अमेरिका-ईरान के 14-सूत्रीय समझौते का इस्राइल पर क्या असर पड़ा? लेबनान युद्धविराम से सैन्य स्वायत्तता तक, जानें नेतन्याहू के सामने खड़ी नई चुनौतियों का पूरा विश्लेषण।

इजरायल। स्टार समाचार वेब
अमेरिका और ईरान के बीच हुए 14-सूत्रीय समझौते ने मध्य-पूर्व की भू-राजनीति में हलचल मचा दी है। इस समझौते में इस्राइल की सुरक्षा चिंताओं को दरकिनार किए जाने से नेतन्याहू सरकार के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है। आइए समझते हैं कि यह समझौता इस्राइल के लिए किस तरह से 'सुरक्षा चुनौती' और 'राजनीतिक दबाव' का सबब बन गया है।
इस्राइल इस समझौते को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़े झटके के रूप में देख रहा है। समझौते का लेबनान-खंड इस्राइली रक्षा बलों (IDF) के लिए सबसे बड़ी बाधा है:
सैन्य कार्रवाई पर पाबंदी: समझौते की शर्तें लेबनान में इस्राइल को सैन्य कार्रवाई करने से रोकती हैं, जिसे इस्राइल अपनी सुरक्षा के लिए 'रेड लाइन' मानता है।
वापसी का दबाव: अमेरिकी प्रस्ताव के तहत इस्राइल को दक्षिणी लेबनान से अपनी सेना वापस बुलानी है, जिसे नेतन्याहू सरकार ने सिरे से नकार दिया है।
प्रॉक्सी समूहों पर चुप्पी: इस्राइल की सबसे बड़ी चिंता हिजबुल्लाह, हमास और हूती जैसे ईरानी प्रॉक्सी गुट हैं। समझौते में इन समूहों को मिलने वाले समर्थन को रोकने का कोई ठोस तंत्र न होना इस्राइल के लिए सबसे बड़ी निराशा है।
इस समझौते ने नेतन्याहू को एक कठिन कूटनीतिक और राजनीतिक चौराहे पर खड़ा कर दिया है:
रणनीतिक सहयोगी से उपेक्षा: ट्रंप प्रशासन की ओर से लेबनान में इस्राइली हमलों की सार्वजनिक आलोचना और 'फरमानों' को इस्राइली अधिकारियों ने "चेहरे पर तमाचा" करार दिया है।
घरेलू आक्रोश: इस्राइली कैबिनेट में मंत्री मिरी रेगेव जैसे नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि "इस्राइल अमेरिका का संरक्षित राज्य (Protectorate) नहीं है।" सरकार पर लगातार दबाव है कि वह ट्रंप के दबाव के आगे न झुके।
अक्टूबर के अंत में होने वाले संसदीय चुनावों के मद्देनजर, यह समझौता नेतन्याहू के लिए राजनीतिक आत्मघाती साबित हो सकता है...
नेतृत्व पर सवाल: विपक्ष इसे नेतन्याहू की कूटनीतिक विफलता के रूप में पेश कर रहा है। जनता के बीच यह संदेश जा रहा है कि नेतन्याहू का ट्रंप पर प्रभाव समाप्त हो गया है।
सहयोगियों का कड़ा रुख: गठबंधन सरकार के कट्टरपंथी सहयोगी, जैसे वित्त मंत्री बेजलेल स्मोट्रिच और राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इटमार बेन-गवीर, नेतन्याहू से कड़ी सैन्य कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जिससे उनकी स्थिति और भी नाजुक हो गई है।
तनावपूर्ण हालातों के बीच इस्राइल अब अपनी रणनीतिक आत्मनिर्भरता पर जोर दे रहा है...
अमेरिकी सहायता से मुक्ति का संकल्प: भविष्य के कूटनीतिक तनावों से बचने के लिए, नेतन्याहू ने अगले एक दशक में इस्राइल को अमेरिकी सैन्य सहायता से पूरी तरह मुक्त करने और तकनीकी आत्मनिर्भरता हासिल करने की योजना बनाई है।
वैकल्पिक सैन्य रणनीति: कैबिनेट अब ईरान से सीधे टकराव के बजाय लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ अधिक प्रभावी और 'किफायती' सैन्य रणनीति पर काम कर रही है ताकि ट्रंप के समझौते का उल्लंघन किए बिना अपनी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
यह भी पढ़ें..
अमेरिका-ईरान डील से स्ट्रेट आफ होर्मुज फिर खुलेगा... भारत में पेट्रोल-डीजल-सीएनजी के दाम घटने की उम्मीद
अमेरिका-ईरान शांति समझौते का स्वागत: पीएम मोदी ने कहा- अब एक टिकाऊ और अंतिम समझौते की उम्मीद

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वां में जुमे की नमाज के दौरान पुलिस लाइन के पास मस्जिद में जोरदार धमाका। आत्मघाती हमले में 15 लोगों की मौत और 30 घायल।
संयुक्त राष्ट्र महासभा की आगामी उच्च स्तरीय बैठक से पहले अमेरिका ने फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास को न्यूयॉर्क आने के लिए वीजा देने से इंकार कर दिया है। अमेरिका के इस फैसले के बाद महासभा में एक विशेष प्रस्ताव लाया गया, ताकि राष्ट्रपति अब्बास वीडियो लिंक के जरिए बैठक को संबोधित कर सकें।
अमेरिका और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच कथित सीक्रेट डील की पूरी जानकारी। जानें कैसे इस समझौते से लाल सागर में अमेरिकी जहाजों को सुरक्षा मिली है और सऊदी अरब के सामने नई सामरिक चुनौतियाँ खड़ी हो गई हैं।
अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस आफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने रूस से भारी मात्रा में कच्चा तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने वाले एक महत्वपूर्ण विधेयक को मंजूरी दे दी है। इस कानून का आधिकारिक नाम लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट आफ 2026 रखा गया है।
पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। सऊदी अरब ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे एक ड्रोन को हवा में ही मार गिराया।
ईरान के मशहद एयरपोर्ट पर एक बड़ा विमान हादसा होते-होते टल गया। मशहद से केरमानशाह के लिए उड़ान भरते ही सेफरान एयरलाइंस के बोइंग 737 विमान का हवा में टायर फट गया। प्लेन के अंदर सामान इधर-उधर बिखर गया और यात्री घबराकर चीखने व प्रार्थना करने लगे।
अमेरिका के लॉस एंजिल्स के बाहरी इलाके में एक हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। शहर के फायर डिपार्टमेंट ने जानकारी दी कि इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, लॉस एंजिल्स फायर डिपार्टमेंट के एक प्रवक्ता ने बताया कि यह हेलीकॉप्टर चैट्सवर्थ इलाके में दो कमर्शियल बिल्डिंग्स के बीच गिरा।
यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के मक्का, जिद्दा और ताइफ समेत 6 बड़े इलाकों में मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए। इन हमलों में 13 लोग घायल हुए हैं, जिसके बाद देश में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
अमेरिकी संसद में रूस पर प्रतिबंधों को सख्त करने वाला विधेयक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। प्रतिनिधि सभा में समयसीमा नजदीक आने के बीच अमेरिकी सांसदों ने विधेयक में कई बड़े संशोधन पेश किए हैं। इनमें भारत सहित रूस के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों पर 100% तक द्वितीयक शुल्क लगाने का प्रस्ताव शामिल है।
पाकिस्तान ने आतंकी मसूद अजहर को अपनी FIA रेड बुक में शामिल कर 70 लाख का इनाम घोषित किया है। पहले अफगानिस्तान भागने का दावा करने वाले पाकिस्तान का फिर बेनकाब हुआ दोहरा चेहरा।