महाकाल मंदिर में भस्म आरती के नाम पर ठगी
प्रशासक के निरीक्षण में हुआ बड़ा खुलासा
तड़के चेकिंग के दौरान पकड़ा गया फर्जीवाड़ा
उज्जैन । स्टार समाचार वेब

विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार तड़के उस समय हड़कंप मच गया, जब मंदिर प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक प्रशासनिक अमले के साथ अचानक व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे। भस्म आरती के समय सुरक्षा और कतार प्रबंधन की जांच करते हुए प्रशासक ने खुद मोर्चा संभाला। उन्होंने नीलकंठ द्वार, मानसरोवर मार्ग और गेट क्रमांक-1 से प्रवेश कर रहे श्रद्धालुओं से सीधे बातचीत की। इसी पूछताछ के दौरान अवैध वसूली का यह गंभीर मामला उजागर हुआ।

तीन श्रद्धालुओं ने बयां की आपबीती, खुली पोल

प्रशासक प्रथम कौशिक जब गेट पर श्रद्धालुओं की अनुमति पर्ची (परमिशन) की जांच कर रहे थे, तब तीन अलग-अलग श्रद्धालुओं ने उनसे सीधे शिकायत की। श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्हें भस्म आरती में शामिल होने के लिए प्रति व्यक्ति 2500 रुपए की भारी-भरकम राशि देनी पड़ी है। जबकि मंदिर प्रबंधन द्वारा भस्म आरती की बुकिंग के लिए बेहद सीमित और निर्धारित शुल्क ही लिया जाता है। श्रद्धालुओं के इस खुलासे के बाद मंदिर प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया।

'हिंदू संगठन' के नाम पर ली गई थी प्रोटोकॉल अनुमति

मामले की शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। सूत्रों के मुताबिक, जिन श्रद्धालुओं से पैसे ऐंठे गए, उनके लिए भस्म आरती की वीआईपी (प्रोटोकॉल) अनुमति किसी कथित 'हिंदू संगठन' के नाम पर जारी करवाई गई थी। हालांकि, यह मोटी रकम सीधे संगठन के पास गई या इसके पीछे कोई बिचौलिया या गाइड सक्रिय था, इसकी गहन जांच की जा रही है। प्रशासन उस मुख्य चेहरे की तलाश में है जिसने श्रद्धालुओं की आस्था का सौदा किया।

महाकाल थाने में FIR दर्ज, पुलिस जांच में जुटी

मामले की गंभीरता और मंदिर की छवि को ध्यान में रखते हुए प्रशासक के निर्देश पर तुरंत महाकाल थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने अज्ञात/संबंधित आरोपियों के खिलाफ जालसाजी और अवैध वसूली की धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस अब मंदिर के सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।

 अब केवल 'नीलकंठ द्वार' से मिलेगा प्रवेश

इस घटना से सबक लेते हुए मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और वीआईपी एंट्री के नियमों को और कड़ा कर दिया है। भविष्य में बिचौलियों और ठगों पर लगाम कसने के लिए यह निर्णय लिया गया है कि भस्म आरती में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं को अब केवल नीलकंठ द्वार से ही प्रवेश दिया जाएगा। अन्य सभी छोटे रास्तों से प्रवेश को नियंत्रित या बंद किया जाएगा ताकि हर एक अनुमति की बारीकी से जांच हो सके।