सतना नगर निगम की एमआईसी बैठक में ठेकेदारों के पक्ष में खड़े रहने वाले अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए। एमआईसी सदस्य अंशू ने इंजीनियरों की निष्क्रियता और पार्षदों की अनदेखी को लेकर नाराजगी जताई। खराब सड़कों, मलबे की सफाई, तालाब सौंदर्यीकरण से लेकर पेयजल आपूर्ति तक कई मुद्दों पर लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
नगर निगम के अधिकारी और इंजीनियर ठेकेदारों के लिए रिटेनिंग वॉल बने हुए हैं। ठेकेदारों के खिलाफ किसी भी निर्माण कार्य में जब भी कोई कार्रवाई का मामला आता है तो निगम के अधिकारी उनके बचाव में खड़े नजर आते हैं।’ यह गंभीर आरोप बैठक में एमआईसी सदस्य अभिषेक तिवारी अंशू ने लगाया। उन्होंने बैठक में पार्षदों की बातों की सुनवाई न होने का भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे में तो हमारा कुछ बोलना ही बेकार है। हम जहां काम बताते हैं उन स्पॉटों पर कोई काम नहीं होता। स्टेशन रोड से लेकर सर्किट हाउस तक सड़कों में जगह- जगह गडढे हैं, कई बार कहने के बावजूद ध्यान नहीं दिया गया।
एमआईसी सदस्य अंशू यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि न जाने क्यों इंजीनियर ठेकेदारों को अपने सिर पर बिठा कर रखे हैं। ठेकेदारों पर क्यों कोई कार्रवाई नहीं होती? इस दौरान पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों के पालन न होने पर गंभीर नाराजगी जाहिर की गई, साथ ही उपयंत्री सुहालिया अंसारी का 7 दिनों का वेतन काटने एवं खराब सड़क को संबंधित ठेकेदार द्वारा डामर रोड बनाए जाने के निर्देश दिए गए। यहां उल्लेखनीय है कि वार्ड क्र. चार में तीन -चार माह पहले लगभग 100 मीटर रोड बनाई गई थी जो खराब हो गई इस पर उपयंत्री का वेतन काटने के निर्देश दिए गए थे। सोमवार को महापौर योगेश ताम्रकार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक का नजारा कुछ बदला- बदला सा था। बैठक के दौरान एमआईसी सदस्यों के साथ-साथ मेयर का भी लहजा सख्त नजर आया। महापौर की अध्यक्षता में आयोजित एमआईसी की बैठक में कई निर्माण कार्यों को जहां एक्सटेंशन दिया गया वहीं लगभग 22 लाख 62 हजार 454 रुपए की लागत से विभिन्न वार्डों की गलियों में पेवर्स रोड बनाने की मंजूरी दी गई।
बिजली ठेकेदार की मनमानी पर ‘गरम’ हुए मेयर
एमआईसी की बैठक के दौरान लाइटों की खरीदी में गड़बड़ी के आरोपों की जांच का अभी तक कोई निष्कर्ष न निकलने का मामला भी उठा। इस पर महापौर योगेश ताम्रकार बिजली ठेकेदार के खिलाफ सख्त नजर आए और उन्होंने विद्युत शाखा के जिम्मेदार अधिकारियों को निशाने पर लेते हुए कहा कि मेरी जानकारी में आया है कि ठेकेदार मनमानी पर उतारू हैं ( इस पर शाखा से जुड़े एई ने कुछ सफाई देनी चाही जिस पर मेयर ने और नाराजगी जाहिर की।
31 जुलाई तक संविदाकार हटाएं मलवा
शहर में जितने भी मुख्य मार्ग व आंतरिक सड़कें हैं उनमें हुए निर्माण कार्य के बाद कार्य स्थल पर ही मलवा पड़ा हुआ है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं के अलावा धूल और कीचड़ हो रहा है। इसे देखते हुए एमआईसी की बैठक में सभी इंजीनियरों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने वार्ड में संविदाकारों को हिदायत देकर 31 जुलाई तक हर हाल में कार्य स्थल से मटेरियल हटवा लें अन्यथा इंजीनियरों पर जवाबदेही तय की जाएगी।
2 करोड़ में तीन तालाबों के सौंदर्यीकरण की तैयारी
तालाबों के संरक्षण व सौंदर्यीकरण की दिशा में लगातार नगर निगम द्वारा प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में शहर के तीन तालाबों के (वार्ड क्र. एक विट्स रोड करही मोड़ के पास, बदखर में भगवान परशुराम की मूर्ति के सामने एवं संतकुंज आश्रम के पास) संधारण व सौंदर्यीकरण के लिए 210.40 लाख रुपए की मंजूरी दी गई है।
99 लाख में 4.6 किमी बिछेगी पेयजल सप्लाई लाइन
शहर में पेयजल सप्लाई लाइन जिन स्थानों में नहीं है उन स्थानों में पेयजल सप्लाई लाइन बिछाए जाने के लिए 99 लाख 25 हजार 900 रुपए (जीएसटी सहित) मंजूर किए गए हैं। इस राशि से 4.6 किमी पेयजल सप्लाई लाइन शहर में बिछाई जाएगी।
549 मस्टर कर्मियों को सेवावृद्धि
एमआईसी की बैठक में 549 मस्टर कर्मियों की सेवावृद्धि को भी मंजूरी दी गई। इसमें एक अभियोजन शाखा, 9 राजस्व शाखा, 502 स्वास्थ्य शाखा के सफाई कर्मी एवं स्वास्थ्य शाखा के वाहन कर्मी शामिल हैं। एमआईसी की बैठक में शामिल 12 प्रस्तावों में से 4 प्रस्ताव मस्टर कर्मियों की सेवावृद्धि से जुड़े थे जबकि एक प्रस्ताव स्वास्थ्य शाखा में कार्यरत मस्टर श्रमिक गुरुमुख उर्फ विक्की बाल्मीक के निधन के बाद उनकी पत्नी रीना बाल्मीक को पति के स्थान पर मस्टर श्रमिक के रूप में रखने का प्रस्ताव था उसे भी मंजूर किया गया। इसके अलावा एएचपी और बीएलसी घटक के मूल हितग्राहियों के निधन के पश्चात उनके आश्रितों को आवास व आवास की राशि आवंटित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
ये रहे मौजूद
इस मौके पर महापौर योगेश ताम्रकार के अलावा नगर निगम आयुक्त शेर सिंह मीना, उपयुक्त सत्यम मिश्रा, अधीक्षण यंत्री एसके सिंह, कार्यपालन यंत्री आरपी सिंह, सिद्धार्थ सिंह, अंशुमान सिंह, एई रोजल प्रताप सिंह, मुकेश चतुर्वेदी, केपी गुप्ता, मनीष वर्मा, कार्यालय अधीक्षक अनिल श्रीवास्तव, राजू साकेत, सिटी मैनेजर दीपक शर्मा आदि मौजूद रहे।


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