रीवा में फर्जी अनुकंपा नियुक्ति घोटाले की 10 माह चली जांच की अंतरिम रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी गई है। रिपोर्ट में तत्कालीन डीईओ सुदामा लाल के साथ एक पूर्व डीईओ जीपी उपाध्याय की भूमिका भी सामने आई है। जांच में कई फर्जी नियुक्तियों का खुलासा हुआ, जिन पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है। मामला विधानसभा तक गूंज चुका है।

हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
10 महीने बाद अंतत: एसडीएम ने फर्जी अनुकंपा नियुक्ति की जांच की अंतरिम रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी है। इस जांच में एक और डीईओ की करतूत उजागर हुई है। तत्कालीन डीईओ सुदामा लाल के समय तो फर्जी अनुकंपा नियुक्ति की झड़ी लग गई थी लेकिन उसके पहले पदस्थ एक डीईओ ने इस फर्जी नियुक्ति की शुरुआत की थी। जांच टीम की रिपोर्ट में डीईओ के नाम का खुलासा हुआ है।
आपको बता दें कि स्कूल शिक्षा विभाग में सबसे बड़ा फर्जी अनुकंपा नियुक्ति घोटाला हुआ। वर्ष 2025 जून में इस फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ। पहले बृजेश कुमार कोल से मामला सामने आया। नियुक्ति आदेश में बेलाकली कोल को बृजेश कोल की मां बताया गया। उन्हें शासकीय प्राथमिक शाला ढेरा में सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ होना दर्शाया गया था। साथ ही 16 मई 2023 को निधन बताया गया। बेलाकली की मौत के बाद आश्रित बृजेश कुमार कोल पिता शिवचरण कोल ग्राम पोस्ट परसिया तहसील त्योंथर को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जोड़ौरी विकासखंड गंगेव में प्यून के पद पर नियुक्ति दे दी गई। बृजेश कोल ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर डीईओ आफिस में सौंपे थे। इसी के आधार पर नियुक्ति आदेश जारी किया गया था। इसका खुलासा संकुल प्राचार्य के वेतन आहरण का दबाव बनाने पर हुआ। बृजेश कोल से दस्तावेज मांगे गए। यूनिक आईडी जनरेट करने की कोशिश की गई तो पता चला कि बेलाकली कोल के नाम की कोई महिला शिक्षक पदस्थ ही नहीं थी। इसके बाद जांच शुरू हुई तो 6 अनुकंपा फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ। यह मामला तूल पकड़ा तो कमिश्नर ने 3 साल के अनुकंपा नियुक्ति की जांच बैठा दी।
एसडीएम के नेतृत्व में शिक्षा विभाग में जांच हुई। पहले आईएएस वैशाली जैन ने जांच की। उनके स्थानांतरण के बाद अनुराग तिवारी के नेतृत्व में जांच आगे बढ़ी। उन्होंने जांच के बाद अंतरिम रिपोर्ट जनवरी में ही कलेक्टर को सौंप दी है। इसमें एक नया नाम सामने आया है। सिर्फ सुदामा लाल गुप्ता के कार्यकाल में ही अनुकंपा नियुक्ति फर्जीवाड़ा नहीं हुआ था। उसके पहले पदस्थ जीपी उपाध्याय ने भी एक फर्जी अनुकंपा नियुक्ति की थी। अब वही जांच में सामने आ गया है।
इन्हें दी गई थी फर्जी अनुकंपा नियुक्ति
स्कूल शिक्षा विभाग में तत्कालीन डीईओ सुदामा लाल गुप्ता के पदस्थ रहते 6 लोगों को फर्जी अनुकंपा नियुक्ति दी गई थी। इनमें बृजेश कुमार कोल, हीरामणि कोल, विनय कुशवावत, ऊषा कोल, सुषमा कोल, ओमप्रकाश कोल शमिल थे। इन सभी के खिलाफ सिविल लाइन थाना में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।
पहले भाई को दी गई थी अनुकंपा, फिर बहन को भी दे दी
तत्कालीन डीईओ आरएन पटेल के समय एक अनुकंपा नियुक्ति की गई थी। मंगेश कोल के निधन पर उनके बेटे अजेश कोल को नियुक्ति दी गई थी। वर्तमान समय में पाण्डेन टोला में अजेश कोल की पदस्थापना है। आरएन पटेल के हटते ही नए डीईओ के चार्ज में जीपी उपाध्याय आए। उन्होंने मौके पर चौका मार दिया। मंगेश कोल की मृत्यु के बाद बेटे को तो अनुकंपा नियुक्ति मिली ही थी। बेटी का आवेदन लेकर साधना कोल को भी गंगेव में नियुक्ति दे दी गई। वर्तमान समय में अभी भी साधना कोल की नियुक्ति गंगेव में है। इस्तीफा तक नहीं लिया गया है।
जांच में फंस गए लेकिन कार्रवाई नहीं हो पाई
सूत्रों की मानें तो जांच रिपोर्ट कलेक्टर के पास जनवरी में ही पहुंच गई थी। इस मामले में कमिश्नर के पास कार्रवाई का प्रतिवेदन भी भेजा गया था। हालांकि जनवरी में ही गोविंदगढ़ स्कूल में पदस्थ जीपी उपाध्याय रिटायर होने वाले थे। निलंबन का प्रस्ताव कमिश्नर रीवा संभाग रीवा के पास पहुंचा था। निलंबन अवधि में किसी भी लोक सेवक का रिटायरमेंट नहीं हो सकता था इसलिए कार्रवाई नहीं की गई। जीपी उपाध्याय को बचा लिया गया और उन्हें रिटायर होने दिया गया।
तीन सदस्यीय टीम ने की थी जांच
स्कूल शिक्षा विभाग में तीन सदस्यीय टीम ने जांच की थी। इसमें एसडीएम के अलावा मार्तण्ड स्कूल क्रमांक 1 के प्राचार्य और जिला कोषालय अधिकारी शामिल थे। तीन अधिकारियों ने तीन साल के रिकार्ड तलब किए थे। सभी की जांच की थी। जांच करीब 10 महीनों तक चली। अब जाकर ऐन मौके पर रिपोर्ट सबमिट की गई। इसी का फायदा तत्कालीन डीईओ जीपी उपाध्याय को मिला।
विधानसभा में उठा था मामला
आपको बता दें कि रीवा में अनुकंपा नियुक्ति फर्जीवाड़ा ने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया था। यह मामला विधानसभा तक पहुंचा था। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल ने मामले को उठाया था। 5 सालों में हुए अनुकंपा नियुक्ति में की गई गड़बड़ी की जानकारी मांगी गई थी। रीवा संभाग में पहले से ही तीन साल की अनुकंपा नियुक्तियों की जांच चल रही थी। बाद में इसमें दो साल के और रिकार्डों की जांच शुरू कर दी गई थी। हालांकि दो सालों की जांच जेडी लोक शिक्षण कर रही थी।
अनुकंपा नियुक्ति फर्जीवाड़ा की जो शिकायत थी। उसकी जांच चल रही थी। प्रारंभिक जांच प्रतिवेदन कलेक्टर को सौंप दिया गया है।
अनुराग तिवारी, एसडीएम, हुजूर रीवा


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
उत्तर भारत में इन दिनों गर्मी का प्रकोप देखने को मिल रहा है। देश के कई राज्य भीषण गर्मी से तप रहे हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा से लेकर राजस्थान और महाराष्ट्र के कई जिलों में लोगों का गर्मी से बुरा हाल रहा। यूपी का बांदा 46.7 के साथ और एमपी का राजगढ़ जिला 45 डिग्री के साथ सबसे गर्म शहर रहा।
भोजशाला मामले में MP के पूर्व CM दिग्विजय सिंह ने हाईकोर्ट के फैसले को अस्पष्ट बताते हुए कहा कि ASI को मंदिर के सबूत नहीं मिले। वहीं भोज उत्सव समिति ने दिग्विजय सरकार पर पूजा प्रतिबंधित करने का आरोप लगाया है। पढ़ें पूरी खबर।
भोपाल में रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में नया मोड़। मायके वालों ने शव लेने से किया इनकार, दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग को लेकर सीएम हाउस के सामने किया प्रदर्शन।
मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा के जंगीपुरा रोड स्थित मदरसा रोड पर देर रात एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान और मकान में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि दुकान में रखे इलेक्ट्रॉनिक सामान और एसी रिपेयरिंग के सिलेंडरों में धमाके होने लगे। धमाकों से पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने प्रदेश के अफसर और कर्मचारियों के अवकाश नियमों में बड़ा बदलाव किया है। दरअसल, वित्त विभाग द्वारा मप्र सिविल सेवा अवकाश नियम 2025 के तहत अवकाश मंजूरी के अधिकारों को विभाजित कर दिया है।
मध्यप्रदेश के देवास जिले के पीपलरावा थाना क्षेत्र में बैराखेड़ी गांव के समीप प्याज से भरा एक मिनी ट्रक मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ट्रक के ऊपर सो रहे तीन मजदूरों की मौत हो गई। दो अन्य लोग घायल हो गए।
सुबह से ही श्रद्धालुओं का उत्साह देखते बन रहा था। ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और जयघोष के साथ श्रद्धालुओं ने भोजशाला परिसर में प्रवेश किया। महिलाएं, युवा, बुजुर्ग और बच्चे हाथों में मां सरस्वती के चित्र और धार्मिक ध्वज लिए पहुंचे।
मध्यप्रदेश के रतलाम में आज भीषण टेन हादसा हो गया। राहत की बात यह है कि सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया। दरअसल, दिल्ली निजामुद्दीन की ओर जा रही राजधानी एक्सप्रेस (12431) के दो कोच में रविवार सुबह आग लगने से अफरा-तफरी मच गई।
दमोह (तेंदूखेड़ा) के आईईएस पब्लिक स्कूल में शिक्षिका की कथित मारपीट के शिकार 9 वर्षीय छात्र काव्य नामदेव की भोपाल एम्स में मौत। परिजनों ने शव के साथ एसपी ऑफिस घेरा, SIT करेगी जांच।
भोपाल के DPI परिसर में शिक्षक भर्ती परीक्षा-2025 के अभ्यर्थियों का उग्र प्रदर्शन। पदवृद्धि और जॉइनिंग की मांग पर अड़े वर्ग 2-3 के परीक्षार्थी। तेज धूप में महिला अभ्यर्थी की तबीयत बिगड़ी।