चित्रकूट में 18 से 22 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले दीपावली मेले में 30 से 35 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई गई है। मेले को 10 जोन में बांटा गया है और 142 एकड़ भूमि पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा के लिए उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश प्रशासन ने संयुक्त रूप से पुख्ता प्रबंध किए हैं।
By: Yogesh Patel
Sep 27, 20255:56 PM
हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
चित्रकूट में आगामी दीपावली मेला 18 अक्टूबर से 22 अक्टूबर तक आयोजित होगा। अमावस्या मेला के दौरान चित्रकूट में देश-देशांतर से आने वाले श्रद्धालु तीर्थ यात्रियों की सुविधाओं एवं आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में शुक्रवार को चित्रकूट के आरोग्य धाम के सभाकक्ष में मध्यप्रदेश शासन की नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी की अध्यक्षता में संपन्न बैठक में मेले की तैयारियों एवं सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में उत्तरप्रदेश के चित्रकूट जिला और सतना जिले के वरिष्ठ अधिकारियों की समन्वय के साथ अधिकारियों को जिम्मेदारी और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में मझगवां एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर ने दीपावली मेला प्रबंधन की पूरी व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा सुविधाओं के लिए किये जाने वाले प्रबंधों की जानकारी देते हुए बताया कि चित्रकूट के सम्पूर्ण मेला क्षेत्र को कुल 10 जोन में बांटा गया है। इनमें 142 एकड भूमि पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। मेले में लगभग 30 से 35 लाख लोगों के आने की संभावना के मद्देनजर व्यापक प्रबंध किये गये हैं।
चूंगी क्षतिपूर्ति की राशि दिलाई जाएगी
चित्रकूट अमावस्या मेले की व्यवस्थाओं के संबंध में राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा कि चित्रकूट के दीपावली मेला में अत्यधिक संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के चित्रकूट धाम और सतना जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के समन्वय के साथ पुख्ता प्रबंध किये जाये। उन्होंने कहा कि बडी संख्या में श्रद्धालु मां मंदाकिनी में पवित्र स्नान भी करते हैं। मंदाकिनी नदी के घाटों पर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ के आपदा प्रबंधन उपकरणों के साथ टीम और स्थानीय तैराक गोताखोरों को भी तैनात किया जाये। नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट के दीपावली मेला के व्यापक प्रबंधन को देखते हुए नगर पंचायत चित्रकूट को राज्य शासन से मिलने वाली चूंगी क्षतिपूर्ति की राशि दिलाये जाने के प्रयास किये जायेंगे।
सभी निर्माण 15 तक पूर्ण करने के निर्देश
सांसद गणेश सिंह ने कहा कि मेले के दौरान प्लास्टिक तथा पन्नी, थर्मोकॉल से बनी चीजों का उपयोग हतोत्साहित करे और स्वदेशी वस्तुओं को प्रोत्साहन दिया जाये। आयुक्त रीवा संभाग बीएस जामोद ने कहा कि मेला के पूर्व 15 अक्टूबर तक सभी निर्माण कार्य यथा स्थिति पूर्ण कर सुरक्षित कर ले ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो। उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश के चित्रकूट धाम और सतना जिले के मेले में जिम्मेदारी संभाल रहे सभी अधिकारी एक-दूसरे के संपर्क में रहकर टीम के रूप में कार्य करते हुए मेले का सफल संचालन करें। कलेक्टर सतना डॉ. सतीश कुमार एस ने कहा कि बैठक में जितने भी बिंदु आये है सभी में उ.प्र. और म.प्र. के मेला प्रक्षेत्र में दोनों जिलों की टीम से समन्वय स्थापित करते हुए श्रद्धालुओं की सुगम व्यवस्था की जायेगी।
साधू-संतों की बैठक में दी गई तैयारियों की जानकारी
चित्रकूट में आगामी दीपावली मेला के दौरान चित्रकूट में देश-देशांतर से आने वाले श्रद्धालु तीर्थ यात्रियों की सुविधाओं एवं आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में की जा रही कार्यवाही एवं कार्ययोजना की जानकारी चित्रकूट के साधू-संत, आश्रम संचालक, स्वयं सेवी संस्थाओं एवं संगठनों तथा स्थानीय गणमान्य नागरिकों की बैठक लेकर दी गई। इस मौके पर संत रामहदय दास, सनकादीक महाराज, मदनगोपाल दास, उपस्थित थे।
100 करोड़ की योजना
बैठक में बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा चित्रकूट के समग्र विकास के लिए 100 करोड लागत की बृहद योजना बनाई गई है जो शीघ्र ही मूर्त रूप लेगी। उन्होंने कहा कि चित्रकूट विकास कार्य आप सबके परामर्श और मंशा के अनुरूप ही किये जायेंगे। संत रामहदय दास ने कहा कि दीपावली मेले में लगभग 40 से 50 लाख लोग चित्रकूट आते है और एक करोड से अधिक दीपक जलाकर दीपदान करते हैं। जो कि दीपावली मेले के लिए गौरव की बात है। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने कहा कि चित्रकूट विकास और दीपावली मेला प्रबंधन के लिए साधू-संतों तथा स्थानीय प्रबुद्धजनों के जो सुझाव प्राप्त हुए है उन्हें धरातल पर उतारने का प्रयास किया जायेगा।
ये रहे मौजूद
इस मौके पर सांसद गणेश सिंह, विधायक चित्रकूट सुरेन्द्र सिंह गहरवार, नगर पालिका अध्यक्ष साधना पटेल, कमिश्नर रीवा संभाग बीएस जामोद, डीआईजी हेमंत चैहान, कलेक्टर सतना डॉ. सतीश कुमार एस, कलेक्टर चित्रकूट शिवशरण अप्पा, पुलिस अधीक्षक चित्रकूट अरूण कुमार सिंह, पद्मश्री डॉ. बीके जैन, डीआरआई के संगठन सचिव अभय महाजन, बसंत पंडित, सीईओ जिला पंचायत संजना जैन, आयुक्त नगर निगम शेर सिंह मीना, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रेमलाल धुर्वे, एसडीएम मझगवां महिपाल सिंह गुर्जर, आरटीओ संजय श्रीवास्तव, कार्यपालन यंत्री पीडब्ल्यूडी बीआर सिंह, एसडीओपी राजेश सिंह बंजारे, सीएमओ अंकित सोनी, सीईओ जनपद सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।