कोठी से सिंहपुर मार्ग की सड़कें अब जर्जर होकर हादसों को न्योता दे रही हैं। गड्ढों से भरी इस सड़क पर वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया है। विभाग की लापरवाही और मेंटेनेंस में अनियमितता के कारण सड़कें बीमार हैं और मरम्मत का कोई इंतजाम नहीं। स्थानीय लोग आंदोलन के मूड में हैं और प्रशासन पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सड़कों की बिगड़ी हालत से यात्रियों को शारीरिक और आर्थिक दोनों नुकसान झेलने पड़ रहे हैं।

हाइलाइट्स:
कोठी, स्टार समाचार वेब
सड़क विभाग एवं जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते सड़कों की हालत बद से बदतर होती जा रही है। सड़कों के गड्ढे रूपी जख्म दिन प्रतिदिन गहरे होते जा रहे हैं, और इन पर मरहम लगाने वाला भी कोई नहीं है, जिस कारण बीमार सड़क दुघर्टनाओं का कारण बन रही है।
शारीरिक व आर्थिक नुकसान
खस्ताहाल सड़कों की वजह से जहां एक तरफ लोग दुघर्टनाग्रस्त होकर घायल हो रहे हैं, वहीं वाहनों के पार्ट्स भी खराब होने व अधिक ईंधन खर्च होने से लोगों को आर्थिक क्षति भी हो रही है।
आंदोलित हो रहे लोग
लम्बे समय से बीमार इस सड़क के कारण हो रही दिक्कतों से जूझ रहे लोग अब लामबद होकर आंदोलन के मूड में हैं। क्षेत्रीय लोगों को कहना है कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों को इरादतन दुर्घटना का आरोपी नहीं बनाया जाता तब तक सड़क की हालत सुधरने वाली नहीं है, क्योंकि हर वर्ष मेंटेनेंस होता है और वह बनते ही उखड़ जाती है जिससे यह समस्या और अधिक बढ़ जाती है, जबकि कई करोड़ का हिसाब किताब सड़क के मेंटेनेंस के नाम पर किया जाता है।
नदारत है साइड पट्टी
आरोप है कि सड़कों के किनारे की पट्टी का भी अता-पता नहीं है और खरपतवार भी सड़कों तक आ पहुंचा है, जिससे सुंदरा सेमरिया राज्य मार्ग बुरी तरह जर्जर हो चुका है। यहां पूरे दिन के साथ-साथ रात में भी वाहनों का दबाव बहुत अधिक रहता है क्योंकि यह है मार्ग नेशनल हाईवे से जुड़ता है। अकेले कोठी से सिंहपुर तक 20 किलोमीटर के मार्ग में ही सैकड़ों की संख्या में ऐसे छोटे-बड़े गड्ढे हैं, जिनकी वजह से लोग काफी परेशान हैं।
मैं 4 दिन पहले कोठी से सिंहपुर मार्ग से होते हुए देवेंद्रनगर गया था, रास्ते में इतने अधिक गड्ढे हैं कि मुझे समय तो अधिक लगा ही साथ ही मेरा पूरा शरीर दर्द करने लगा। इन गड्डों के कारण मेरी मोटरसाइकिल सही तरीके से कहीं चल ही नहीं पा रही थी। 500 मीटर तक की सड़क ऐसी नहीं मिली जहां गड्ढे न हों। रास्ते में बड़े-बड़े वाहन आते-जाते हैं जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
रामचरण शर्मा, स्थानीय निवासी
यह संवेदनशील मामला है, क्योंकि सड़क सुरक्षा को जिम्मेदार ऐसे ही दरकिनार नहीं कर सकते। समाचार पत्रों में समाचार प्रकाशित होने के बाद भी जिम्मेदारों का नींद से ना जागना दुर्भाग्यपूर्ण है। अब तो ऐसा प्रतीत होने लगा है कि होने वाली दुर्घटनाओं में सह आरोपी जिम्मेदारों को भी बनाया जाना चाहिए, क्योंकि अनदेखी के कारण ही हादसे हो रहे हैं।
आशीष तिवारी, इंजीनियर
मेरा घर कोठी झाली चौराहे पर बना हुआ है, जहां से छोटे-बड़े वाहन दिनभर गुजरते हैं। सड़कों पर इतने अधिक गड्ढे हैं कि ठीक से लोग चल भी नहीं पा रहे जिससे छोटे वाहनों को अधिक परेशानी होती है और वह दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। संबंधित अधिकारियों से मांग है कि वह इस समस्या का समाधान शीघ्र करें।
श्याम तिवारी, स्थानीय निवासी


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