रीवा रेलवे स्टेशन के टैक्सी स्टैंड में मनमानी वसूली, बदसलूकी और वाहनों से डीजल-पेट्रोल गायब होने की शिकायतें।

हाइलाइट्स
रीवा, स्टार समाचार वेब
25 वर्ष पहले रेलवे स्टेशन के टैक्सी स्टैण्ड में इक्का-दुक्का वाहन खड़ा हुआ करते थे। आज समय पूरी तरह से बदल चुका है। अब टैक्सी स्टैण्ड के लिए ठेका पद्धति लागू है और लोग इसे हासिल करने के लिए सिफारिशों के साथ-साथ एडी चोटी का जोर लगाते हैं। टैक्सी स्टैण्ड में वाहनों को खड़ा करने के नाम पर अराजकता चरम पर है। सबसे दुखद बात यह है कि यहां आने वाले लोगों को टैक्सी स्टैण्ड के गुर्गों की लाल-लाल आंखों एवं अश्लील शब्दों से आए दिन दो-चार होना पड़ रहा है। जहां आने वाले मुसाफिरों के वाहनों के टायर से हवा व टंकी से डीजल-पेट्रोल गायब होना सामान्य बात हो चली है। शिकायत करने पर स्टेशन प्रबंधन भी मामले को अनसुनी करता आ रहा है। यही वजह है कि ठेका कर्मचारियों द्वारा आम नागरिकों के साथ बदसलूकी की जा रही है।
प्रबंधन भी नहीं दे रहा ध्यान
शहर से दूर स्टैण्ड होने की वजह से लोगों को अपने वाहन वहां पार्क करना मजबूरी बना हुआ है। यदि लोगों द्वारा वाहन पार्क किया गया और टैक्सी स्टैण्ड के कर्मचारियों के साथ नियम को लेकर बहसबाजी की गई तो ठेकेदार के गुर्गे मौका पाकर वाहनों की हवा निकालने से गुरेज नहीं करते हैं। अब यदि किसी वाहन के टायर की हवा निकल जाए तो संबंधित को कम से कम दो किलोमीटर तक धक्का मारकर ले जाना पड़ता है। जिससे उसकी विरोध करने की शक्ति नहीं बचती है। जिसका फायदा टैक्सी स्टैण्ड के गुर्गों द्वारा उठाया जा रहा है।
सूची के अनुसार नहीं लेते किराया
रेलवे द्वारा टैक्सी स्टैण्ड के लिए टेंडर किया जाता है जिसके बाद एक निश्चित समय के लिए संस्था को वसूली के लिए अनुबंधित किया जाता है। जिसमें दोपहिया, तीन पहिया, चार पहिया के लिए अलग-अलग दर घंटे के हिसाब से निर्धारित रहती है। रेलवे के नियम की मानें तो स्टैण्ड में किराया सूची चस्पा होना अनिवार्य है। यहां गड़बड़ बात यह है कि किराया सूची के अनुसार पैसा नहीं लिया जाता है बल्कि यहां मौजूद ठेकेदार के गुर्गे अपनी मर्जी से वसूली करते हैं। यदि कोई व्यक्ति किसी निर्धारित समय के लिए वाहन खड़ा करके जाता है और वापसी में उसे जो स्लिप पकड़ाई जाती है उसमें मनमर्जी समय का उल्लेख दर्ज रहता है और उसी के आधार पर वसूली की जाती है। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि जिस व्यक्ति से 20 रुपए सामान्यत: लिया जाना था उससे न केवल बहसबाजी की जाती है बल्कि दोगुना, तीन गुना वसूला जाता है।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्य प्रदेश में संभावित अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जारी की विस्तृत कार्ययोजना। जानें फसल चयन, जल संरक्षण और किसानों के लिए सरकार की नई तैयारियों के बारे में।
मध्य प्रदेश में मानसून ने दी दस्तक, पूरे राज्य में तेज बारिश का दौर जारी। मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया। जानें बारिश से जुड़ी ताजा अपडेट और सुरक्षा निर्देश।
दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 का कार्यक्रम घोषित! जानें कब होगा मतदान, क्या है राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने का कारण और कैसे लागू हुई आचार संहिता।
मध्य प्रदेश सरकार ने BLO और बीएलओ सुपरवाइजरों का मानदेय दोगुना किया। जानें नई मानदेय राशि, प्रभावी तिथि और त्रैमासिक भुगतान की पूरी जानकारी।
राजा रघुवंशी मर्डर केस में नया मोड़। मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की मांग की। जानिए क्या है पूरा मामला।
केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच विंध्य क्षेत्र को प्रतिनिधित्व मिलने की चर्चाएं तेज हैं। सतना सांसद गणेश सिंह और शहडोल सांसद हिमांद्री सिंह के नाम संभावित दावेदारों में प्रमुख बताए जा रहे हैं।
सतना जिले में हल्की बारिश के बाद भी घंटों बिजली गुल रहने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, पढ़ाई और कारोबार प्रभावित हैं, जबकि लोगों ने स्थायी समाधान की मांग उठाई है।
सतना में मानसून की पहली तेज बारिश ने स्मार्ट सिटी की तैयारियों की पोल खोल दी। कई कॉलोनियों, सड़कों और अंडरब्रिज में जलभराव हुआ, जबकि जिला अस्पताल और बस स्टैंड भी पानी से प्रभावित रहे।
सतना जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के कई पद रिक्त हैं, जिससे 1500 दैनिक मरीजों की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। दूसरी ओर संत मोतीराम स्वास्थ्य केंद्र नि:शुल्क उपचार देकर राहत पहुंचा रहा है।
मध्य प्रदेश में कैलाश विजयवर्गीय की कथित चिट्ठी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जानिए क्या है मामला, मुख्यमंत्री के खिलाफ नाराजगी की सच्चाई और इसके पीछे के राजनीतिक मायने।