सतना जिला अस्पताल में सक्रिय एंबुलेंस दलालों पर प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद एसडीएम, आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त टीम ने अस्पताल के बाहर से ठेले, गुमटियां और निजी एंबुलेंस जब्त कीं। निजी एंबुलेंस दलालों पर एफआईआर दर्ज, पार्किंग ठेकेदार को चेतावनी दी गई।
By: Star News
Aug 30, 20252 hours ago
हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
जिला अस्पताल में सक्रिय मौत के दलालों को पकड़ने की कार्रवाई शुरू हो गई। कार्रवाई में पहुंचे अधिकारियों ने कहा कि अब जिला अस्पताल में दलाली स्वीकार नहीं होगी। मरीजों का इलाज सिर्फ जिला अस्पताल में होगा। मरीज को बरगलाने वाले दलाल पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बताया गया कि बीती रात एम्बुलेंस दलालों के बीच हुई मारपीट का वीडिओ सोशल मीडिआ में वायरल होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और दलालों पर कार्रवाई करने एवं अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधारने जिला प्रशासन, यातायात और आरटीओ की संयुक्त टीम के अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे। सिटी एसडीएम राहुल सिलाड़िया, आरटीओ संजय श्रीवास्तव और डीएसपी ट्रैफिक संजय खरे ने जिला अस्पताल के आरएमओ डॉ. शरद दुबे से चर्चा कर जिला अस्पताल संबधी जानकारियां ली इसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान इंद्रा गर्ल्स कॉलेज से लेकर जिला अस्पताल के दोनों गेटों के बाहर सड़क में लगे फुटपाथियों, ठेले, गुमटियों को हटाया गया एवं सामान जब्ती की कार्रवाई भी गई। कार्रवाई के दौरान कई दुकानों से घरेलु गैस सिलेंडर भी जब्त किये गए। इसके अलावा जिला अस्पताल के बाहर खड़ी निजी एम्बुलेंस को भी जब्त करने की कार्रवाई की गई।
खुले में खड़ी निजी एंबुलेंसों को हटाया
सिटी एसडीएम राहुल सिलारिया के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। सबसे पहले इंद्रा गर्ल्स कॉलेज से लेकर जिला अस्पताल के सामने लगे ठेले और फूटपाथियों दुकानदारों पर कार्रवाई की गई। सड़क में खड़ी निजी एंबुलेंस की भी जब्ती बनाई गई। इसके बाद कापोर्रेटिव बैंक के सामने खड़ी दो निजी एंबुलेंस की जब्ती बनाई गई एवं अन्य एबुलेंस को हटाकर जमीन खाली कराई गई।
पार्किंग ठेकेदार को चेतावनी
जिला अस्पताल पहुंचे अधिकारियों ने सबसे पहले पार्किंग व्यवस्था सुधारने पार्किंग ठेकेदार को तलब किया। ठेकेदार को चेतावनी देते हुए कहा कि जिला अस्पताल के सामने की पार्किंग की भी जिम्मेदारी पार्किंग ठेकेदार की है। सामने खड़ी होने वाली सभी गाड़ियों में पर्ची लगाएं। किसी भी मरीज या मरीज के परिजन से पार्किंग फीस के नाम पर दलाली फीस वसूली गई तो तत्काल पार्किंग ठेका समाप्त कर दिया जायेगा। आए दिन तुम लोग मरीजों के परिजनों की गाड़ियों में चैन लगाकर पैसा वसूलते हो, रशीद भी नही देते ऐसी शिकायतें रोजाना मिलती हैं । अब आगे से ऐसा न हो सभी गाड़ियों को व्यवस्थित खड़ी कराएं।
एफआईआर दर्ज
जिला अस्पताल में रविवार की रात एम्बुलन्स दलालों के बीच हुई मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज की गई। दर्ज एफआईआर में नजीराबाद वार्ड नंबर 35 के रहने वाले फरियादी मोहम्मद अमीन उर्फ चिन्नू (50 वर्ष ) ने बताया कि 27 अगस्त की रात करीब 2:30 बजे वह अपने बेटे मोहम्मद अमन के साथ जिला अस्पताल से घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में कल्लू, मोहम्मद अमन और गोलू मंजा ने उन्हें रोक लिया। आरोपियों ने रात में एम्बुलेंस चलाने पर आपत्ति जताते हुए पहले गाली-गलौज की, फिर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट के दौरान मोहम्मद अमीन के बाएं पैर की उंगली और दाहिने पैर में चोट लगी, जबकि बीच-बचाव करने आए उनके बेटे मोहम्मद अमन को भी पीटा गया। अमन के सीने और पैर में चोट आई है। घटना के दौरान मोहल्ले के गुड्डू विश्वकर्मा और सलमान बंटा ने बीच-बचाव कर किसी तरह आरोपियों को वहां से हटाया। जाते-जाते आरोपियों ने धमकी दी कि अगर दोबारा रात में एम्बुलेंस चलाई तो जान से मार देंगे।
दलालों का अड्डा बना डीएच
निजी एम्बुलेंस के दलालों ने जिला अस्पताल को मेन अड्डा बना रखा है। निजी अस्पतालों द्वारा दिए जाने वाले कमीशन के लालच में ये किसी भी हद तक जा सकते हैं। मरीज को बरगला कर निजी अस्पतालों में बेचने का खेल हर दिन खेला जाता है। हर दिन मरीज की जिंदगी से लेकर मौत तक का सौदा किया जाता है। गौरतलब है कि थोड़े से कमीशन के लालच में बीती 10 अप्रैल को दलालों ने एक युवती की जिंदगी हर ली थी। जिसे स्टार समाचार ने प्रमुखता से लिखा था। उस घटना में भी गुड्डू विश्वकर्मा नाम के दलाल का नाम उजागर हुआ था। कार्यवाही के नाम पर कुछ दलालों पर खानापूर्ति कार्रवाई हुई, अब सब आजाद घूम रहे हैं। जिला अस्पताल में संचालित चौकी के मालिकों का संरक्षण प्राप्त होने से ये सब आए दिन हो रहा है। बीती रात को भी जिला अस्पताल कि चौकी के सामने ही मीरपीट की गई। चौकी से ही डंडा निकालकर प्रयोग किया गया। अस्पताल संरक्षण में लगाए गए चौकी के जिम्मेदार खड़े होकर तमाशा देखते रहे, कुछ कर न सके। यह मामला जब सोसल मीडिया में वायरल हो गया तो कार्रवाई के नाम पर एफआईआर दर्ज का ढोंग गढ़ दिया गया। पता नहीं कब इस व्यवस्था पर लगाम लगेगी?