कोठी तहसील के पैकौरा गांव में आवारा कुत्ते ने 5 वर्षीय बच्ची पर हमला किया, हालत गंभीर।
By: Yogesh Patel
Jan 28, 20264:23 PM
हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
कोठी तहसील के पैकौरा गांव में सोमवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब घर के बाहर खेल रही 5 वर्षीय बच्ची पर आवारा कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया। कुत्ते ने बच्ची के चेहरे को बुरी तरह नोच लिया। खून से लथपथ मासूम को पहले कोठी अस्पताल और फिर गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है।
सोमवार दोपहर पैकौरा गांव निवासी मुकेश विश्वकर्मा की 5 वर्षीय बेटी महक घर के आंगन के पास खेल रही थी। तभी अचानक पीछे से आए एक आवारा कुत्ते ने बच्ची पर झपट्टा मार दिया। कुत्ते ने उसे गिराकर सीधे चेहरे को निशाना बनाया और गाल व मुंह पर दांत गड़ा दिए। मासूम की चीख सुनकर परिजन और आसपास के ग्रामीण दौड़ पड़े। लाठी-डंडों और पत्थरों से किसी तरह कुत्ते को भगाया गया।
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हमले में बच्ची के चेहरे पर गहरे घाव हो गए और लगातार खून बहने लगा। परिजन उसे आनन-फानन में कोठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। हालांकि घाव की गंभीरता और रेबीज व संक्रमण के खतरे को देखते हुए चिकित्सकों ने बच्ची को तुरंत सतना जिला अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल वहां उसका इलाज जारी है।
घटना के बाद से गांव में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा और आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने प्रशासन से ऐसे कुत्तों पर जल्द नियंत्रण की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
कुत्ते हुए खूंखार, 24 घंटे में डॉग बाइट के 250 से अधिक केस
शहर में आवारा कुत्तों और अन्य जानवरों का कहर बढ़ता ही जा रहा है। आए दिन जिला अस्पताल में एक सैकड़ा के आसपास डॉग बाईट के केस सामने आ आ रहे हैं। अचानक से मंगलवार को यह संख्या दोगुनी से भी अधिक हो गई। इंजेक्शन कक्ष को भी समय के एक घंटे बाद बंद करना पड़ा लेकिन एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने वाले मरीज नहीं थमे। प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को 6 घंटे के दौरान डॉग बाइट के 250 से अधिक मरीज वैक्सीन लगवाने जिला अस्पताल पहुंचे। हालांकि इसमें कुछ नए और कुछ पुराने डोज वाले मरीज शामिल रहे। गौरतलब है कि सरकारी अस्पतालों में एंटी रेबीज वैक्सीन नि:शुल्क लगाई जाती है।
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20 हजार डोज का स्टॉक, हर मरीज जिला अस्पताल रेफर
मिली जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल के स्टोर में 4 हजार बॉयल अर्थात 20 हजार डोज वैक्सीन का स्टॉक उपलब्ध है, जो कि पर्याप्त है। एक बॉयल वैक्सीन में 5 मरीजों को इंजेक्शन डोज दिया जाता है। बताया गया कि स्वास्थ्य संस्थाओं में एआरवी वैक्सीन स्टॉक होने के बावजूद भी डॉग बाइट के मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है जिसके चलते भीड़ बढ़ रही है। सूत्रों की माने तो सतना -मैहर को मिला कर एक साल में जिला अस्पताल में 22 हजार से अधिक रेबीज वैक्सीन की खपत होती है। यह आंकड़ा केवल जिला अस्पताल का है। निजी अस्पताल के आंकड़ें भी जोड़ दें तो यह संख्या दोगुनी हो जाएगी।
बढ़ी एंटी रेबीज वैक्सीन की मांग
शहर और आसपास के इलाकों में आवारा पशुओं के काटने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसके चलते जिला अस्पताल में हर महीने बड़ी संख्या में मरीज एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाने पहुंच रहे हैं। इंजेक्शन प्रभारी सपना मालवीय ने बताया कि मंगलवार की दोपहर 2 बजे तक 226 मरीजों को डॉग बाइट के चलते एआरवी दिया गया। जैसे ही ओपीडी का समय समाप्त हुआ, इंजेक्शन कक्ष बंद करने की तैयारी की गई करीब 10 केस और डॉग बाईट के आ गए । इन मरीजों को वैक्सीन लगाने एक घंटे अतिरिक्त इंजेक्शन रूम को खोला गया। इसके बाद भी एमर्जेन्सी रूम में एआरवी के 10 बॉयल रखे गए ताकि आपातकालीन में आने वालों को वैक्सीन लग सके। प्रभारी के मुताबिक तीन बजे तक 250 मरीजों को वैक्सीन लगाई गई।
डॉग बाइट के बाद आरआईजी (रेबीज इम्मुनोग्लोबिन) की सुविधा जिला अस्पताल में ही उपलब्ध है, जिसके चलते भीड़ बढ़ रही है। जिले की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में एंटी रेबीज वैक्सीन की सुविधा उपलब्ध है। बेवजह इस प्रकार के मरीजों को जिला अस्पताल रेफर करने की शिकायतों की जांच कराई जाएगी।
डॉ. मनोज शुक्ला, सीएमएचओ
डॉग बाइट या कोई भी जानवर काट देने के बाद 28 दिनों के भीतर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाना अनिवार्य है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए मरीजों को समय पर चारों डोज लगे। रेबीज एक घातक विषाणु जनित रोग है, जो मस्तिष्क में सूजन पैदा कर सकता है। प्रारंभिक लक्षणों में बुखार और झुनझुनी शामिल है। सही समय पर एआरवी न लगवाने पर यह जानलेवा हो सकता है।
डॉ. प्रदीप गौतम, एपिडेमियोलॉजिस्ट
इधर, इकाई में अटकी डॉग्स वैक्सीनेशन
एक ओर जहां एक दिन में दो सैकड़ा से अधिक डॉग बाइट के केस जिला चिकित्सालय पहुंचे। वहीं दूसरी ओर डॉग्स वैक्सीनेशन इकाई के अंक में अटकी हुई है। यहां के कृष्णनगर स्थित एनीमल पॉलीक्लिनिक में वर्तमान में हर दिन 4 से 5 केस ही आ रहे हैं। हालांकिअधिकांश से डॉग्स लवर्स निजी चिकित्सकों की क्लीनिकों में वैक्सीन लगवा रहे हैं। पॉली क्लीनिक प्रभारी डॉ. बृहस्पति भारती ने बताया कि पालतू डॉग्स को समय-समय पर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवानी अनिवार्य रहती है।