पीएम गति शक्ति योजना के तहत सतना रेलवे स्टेशन के 265.32 करोड़ रुपये के पुनर्विकास प्रोजेक्ट की रफ्तार बेहद धीमी है। 20 महीने बाद भी न तो ड्रॉइंग पास हुई और न ही निर्माण कार्य शुरू हुआ। यह सुस्ती जनउम्मीदों पर पानी फेर रही है।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत शामिल सतना रेलवे स्टेशन का एकीकृत पुनर्विकास प्रोजेक्ट शुरूआत से ही धीमी रफ्तार का शिकार हो गया है। रेलवे बोर्ड के ड्रीम प्रोजेक्ट की सूची में शामिल इस महत्वाकांक्षी योजना का शिलान्यास अक्टूबर 2023 में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया था। लेकिन अब तक इस प्रोजेक्ट में कोई ठोस प्रगति नहीं हो पाई है। रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक उपयोग के महत्त्वपूर्ण प्रोजेक्ट की यह सुस्ती आम नागरिकों की उम्मीदों पर पानी फेरती दिख रही है। स्थानीय लोगों और यात्रियों को न सिर्फ असुविधा हो रही है, बल्कि सवाल यह भी उठ रहे हैं कि जब पीएम गति शक्ति जैसी फ्लैगशिप योजना में शामिल प्रोजेक्ट का ये हाल है, तो बाकी योजनाओं का क्या हाल होगा?
अब तक कागजों में ही सिमटा प्रोजेक्ट
265.32 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट अब तक फाइलों और ड्रॉइंग की प्रक्रिया में उलझा हुआ है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि स्टेशन पर बनने वाली नई बिल्डिंग की स्ट्रक्चर ड्रॉइंग और डिजाइन तक को रेलवे बोर्ड से स्वीकृति नहीं मिली है। ऐसे में निर्माण कार्य समय पर पूरा होना तो दूर, शुरू ही नहीं हो पाया है।
केबल और पाइप लाइन बनीं रुकावट
स्टेशन के आगमन ब्लॉक (अराइवल ब्लाक ) में निर्माण कार्य की शुरूआत के लिए रेलवे ने आरपीएफ का ‘श्वान भवन’ तो तोड़ दिया और कुछ विभागों को भी स्थानांतरित कर दिया, लेकिन भूमि के नीचे बिछी केबल और पाइप लाइनें बड़ी रुकावट बन गईं हैं। जानकारों का कहना है कि जब तक इन्हें शिफ्ट नहीं किया जाता, तब तक आगे का काम संभव नहीं।
सिर्फ पश्चिमी दिशा में हो रहा सीमित निर्माण
फिलहाल पश्चिम दिशा में कुछ सीमित निर्माण कार्य जारी है, लेकिन वह भी तय रफ्तार से काफी पीछे चल रहा है। दो महीने पहले तक टीन की बेरिकेटिंग और मामूली खुदाई के अलावा कोई ठोस गतिविधि नहीं देखी गई।
प्रशासनिक चेतावनियां भी बेअसर
मई 2025 में पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (गति शक्ति यूनिट) प्रभात कुमार ने साइट निरीक्षण कर निर्माण एजेंसी मेसर्स श्याम त्रिवेणी कंस्ट्रक्शन को दो माह के भीतर कार्य में गति लाने की सख्त चेतावनी दी थी। उन्होंने संकेत दिया था कि यदि प्रगति नहीं हुई तो टेंडर टर्मिनेट करने की कार्रवाई की जा सकती है। बावजूद इसके न तो डिजाइन एप्रूवल हो पाया, न ही कार्य में उल्लेखनीय तेजी आई है।
फैक्ट फाइल
सतना स्टेशन री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट
प्रोजेक्ट में प्रस्तावित प्रमुख सुविधाएं

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