शीतकालीन सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस ने सरकार पर संसदीय परंपराओं को खत्म करने का आरोप लगाया। सुरक्षा मंत्री किरेन रिजिजू ने सुचारू सत्र की उम्मीद जताई। जानें सत्र का एजेंडा और प्रमुख मुद्दे।
By: Star News
Nov 30, 20255:08 PM
नई दिल्ली. स्टार समाचार वेब
संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है, और सत्र से पहले ही केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर टकराव की पृष्ठभूमि तैयार हो चुकी है। शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले, रविवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सत्ता पक्ष से जे.पी. नड्डा और किरेन रिजिजू सहित कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, गौरव गोगोई और अन्य विपक्षी नेता शामिल हुए।
सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सरकार पर संसदीय परंपराओं को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि सरकार, भाजपा, प्रधानमंत्री भारत के लोकतंत्र और संसदीय परंपराओं को खत्म करना चाहते हैं।" उन्होंने सत्र के छोटे होने पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार संसद को पटरी से उतारना चाहती है। कांग्रेस ने बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा, वायु प्रदूषण, लोकतंत्र की रक्षा, और मतदाता सूची की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की मांग रखी है।
माकपा नेता जॉन ब्रिटास ने दिल्ली में लाल किले के पास हुए विस्फोट का जिक्र करते हुए सरकार की जिम्मेदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सुरक्षा मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा चाहती है, और अगर सत्र बाधित होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सर्वदलीय बैठक के बाद सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि किसी भी नेता ने यह नहीं कहा कि संसद नहीं चलेगी, हालांकि कुछ ने ज़रूरी मुद्दों (जैसे एसआईआर) पर हंगामा होने की संभावना जताई। रिजिजू ने स्पष्ट किया कि सरकार विपक्ष की बात सुनने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, "संसद सबकी है, देश की है। संसद में हर मुद्दे पर चर्चा करने का एक तरीका होता है। नियम होते हैं, परंपराएं होती हैं।"
रिजिजू ने आशा व्यक्त की कि सभी सदस्य शांत मन से काम करेंगे और गरमागरम बहस से बचेंगे। उन्होंने कहा कि बहस ज़रूर होगी, लेकिन उम्मीद है कि कोई व्यवधान नहीं होगा, जिससे देश का फायदा होगा और सत्र सुचारू रूप से चलेगा।
शीतकालीन सत्र में केंद्र सरकार असैन्य परमाणु क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने संबंधी विधेयक जैसे महत्वपूर्ण सुधार एजेंडे को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। वहीं, विपक्ष 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के संशोधन, सोनिया-राहुल गांधी पर नई प्राथमिकी, दिल्ली प्रदूषण, दिल्ली आतंकी हमला, और वोट चोरी जैसे गंभीर मुद्दों को उठाकर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। यह सत्र बिहार विधानसभा चुनावों में एनडीए की जीत के बाद आयोजित हो रहा है, जिससे सदन में राजनीतिक गरमाहट और बढ़ सकती है।