इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 29 लोगों की मौत। जर्जर पाइपलाइन और नगर निगम की लापरवाही ने मचाया कोहराम। राहुल गांधी और कैलाश विजयवर्गीय ने उठाया मुद्दा
By: Ajay Tiwari
Jan 28, 20263:25 PM
इंदौर. स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर का भागीरथपुरा इलाका आज मातम और दहशत के साये में है। पिछले एक महीने के भीतर यहाँ दूषित पानी के सेवन से 29 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1500 से अधिक लोग गंभीर रूप से बीमार हुए हैं। विडंबना यह है कि इस त्रासदी को एक माह बीत जाने के बाद भी बस्ती के लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं हो पाया है।
जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। भागीरथपुरा में पीने के पानी की पाइपलाइनें 30 साल पुरानी और जर्जर हो चुकी थीं। चौंकाने वाली बात यह है कि नर्मदा लाइन के ठीक ऊपर एक पुलिस चौकी का शौचालय बना दिया गया था। वर्षों से मल-मूत्र का गंदा पानी नर्मदा की पाइपलाइन में समाता रहा और लोग इसे पीने को मजबूर रहे। जब मौतों का सिलसिला शुरू हुआ, तब प्रशासन ने नींद से जागकर शौचालय तोड़ा और वहां 30 से अधिक लीकेज पाए।
इस भीषण कांड के बाद सरकार ने कई बड़े अधिकारियों पर गाज तो गिराई, लेकिन अब तक किसी पर भी आपराधिक मुकदमा (Criminal Case) दर्ज नहीं हुआ है। हालांकि अब तक कार्रवाई की बात करेें तो जोनल अधिकारी शालिग्राम सितोले, सहायक यंत्री योगेश जोशी और कार्यपालन यंत्री संजीव श्रीवास्तव को निलंबित किया गया। निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव का तबादला कर दिया गया और अपर आयुक्त को हटा दिया गया। वर्तमान में भी 3 लोग जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। मामला अब कोर्ट में है और एक न्यायिक आयोग का गठन किया जा चुका है।
कैलाश विजयवर्गीय द्वारा मामले का खुलासा किए जाने के बाद यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर गूंजा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इंदौर पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। कोर्ट ने भी सरकार से तीखे सवाल पूछते हुए जवाब मांगा है कि आखिर इस नरसंहार जैसी लापरवाही का असली जिम्मेदार कौन है?
कुल मौतें: 29 (30 दिनों के भीतर)
बीमारों की संख्या: 1500+ लोग संक्रमित हुए।
मौजूदा स्थिति: केवल 30% हिस्से में नई लाइन बिछी है, बाकी जनता टैंकरों के भरोसे है।
मुख्य कारण: जर्जर पाइपलाइन और सीवरेज का पानी नर्मदा लाइन में मिलना।