सतना जिला अस्पताल के निरीक्षण में कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने पार्किंग ठेकेदार और आरकेएस कर्मियों को लगाई फटकार। नई 150 बिस्तरों की बिल्डिंग निर्माण में हो रही देरी और अव्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश दिए।

निर्माणाधीन 150 बिस्तर वाले अस्पताल का लिया जायजा
सतना, स्टार समाचार वेब
शनिवार को जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर बेहद सख्त मूड में नजर आए। उन्होने पार्किंग ठेकेदार को न केवल आइना दिखाया बल्कि रोगी कल्याण समिति की बैठक में भी विसंगतियां सामने आने पर आरकेएस कर्मियों को फटकार लगाई।
पार्किंग कांट्रैक्टर को महंगी पड़ी तकरार
जिला अस्पताल परिसर में निमार्णाधीन नए 150 बिस्तरा अस्पताल की बिल्डिंग का मुआयना करने पहुंचे कलेक्टर का सामना पार्किंग ठेकेदार की मनमानी से हुआ जिस पर कलेक्टर ने पार्किंग ठेकेदार को फटकार लगाई। हुआ यूं कि निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पार्किंग की नई जगह के लिए ट्रामा यूनिट के सामने वाली रोड के पास पड़ी खाली जगह का सुझाव दिया। इसी दौरान कलेक्टर ने अस्पताल परिसर के पीछे लगे ट्रांसफार्मर के बगल से बंद पड़े गेट को खोलकर वहां से दो पहिया वाहनों के आवागमन के लिए सुझाव दिया और पार्किंग स्थल वाली रोड को बंद करने के लिए कहा। उन्होंने जगह देखते ही बंद गेट को खुलवाने और पीआईयू इंजीनियर को तत्काल ग्राउंड लेवलिंग कर फोटो भेजने के लिए कहा। इतने में पीआईयू के इंजीनियर ने कहा कि पार्किंग ठेकेदार हमारी गाड़ियों को पार्किंग स्थल में आने नहीं देता जिससे काम पूरा नहीं हो पा रहा। इस पर कलेक्टर ने पार्किंग ठेकेदार को बुलाया और उसका नाम पूंछा, जवाब मिला, अखिलेश सिंह। उन्होंने ठेकेदार से कहा कि क्यों ऐसा करते हो ? कलेक्टर के सवाल पर ठेकेदार बहस पर उतारू रहा, जिसके बाद कलेक्टर का सख्त मूड सामने आया और उन्होने फटकार लगाते हुए पार्किंग ठेकेदार को कहा कि शांत रहो नहीं तो जेल भेज दूंगा। तुम्हारे पार्किंग से ज्यादा जरूरी अस्पताल का बनना है। कई गरीबों की जिंदगी का सवाल है। कार्यालय जाकर एसडीएम को भेजूंगा और 151 के तहत जेल चले जाओगे। हमें हमारा काम करने दो। अंत में उन्होंने पीआईयू के इंजीनियर को ग्राउंड लेवलिंग का काम करा रविवार को फोटो भेजने के लिए कहा।
अक्टूबर से ठेका बंद करने के निर्देश
नई बिल्डिंग में बाधा बनने वाली पार्किंग स्थल पहुंचकर उन्होंने पीआईयू के इंजीनियर से पूंछा कि पार्किंग स्थल में काम कबसे चालू होगा? यहां क्या परेशानी है? इस पर इंजीनियर ने कहा कि करीब 20 मीटर हिस्सा पार्किंग का फसेगा। बिल्डिंग के कालम जब खड़े हो जाएंगे तब यहां काम चालू होगा। इस पर कलेक्टर ने पार्किंग ठेका बंद करने के लिए कहा। उन्होंने इंजीनियर से पूंछा कितना समय लगेगा? इंजीनियर ने जवाब दिया करीब दो माह। बस इतने पर कलेक्टर ने पार्किंग ठेकेदार से साफ कहा कि एक अक्टूबर से आप यहां वाहन खड़ी नहीं कराएंगे। इसके बाद पार्किंग की नई जगह ढूढ़ने के लिए निकले कलेक्टर ने अस्पताल परिसर के पीछे खड़ी सेवा संकल्प की गाड़ियों को देखकर सिविल सर्जन से पूंछा कि ये किसकी हैं? जवाब मिला सेवा संकल्प की। इतने में कलेक्टर ने पूंछा कि इसके लिए किससे बात करनी पड़ेगी, कौन बताएगा? लेकिन अधिकारी कुछ नहीं बोल पाए। इस मौके पर सीएमएचओ डॉ. एलके तिवारी, मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. एसपी गर्ग, सिविल सर्जन डॉ. मनोज शुक्ला, आरएमओ डॉ. शरद दुबे, डॉ. अमर सिंह, डॉ. विजेता राजपूत, डायटीशियन जीएस तिवारी, संतोष त्रिपाठी, शोभित सिंह एवं पीआईयू के इंजीनियर मौजूद रहे।
सर्कुलर तक नहीं दिखा सके सिविल सर्जन
कलेक्टर ने सिविल सर्जन से पूंछा कि आरकेएस में भर्ती करने का कोई सर्कुलर है, जवाब मिला नहीं। इस पर बिफरे कलेक्टर ने कहा कि पूरे मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा आरकेएस कर्मी सतना में पदस्थ हैं। न तो इनकी उम्र सीमा तय है और न ही कोई सर्कुलर। इस पर उन्होंने हिदायत देते हुए कहा कि अब आरके एस में कोई भी नई भर्ती नहीं होगी। नए कर्मचारी आउटसोर्स से रखे जाएंगे।आरकेएस की कर्मचारियों की सूची तैयार करिए जो बीमार है उसे हटा दीजिए। यह व्यवस्था पूरे जिले में लागू होगी। सफाई और सुरक्षा वालों पर पेनल्टी लगाइए। बरसात में पानी की मॉनिटरिंग की व्यवस्था बनाइए।
इन पर चर्चा
आरकेएस की बैठक में ई-हास्पिटल साफ्टवेयर के संचालन के लिए पूर्व में चयनित आउटसोर्स एजेंसी की जमा प्रतिभूति राशि को 1 लाख रुपए को राजसात करने और इसी स्वीकृत दर पर दूसरी फर्म को कार्य संचालन के संबंध में चर्चा की गई। अधीष्ठा शासकीय चिकित्सालय महाविद्यालय सतना को कार्यकारिणी समिति का सदस्य नामांकित करने और जिला चिकित्सालय के माइनर सिविल वर्क कराये जाने की प्रक्रिया के बारे में चर्चा की गई।
सीएस ने दिया लेखा-जोखा
आय-व्यय की समीक्षा में बताया गया कि रोगी कल्याण समिति के पास 30 जून 2025 की स्थिति में रोगी कल्याण समिति का 1 करोड 5 लाख 35 हजार रुपए, रोगी कल्याण समिति की दुकानों का प्रीमियम एवं सुरक्षा निधि 50 लाख, वाहन पार्किंग की सुरक्षा निधि 10 लाख 58 हजार, आयुष्मान भारत मद में 10 लाख 55 हजार और गेल इण्डिया के सीएसआर मद से प्राप्त 48 लाख 35 हजार रुपए की राशि शेष के रूप में खाते में जमा है।
आरकेएस में नहीं होगी नई भर्ती, ड्रेस कोड में न आए तो वेतन भी कटेगी
अब रोगी कल्याण समिति में नई भर्ती नहीं होगी और आरकेएस में कार्यरत कर्मियों की रिटायरमेंट की कोई उम्र भी तय होगी। यह बात जिला कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने रोगी कल्याण समिति की बैठक में कही। जिला अस्पताल के सभागार कक्ष में शनिवार को कलेक्टर की अध्यक्षता में रोगी कल्याण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने सिविल सर्जन डॉ. मनोज शुक्ला को समिति से पांच लाख रुपए में जिला अस्पताल के कार्य कराने की छूट दी। इन सभी कार्यों को एचएम की इंजीनियर अनीता देखेंगी। बैठक में मुद्दा तब गरमा गया जब आरकेएस के कई कर्मचारी बैठक में पहुंच कलेक्टर से वेतन बृद्धि की मांग पर अड़ गए। इस पर कलेक्टर नाराज हो गए और एक कर्मचारी से पूंछा कि तुम कौन हो और कहां से आये हो? इस पर कर्मियों ने कहा कि हम आरके एस के कर्मचारी हैं। कलेक्टर ने कहा कि तुम कैसे कर्मचारी हो न तो तुम ड्रेस में और न ही तुम्हारे पास कोई आईडी कार्ड है? यह तरीका गलत है। आप लोगों को वैसे भी कलेक्टर रेट में पैसा मिल रहा है। कलेक्टर ने सामने बैठे डायटीशियन जीएस तिवारी को कहा कि इनकी मॉनिटरिंग आप करिए। आगे से आरकेएस का जो भी कर्मी बिना ड्रेस और आईडी के आए उसकी वेतन काटिए, नहीं माने तो उसे हटा दीजिए। अंत में कलेक्टर ने कर्मियों से कहा कि पहले मैं पहले आप लोगों का काम देखूंगा बाद में कोई फैसला लूंगा।


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