सतना जिला अस्पताल में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में गड़बड़ियां सामने आईं। सीएमएचओ ने औचक निरीक्षण में पाया कि गर्भवती महिलाओं का चेकअप बिना स्त्री रोग विशेषज्ञ के हो रहा था और शासन की गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा था। सिविल सर्जन व गायनी प्रभारी से चार बिंदुओं पर जवाब मांगा गया।
By: Yogesh Patel
सतना, स्टार समाचार वेब
जिले में हर माह 9 एवं 25 तारीख को संचालित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में अनियमितता मिलने का मामला सामने आया है। मंगलवार को जिला अस्पताल में आयोजित अभियान की गड़बड़ी को सीएमएचओ ने पकड़ लिया और ड्यूटी में बैठी चिकित्सकीय स्टाफ को फटकार भी लगाई। सीएमएचओ ने पीएमएसए अभियान को सही ढंग से संचालित करने के लिए सिविल सर्जन डॉ. मनोज शुक्ला और प्रभारी चिकित्सा अधिकारी गायनी विभाग को चेतावनी पत्र जारी कर चार बिंदुओं में जवाब भी मांगा है। बताया गया कि जिला अस्पताल में बगैर स्त्री रोग विशेषज्ञ के गर्भवती महिलाओं का हेल्थ चेकअप किया जा रहा था। इसके अलावा शासन के किसी निदेर्शों का पालन नहीं किया जा रहा था।
औचक निरीक्षण में मिली ये कमियां
बताया गया कि मंगलवार को जिला अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे सीएमएचओ डॉ. एलके तिवारी अस्पताल परिसर में आयोजित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की नब्ज टटोलने पहुंच गए। गायनी विभाग में पहुंचते ही उन्होंने कई अनियमितता पाई जिस पर चिकित्सकीय स्टाफ को फटकार भी लगाई गई। जानकारी के मुताबिक गायनी विभाग में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के लिए रोस्टर नहीं पाया गया। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के दौरान दो चिकित्सक जिसमें डीआरपीएक एवं डीएनबी कार्य करते हुए पाई गई, लेकिन स्त्री रोग विशेषज्ञ नही मिली। गर्भवतियों को यूएसजी यानि अल्ट्रासाउंड सोनोग्राफी के लिए सलाह दिया जा रहा था, लेकिन सलाह के पश्चात कितनी गर्भवती महिलाए यूएसजी रिपोर्ट पुन: जांच कराकर वापस लौटी, उसकी कोई जानकारी नहीं थी। इसके अलावा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का कियान्वयन रूटीन ओपीडी की तरह चल रहा था, जो कि शासन के दिशा निदेर्शो एवं मापदण्ड के अनुसार नहीं था।
गाइडलाइन का हो पालन, पोर्टल में दर्ज हो रिपोर्ट
सीएमएचओ ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना की प्रमुख योजनाओं में से एक है और इस योजना में लापरवाही बरतने वालों से जवाब मांग कर कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को जिला अस्पताल में संचालित अभियान में कमियां मिलने पर सिविल सर्जन एवं गायनी विभाग के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को पत्र जारी कर जवाब मांगा गया है। इसके अलावा आगामी प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के आयोजन के दौरान शासन के प्रत्येक मापदण्ड का पालन करते हुए आयोजित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। अभियान की रिपोर्ट तैनात स्टाफ के द्वारा कम्प्यटूर आपरेटर मुक्ता खरे को सौंप कर ई-पीएमएस पोर्टल में दर्ज करने के भी निर्देश दिए गए हैं।