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विधानसभा में गूंजेगा फर्जी अनुकंपा नियुक्ति का मामला

रीवा जिले में शिक्षा विभाग के सबसे बड़े फर्जी अनुकंपा नियुक्ति घोटाले का मामला अब विधानसभा में गूंजेगा। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल ने पांच वर्षों की अनुकंपा नियुक्तियों की जानकारी विधानसभा प्रश्न के जरिए मांगी है। अब तक जांच में 6 से अधिक फर्जी नियुक्तियों का खुलासा हो चुका है, जिनमें फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र, गलत यूनिक आईडी और दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। कई निलंबित अधिकारियों पर FIR हो सकती है। STAR समाचार ने सबसे पहले इस मुद्दे को उजागर किया था, जो अब प्रदेश स्तरीय घोटाले में तब्द

By: Yogesh Patel

Jul 18, 202511:48 PM

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विधानसभा में गूंजेगा फर्जी अनुकंपा नियुक्ति का मामला

स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बढ़ी मुश्किलें 

रीवा, स्टार समाचार वेब

रीवा में हुए सबसे बड़े फर्जी अनुकंपा नियुक्ति  मामले में स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने विधानसभा प्रश्न के माध्यम से इस मामले की जानकारी मांगी है। शीतकालीन सत्र में मुद्दा उठने के बाद कई अधिकारी और लपेटे में आएंगे। अब तक जिन निलंबित अधिकारियों को एफआईआर से बचाया गया है, विधानसभा में प्रदेश स्तरीय मुद्दा बनने के बाद अब इनका नाम भी एफआईआर की लिस्ट में जुड़ सकता है।

उल्लेखनीय है कि रीवा में हुए सबसे बड़े अनुकम्पा नियुक्ति फर्जीवाड़े ने पूरे शिक्षा जगत को हिलाकर रख दिया है। मामला उजागर होने के बाद जब रिकार्ड खंगाले गए तो 6 फर्जी अनुकंपा नियुक्ति के मामले एक वर्ष में सामने आए हैं। कलेक्टर के निर्देश पर तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी सुदामा लाल गुप्ता ने सिविल लाइन थाना में मामला दर्ज कराया, कुल 7 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था। इसमें अनुकंपा शाखा प्रभारी भी शामिल थे। इसके अलावा तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी और लिंक अधिकारी के खिलाफ कलेक्टर ने कमिश्नर के पास कार्रवाई के लिए प्रस्ताव कमिश्नर के पास भेज दिया था। कमिश्नर ने कलेक्टर के प्रस्ताव और जांच रिपोर्ट के आधार पर सुदामा लाल गुप्ता और लिंक अधिकारी अखिलेश मिश्रा को निलंबित कर दिया था। इस फर्जीवाड़े को अब कांगे्रस विधानसभा में मुद्दा बनाने जा रही है। इसके पहले अनुदान घोटाला ने सुर्खियां बटोरी थी। अब अनुकंपा फर्जीवाड़ा ने रीवा को सुर्खियों को ला दिया है। 

‘स्टार समाचार’ ने उठाया मुद्दा

स्कूल शिक्षा विभाग में हुए अनुकम्पा नियुक्ति फर्जीवाड़ा का मुद्दा सबसे पहले स्टार समाचार ने 29 मई के अंक में ‘जिस महिला के नाम दी अनुकम्पा नियुक्ति, उसने कभी नहीं की नौकरी’ शीर्षक से प्रकाशित किया था। मुद्दा प्रकाश में आने के बाद जब जांच हुई तो इसमें कई चौंकाने वाले मामले उजागर हुए हैं, जो अब अधिकारियों के गले की फांस बने हुए हैं।

इस तरह से किया गया था फर्जीवाड़ा

अनुकंपा नियुक्ति के फर्जीवाड़ा का खुलासा बृजेश कुमार कोल से हुआ था। बृजेश कुमार कोल को उनकी माता बेलाकली कोल पिता शिवचरण कोल पोस्ट परसिया, तहसील त्योंथर के निधन पर नियुक्ति दी गई थी। माता बेलाकली कोल को ढेरा प्राथमिक शाला स्कूल में सहायक शिक्षक बताया गया था। मृत्यु के बाद उनकी जगह पर बृजेश कोल को अनुकंपा नियुक्ति दी गई थी। जिस आईडी का उपयोग अनुकंपा नियुक्ति में की गई थी। वह भैयालाल कोल की निकली। फार्म फारवर्ड में प्राचार्य के हस्ताक्षर के अलावा मृत्यु प्रमाण पत्र एवं पीपीओ भी फर्जी निकला है। 

पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने मांगे 5 साल के रिकार्ड

पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल ने अनुकंपा से जुड़ी सभी जानकारियां विधानसभा प्रश्न के माध्यम से मांगी है। पांच साल में स्कूल शिक्षा विभाग में की गई अनुकंपा नियुक्ति की जानकारी। पदों की संरचना और फर्जी अनुकंपा के प्रकरणों की भी जानकारी मांगी है। अब इसमें रीवा के पुराने रिकार्ड भी खुलकर सामने आ जाएंगे जो अब तक दबे हुए थे। कमिश्नर ने तीन साल पुराने रिकार्ड खंगालने के लिए टीम भी बनाई थी लेकिन अब तक टीम ने रिपोर्ट कमिश्नर को नहीं दी। अब सीधे विधानसभा ही मामला पहुंचेगा। वहीं पर खुलासा भी हो जाएगा। 

2011 की मृत्यु को बनाया 2021

हीरामणि रावत पिता भैयालाल रावत ग्राम पोस्ट जोड़ौरी जिला रीवा की भी नियुक्ति फर्जी तरीके से की गई। इनकी नियुक्ति शाउमावि बरौ विकासखंड सिरमौर अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बीड़ा में की गई थी। भैयालाल का निधन 2011 में हुआ था। जिसे 2021 बनाकर तीसरे बेटे को अनुकम्पा नियुक्ति दी गई। यहां खास बात यह है कि उनके पहले से दो बेटे गवर्नमेंट जॉब में थे।  नियमानुसार शासकीय कर्मचारी के निधन के 7 साल के अंदर ही अनुकंपा के लिए आवेदन करना होता है। इसके अलावा यदि परिवार में दो लोग सरकारी नौकरी में है तब भी अनुकंपा नहीं मिल सकती।

चार की नियुक्ति में फर्जी यूनिक आईडी

ऊषा देवी पिता बुद्धसेन वर्मा ग्राम चन्देला पोस्ट चन्द्रपुर तहसील त्योंथर को भृत्य पद पर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की गई थी। इनकी नियुक्ति में यूनिक आईडी एएक्स 2489 का उपयोग किया गया। यह आईडी तीरथ प्रसाद आदिवासी की थी। ओम प्रकाश कोल की माता श्रीमती राधा कोल की जगह पर अनुकंपा नियुक्ति दी गई थी। राधा देवी कोल की यूनिक आईडी एडब्लू 1236 का उपयोग किया गया था। यह आईडी बालकृष्ण कोल सहायक शिक्षक शाउमावि घुवारा के नाम से थी। इसी तरह सुषमा कोल पिता श्यामलाल कोल निवासी ग्राम पोस्ट सोहागी तहसील त्योंथर की पोस्टिंग शासकीय उत्कृष्ट उमावि गंगेव में की गई थी। इनके लिए यूनिक आईडी एएक्स 1558 का उपयोग किया गया था जो अनिल कुमार सिंह उच्च माध्यमिक शिक्षक के नाम से था। इसी तरह विनय कुमार रावत पिता राजेश रावत निवासी ग्राम पोस्ट बरौं तहसील सेमरिया की अनुकंपा नियुक्ति शाउमावि तिघरा में की गई थी। यूनिक आईडी एडब्लू 6418 से नियुक्ति दी गई थी। यह यूनिक आईडी एजुकेशन पोर्टल 2.0 अनुकंपा नियुक्ति में राम विश्वास कोल की थी।

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