाइज़ेशन का प्रतिशत अभी दस प्रतिशत से भी कम है।
शुभ्रा सक्सेना ने कलेक्टरों को चेतावनी देते हुए कहा, "अगली बैठक के पहले अपना प्रदर्शन सुधार लें, अन्यथा आयोग कार्यवाही करेगा।"
भोपाल ज़िले में डिजिटाइज़ेशन का औसत प्रतिशत केवल 8.77 है। ज़िले में बैरसिया विधानसभा क्षेत्र ने सबसे बेहतर प्रगति (28.86%) दिखाई है। अन्य विधानसभा क्षेत्रों में यह प्रगति चिंताजनक रूप से धीमी है: भोपाल उत्तर: 5.07%, नरेला: 5.57%, भोपाल दक्षिण पश्चिम: 5.58%, भोपाल मध्य: 4.38%, गोविन्दपुरा: 5.69%, हुजूर: 10.80% काम हुआ है।

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