बलोच मानवाधिकार कार्यकर्ता महरंग बलोच को सुनाई गई उम्रकैद की सजा पर दुनिया भर में विरोध। जानें कौन हैं महरंग बलोच, गिरफ्तारी का कारण और क्यों इस मामले ने अंतरराष्ट्रीय सुर्खियाँ बटोरी हैं।

बलोच अधिकारों की प्रखर आवाज महरंग बलोच, बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगियों, हिरासत में हो रही मौतों और मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ एक सशक्त चेहरा बनकर उभरी हैं। 'बलोच यकजहती कमेटी' (BYC) की प्रमुख नेता के रूप में, उन्होंने लापता लोगों के परिवारों के लिए चलाए गए अभियानों से बलोच समाज में गहरी पैठ बनाई है। उनकी सक्रियता ने उन्हें न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
गिरफ्तारी और न्याय प्रक्रिया पर सवाल
महरंग बलोच की गिरफ्तारी मार्च 2025 में क्वेटा में एक शांतिपूर्ण धरने के दौरान हुई थी, जो गायब किए गए लोगों के लिए न्याय की मांग को लेकर आयोजित था। पाकिस्तान की आतंकवाद-रोधी अदालत ने महरंग सहित चार कार्यकर्ताओं को फ्रंटियर कॉर्प्स के एक अधिकारी की हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस फैसले ने न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि मुकदमा एक हाई-सिक्योरिटी जेल के भीतर बंद दरवाजों के पीछे चलाया गया था।
ग्रेटा थनबर्ग का समर्थन और वैश्विक विरोध
प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने इस सजा की कड़ी निंदा करते हुए इसे शांतिपूर्ण असहमति को कुचलने की कोशिश बताया है। ग्रेटा ने आरोप लगाया कि महरंग को उनके मानवाधिकार कार्यों के कारण निशाना बनाया जा रहा है और हिरासत के दौरान उन्हें अमानवीय परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर, 'इंटरनेशनल ह्यूमन राइट फाउंडेशन' (IHRF) ने भी इस मुकदमे को निष्पक्ष मानने से इनकार किया है और संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की मांग की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति तक पहुंचा मामला
इस विवाद का दायरा अब वाशिंगटन तक पहुंच गया है। 'बलोच अमेरिकन कांग्रेस' के अध्यक्ष तारा चंद ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पत्र लिखकर महरंग बलोच की रिहाई की अपील की है। पत्र में तर्क दिया गया है कि यह सजा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मानवाधिकारों का सीधा उल्लंघन है, जो अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हलकों में पाकिस्तान की छवि और न्यायिक व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती है।
रूस-यूक्रेन युद्ध में अब तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का एक नया और खतरनाक दौर शुरू हो गया है। यूक्रेनी सेना ने पहली बार बड़े पैमाने पर सुसाइड ग्राउंड रोबोट्स (आत्मघाती जमीनी रोबोट) का इस्तेमाल कर रूसी ठिकानों पर विनाशकारी हमले का दावा किया है।
ब्रिटेन के ग्लूस्टरशायर में RAF फेयरफोर्ड एयरबेस के पास सुरक्षा एजेंसियों ने विस्फोटक संबंधी अपराधों के शक में कई लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इसे 'बड़ी घटना' घोषित कर जांच तेज कर दी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान की ओर से दिए गए युद्ध खत्म करने और स्ट्रेट आफ होर्मुज को खोलने के प्रस्ताव को साफ तौर पर ठुकरा दिया है। ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान इस वक्त आर्थिक और सैन्य रूप से भारी दबाव में है। इसी वजह से वह जल्दबाजी में समझौता करना चाहता है।
अमेरिकी नौसेना ने हाल के हफ्तों में ईरान के आसपास के समुद्री इलाकों से अपने बड़े जहाज हटा दिए हैं। सैटेलाइट तस्वीरों से साफ है कि ओमान की खाड़ी और अरब सागर में कोई अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर या डेस्ट्रॉयर मौजूद नहीं है। सितंबर की शुरुआत से ये जहाज वहां से गायब हो गए।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के साथ युद्ध खत्म करने, होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और परमाणु वार्ता शुरू करने के लिए 7 दिवसीय योजना का प्रस्ताव रखा है।
व्यापार, तकनीक और रणनीतिक मतभेदों के बीच अमेरिका और चीन के रिश्तों में एक सकारात्मक नरमी देखने को मिली है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच वॉशिंगटन स्थित व्हाइट हाउस में बेहद गर्मजोशी भरी मुलाकात हुई। इस अवसर पर ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का राजकीय स्वागत किया ।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के तीन दिवसीय अमेरिकी दौरे पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दशकों पुराना प्रोटोकॉल तोड़कर खुद एयरपोर्ट पर स्वागत किया। जानिए इस भव्य स्वागत के कूटनीतिक और आर्थिक मायने।
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