सतना और मैहर जिले के 8 शासकीय महाविद्यालय अभी भी स्कूल भवनों में संचालित हो रहे हैं। वर्षों से भवन निर्माण अधूरा, संसाधनों का अभाव और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर संकट। क्या सरकार देगी ध्यान?

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
कॉलेज का नाम आते ही छात्रों के मन में एक भव्य इमारत, विशाल पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं और हरे-भरे कैम्पस की तस्वीर जहन में आती है, लेकिन सतना-मैहर जिले के 8 शासकीय कॉलेजों की हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। यहां कॉलेज की पढ़ाई स्कूलों के पुराने कमरों में हो रही है, जिससे छात्रों और अभिभावकों में गहरी नाराजगी है। बताया जाता है कि सतना जिले में कुल 10 शासकीय महाविद्यालय हैं, जबकि मैहर में 8 हैं। सरकार ने जिला मुख्यालय के अलावा विकासखंड स्तरों में भी ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को राहत देते हुए स्थानीय क्षेत्रों में महाविद्यालय तो खोले गए, लेकिन व्यवस्थाएं व सुविधाएं न होने छात्रों के सपने साकार नहीं हो पा रहे है। सतना-मैहर जिले के 4-4 महाविद्यालय स्कूल के 2-4 कमरों में सीमित हो कर संचालित हो रहे हैं। इससे न केवल छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बल्कि महाविद्यालय का शैक्षणिक वातावरण भी गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। कुल मिला स्कूल के साथ-साथ महाविद्यालय के छात्रों का भी भविष्य दाव पर लग रहा है। शिक्षकों का भी कहना है कि ऐसी स्थिति में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना बेहद कठिन है। संसाधनों की कमी के कारण शिक्षण प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
इन सुविधाओं से छात्र वंचित
ये महाविद्यालय स्कूलों के भवन में संचालित
सतना जिला
कॉलेज नाम कब खुला भवन की स्थिति
शा.महा.उचेहरा 2013 बिल्डिंग तैयार लेकिन शिफ्ट होना बाकी
शा. महा. बिरसिंंहपुर 2018 भूमि, राशि आवंटित, काम शुरू नहीं
शा. महा. रैगांव 2021 भूमि आवंटित, राशि नहीं मिली
शा.महा. कोठी 2023 भूमि आवंटित ,राशि नहीं मिली
मैहर जिला
शा. महा. अमदरा 2015 स्वयं का भवन तैयार, शिफ्ट नहीं
शा. महा. बदेरा 2015 स्वयं का भवन तैयार, शिफ्ट नहीं
शा.महा. नादन 2017 स्वयं का भवन निर्माणाधीन
शा.महा. ताला 2018 स्वयं का भवन निर्माणाधीन


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
हनुमान जयंती 2026 के अवसर पर आज मध्य प्रदेश के भोपाल में यातायात प्रभावित रहेगा. शाम 4 बजे से ट्रैफिक पूरी तरह से प्रभावित रहेगा. मध्य प्रदेश ट्रैफिक पुलिस ने भोपाल के लिए रूट डायवर्जन प्लान जारी किया है. घर से निकलने से पहले डायवर्टेड रूट के बारे में जरूर जान लें.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का भ्रमण किया। सिंहस्थ-2028 के लिए क्राउड मैनेजमेंट और सुशासन को लेकर MP-UP के बीच नई रणनीति तैयार।
रीवा-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस एक्सप्रेस को नियमित करने की मंजूरी मिल गई है। चार साल से एक्सटेंशन पर चल रही ट्रेन जल्द नियमित होगी, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
रीवा के लोही गांव में वृद्ध महिला की बेरहमी से हत्या कर सिर काटकर ले जाया गया। पुलिस ने सर्च में सिर बरामद किया, मामले की जांच जारी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
रीवा में अमहिया रोड चौड़ीकरण से पहले प्रशासन सख्त हुआ। करीब 200 दुकानें प्रभावित हैं। दुकानदारों को स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए, अन्यथा बुलडोजर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सिंगरौली के मुहेर गांव में नल-जल योजना विफल होने से ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। जल संकट गहराने से बीमारियों का खतरा बढ़ा, प्रशासन की अनदेखी पर लोगों में भारी आक्रोश है।
सिंगरौली के मुहेर गांव में नल-जल योजना विफल होने से ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। जल संकट गहराने से बीमारियों का खतरा बढ़ा, प्रशासन की अनदेखी पर लोगों में भारी आक्रोश है।
रामनगर सीएचसी में ब्लड स्टोरेज सेंटर का लाइसेंस खत्म होने से मरीजों को सतना तक 70 किमी जाना पड़ रहा है। संसाधनों की कमी से सुविधा शुरू नहीं हो सकी, जिससे गंभीर मरीजों को परेशानी हो रही है।
सतना के उचेहरा में मजदूरी मांगने पर अधेड़ की बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोप है कि पहले शराब पिलाई गई और फिर पीट-पीटकर घायल किया गया, जिसकी अस्पताल में मौत हो गई।
रीवा संभाग में गेहूं उत्पादन 4.19 लाख एमटी अनुमानित है। सतना और रीवा आगे हैं, जबकि मऊगंज और सिंगरौली पीछे। पंजीकृत किसानों में से केवल आधे ही समर्थन मूल्य पर उपज बेच पाएंगे।