योग न केवल शरीर को निरोगी बनाता है, बल्कि एक जागरूक और विकसित भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। योग के लाभ और महत्व को विस्तार से समझें।

"समत्वं योग उच्यते" अर्थात् संतुलन ही योग है...श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण का यह संदेश जहां समूचे विश्व को संतुलित करने का सूत्र है, वहीं महर्षि पतंजलि ने पतंजलि योग सूत्र में "योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः"के माध्यम से मानव जीवन को स्वस्थ और निरोग रहने का मार्ग प्रदान किया है।
भारत की यही सनातन योग परंपरा विश्व को शरीर, मन और आत्मा के स्तर पर संतुलित और समृद्ध बनाने का आधार है। सदियों पूर्व ऋषि-मुनियों द्वारा विकसित जीवन पद्धति आज सम्पूर्ण विश्व के लिए सुख, शांति और संतुलन का मार्ग है। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि योग विश्व मानवता के कल्याण का माध्यम बन गया है।
यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और अथक प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता प्रदान की गई। यह निर्णय भारतीय संस्कृति और जीवन-दर्शन के प्रति विश्व समुदाय के सम्मान का प्रतीक है। दुनियाभर के 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग को अपने जीवन का हिस्सा बना चुके हैं। यह भारत की सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक नेतृत्व का प्रमाण है। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम "स्वस्थ आयु के लिये योग" रखी गई है।
मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर मध्यप्रदेश की पावन धरती पर आयोजित समारोह में माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। उनका आगमन मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है। यह सुखद संयोग है कि योग के वैश्विक आंदोलन में मध्यप्रदेश को विशेष भूमिका निभाने का अवसर प्राप्त हो रहा है।
प्रसन्नता का विषय है कि मध्यप्रदेश सरकार ने योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए हैं। स्वस्थ नागरिक विकसित और समृद्ध राष्ट्र का आधार है। प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति के स्वस्थ और सुखी जीवन के लिए "घर-घर योग - हर व्यक्ति निरोग" अभियान शुरू किया गया है। प्रदेश में 800 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, स्वास्थ्य एवं कल्याण केन्द्रों तथा विभिन्न चिकित्सालयों में नियमित योग गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। प्रशिक्षित योग शिक्षकों द्वारा छोटे-छोटे समूहों में भी नागरिकों को योगाभ्यास करवाया जा रहा है। योग-सखी और योग-दूत गांव-गांव और शहर-मोहल्लों तक योग का संदेश पहुंचा रहे हैं।
प्रदेश में 12 मई से आरंभ हुआ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस आयोजन "हर घर योग अभियान" से जनभागीदारी का नया अध्याय लिख रहा है। इसी क्रम में आयुष मंत्रालय द्वारा आयोजित ऑनलाइन योग सत्रों का लाभ प्रदेश के लोगों को प्राप्त हो रहा है। हम सभी के लिए गौरव की बात है कि विगत दिनों इंदौर स्थित मालवांचल यूनिवर्सिटी में आयोजित योग महोत्सव में 35 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने सामूहिक योग कर एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। योग "वन अर्थ-वन हेल्थ" विचार को व्यवहार में उतारने का माध्यम है जो हमें स्वयं, समाज और प्रकृति से जोड़ता है। यह शरीर को स्वस्थ रखने के साथ जीवन को संतुलित, सार्थक और उत्कृष्ट बनाता है।
मध्यप्रदेश सरकार ने योग को पर्यावरण-संरक्षण और जनकल्याण से भी जोड़ा है। विश्व पर्यावरण दिवस से लेकर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस तक विशेष जन-अभियान संचालित किया जा रहा है। "एक पेड़ मां के नाम" अभियान से पर्यावरण-संरक्षण और योग से स्वास्थ्य संरक्षण पर कार्य किया जा रहा है। प्रकृति और मानव स्वास्थ्य का गहरा संबंध है। योग हमें प्रकृति संग सह-अस्तित्व का जीवन जीने की प्रेरणा देता है। यही भारतीय जीवन-दर्शन का मूल तत्व भी है।
मध्यप्रदेश सरकार आयुष चिकित्सा, योग वेलनेस सेंटर, आरोग्य मंदिरों तथा जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से योग को जनांदोलन बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश का प्रत्येक नागरिक योग से लाभ प्राप्त करे और स्वस्थ जीवन की दिशा में कदम बढ़ाए।
मुझे यह बताते हुए हर्ष है कि मध्यप्रदेश में जनवरी 2027 में “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य और एक चेतनाः समग्र कल्याण के लिए योग” विषय पर वैश्विक सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। इसमें मध्यप्रदेश, भारत की सभ्यतागत चेतना का वैश्विक प्रतिनिधित्व करेगा।
आज जब दुनिया तनाव, अवसाद, जीवनशैली जनित रोगों और सामाजिक चुनौतियों का सामना कर रही है, ऐसे समय में योग मानवता के लिए बड़ा संबल है। ऐसे यह स्वस्थ शरीर, शांत मन और सुखी जीवन का आधार है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण का संकल्प है। यह भारत की उस प्राचीन चेतना का उत्सव है, जिसने सदियों से मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया है। हमें गर्व है कि आज पूरी दुनिया योग को अपनाकर भारत के इस अमूल्य ज्ञान का लाभ प्राप्त कर रही है।
मैं, प्रदेश के सभी नागरिकों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठजन, विद्यार्थियों, शासकीय सेवकों और सामाजिक संगठनों से आग्रह करता हूं कि वे योग गतिविधियों से जुड़ें और इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
आइए, हम सभी मिलकर योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाएं। अपने परिवार और समाज को इससे जोड़ें तथा स्वस्थ मध्यप्रदेश, विकसित भारत और समृद्ध विश्व के निर्माण में सहभागी बनें।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की प्रदेशवासियों को हार्दिक मंगलकामनाएं...

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भारत एक धर्म प्रधान देश हैं। यहां साल के सभी दिनो का महत्व होता है तथा साल का हर दिन पवित्र माना जाता है। भारत में करवा चौथ हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। यह भारत के राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पंजाब का पर्व है। यह कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है।
विजयादशमी का पर्व हमें सिखाता है कि सत्य के प्रति आस्था के साथ उसकी रक्षा का साहस भी आवश्यक है। न्याय की कामना तभी फलित होती है, जब समाज उसके लिए खड़ा होने का संकल्प लेता है।
हर साल 17 अक्टूबर को "अंतर्राष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस" गरीबी मिटाने के लिए जनजागृति हेतु पुरे विश्व में मनाया जाता हैं। संयुक्त राष्ट्र द्वारा इस साल 2026 को “सभी के लिए सुरक्षित घर” यह थीम हैं।
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