मध्य प्रदेश के बजट को सीएम मोहन यादव ने इसे 'GYAN' और विकास आधारित बताया, जबकि कमलनाथ ने इसे चुनावी वादों से विश्वासघात करार दिया।
By: Ajay Tiwari
Feb 18, 20263:38 PM
भोपाल. स्टार समाचार वेब
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बजट को पीएम के GYAN (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी) और 'I' (Industry & Infrastructure) पर आधारित बताते हुए इसे प्रदेश के सर्वांगीण विकास का रोडमैप करार दिया है। उन्होंने साफ किया कि यह देश का पहला 'रोलिंग बजट' है, जो केवल एक वर्ष के लिए नहीं बल्कि आगामी दो वर्षों की रूपरेखा (वर्ष 2026-27 हेतु ₹4.38 लाख करोड़ का प्रावधान) तय करता है। मुख्यमंत्री ने इसे "समृद्ध, सुखद, संपन्न और संस्कृतिमय मध्यप्रदेश" के ध्येय को साकार करने वाला बजट बताया।
बजट की प्रमुख घोषणाओं में कृषि को समर्पित वर्ष 2026 के लिए ₹1.15 लाख करोड़ का भारी-भरकम प्रावधान, मंजरे-टोले सड़कों के लिए ₹21,630 करोड़ और नई 'द्वारका योजना' हेतु ₹5,000 करोड़ की राशि शामिल है। सीएम ने गर्व के साथ उल्लेख किया कि बिना किसी नए टैक्स के राज्य 30% की विकास दर से आगे बढ़ रहा है। साथ ही, लाड़ली बहनों के लिए पर्याप्त वित्तीय व्यवस्था, पर्यटन (13.5 करोड़ पर्यटक) को बढ़ावा, और वन्यजीव संरक्षण के तहत 8 नए चीतों व जंगली भैंसों को बसाने जैसे अहम कदम इस बजट को भविष्योन्मुखी बनाते हैं।
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बातों के बताशे बनाए, जनहित सफाचट
मध्य प्रदेश सरकार का आज का बजट जनता से विश्वासघात वाला बजट है। वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने आज जो बजट पेश किया है उसमें सिर्फ बातों के बताशे बनाए गए हैं और जनहित का मुद्दा पूरी तरह सफाचट है। नवंबर 2023 में हुए विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश की जनता और मतदाताओं से जो प्रमुख वादे किए थे, वह सारे वादे ढाई साल बाद भी वित्त मंत्री के बजट भाषण से ग़ायब दिखाई दिए। प्रदेश के किसानों, नारी शक्ति, नौजवानों और सभी वर्गों से किए गए चुनावी वादों को बजट में कोई स्थान नहीं दिया गया।
कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री