सतना नगर निगम ने बड़े सम्पत्तिकर बकायादारों पर सख्ती बढ़ाई, टैक्स न देने पर नल कनेक्शन काटने की चेतावनी।
By: Yogesh Patel
Jan 31, 20263:46 PM
हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
आर्थिक संकट से जूझ रहे नगर निगम ने सम्पत्ति कर के बड़े बकायादारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का निर्णय लिया है। ऐसे बकायादारों का नगर निगम पानी तक बंद कर सकता है। सम्पत्ति कर के ऐसे बकायादार जो लम्बे समय से सम्पत्तिकर का भुगतान नहीं कर रहे हैं और उनका सम्पत्ति कर का बकाया एक लाख से उससे ज्यादा है ऐसे बकायादारों को सूचीबद्ध कर उन्हें एक बार फिर से नगर निगम द्वारा बकाया जमा करने की नोटिस जारी की जाएगी। यदि इसके बाद भी बकायादार सम्पत्ति कर जमा करने में हीला-हवाली करते हैं तो नगर निगम उनका नल कनेक्शन काटने की कार्रवाई तक कर सकता है। सम्पत्ति कर वसूली बढ़ाने को लेकर सख्त कार्रवाई के निर्देश शुक्रवार को महापौर योगेश ताम्रकार ने दिए। महापौर योगेश ताम्रकार ने यह निर्देश उस वक्त दिए जब उन्हें सम्पत्ति कर की वसूली की डिमांड और अब तक आई वसूली से अवगत कराया गया। इस दौरान उन्हें पुराने बकायादारों की भी जानकारी दी गई। गौरतलब है कि महापौर शुक्रवार को सम्पत्ति कर व राजस्व शाखा की समीक्षा कर रहे थे।
3 दशक से ज्यादा समय से सम्पत्ति कर बकाया
वर्तमान समय में नगर निगम आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है। एमआईसी द्वारा सम्पत्ति कर में 10 फीसदी की वृद्धि का प्रस्ताव दिया है। वह भी तब जब शहर की लगभग 84 हजार सम्पत्तियों में से पिछले दस माह में मात्र 16 हजार सम्पत्तियों का सम्पत्ति कर आया है। सम्पत्ति कर के बकायादारों की बात करें तो यहां कई ऐसी सम्पत्तियां हैं जिनका तीन दशक से ज्यादा समय से टैक्स जमा नहीं हुआ है।
व्यवस्था में सुधार लाने के निर्देश
बताया जाता है कि समीक्षा बैठक के दौरान महापौर योगेश ताम्रकार ने व्यवस्था में सुधार लाने के निर्देश देते हुए कहा कि सम्पत्ति कर व राजस्व वसूली में प्रगति लाएं, पारदर्शिता नागरिक सुविधाओं में सुधार एवं कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाएं। उन्होंने नागरिकों को सरल एवं सुगम सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस दौरान उपायुक्त सत्यम मिश्रा के अलावा बड़ी संख्या में सम्पत्ति कर व राजस्व शाखा के कर्मचारी मौजूद रहे।
1200 के करीब सम्पत्तियां चिन्हित
शहर में ऐसी लगभग 1200 के करीब सम्पत्तियां होंगी जिनका सम्पत्ति कर पिछले तीन दशक से ज्यादा समय से नहीं जमा हुआ है। शहर में कई ऐसी सम्पत्तियां हैं जिनका 1997 , 2000, 2003-04 से सम्पत्ति कर बकाया है और सम्पत्ति कर की यह राशि 1 लाख से ऊपर है। इन सम्पत्तियों के स्वामियों को नगर निगम एक बार नए सिरे से नोटिस जारी करेगा। नोटिस जारी होने के 15 दिनों के अंदर यदि बकाया सम्पत्ति कर जमा नहीं होता तो इनके नल कनेक्शन काटने की कार्रवाई होगी।
खास बातें