सतना नगर निगम ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में पहली बार फाइव स्टार रेटिंग हासिल की है। 50 हजार से 3 लाख की आबादी वाले शहरों में सतना ने 91वें स्थान से छलांग लगाकर 12वां स्थान प्राप्त किया। शहर को ओडीएफ प्लस प्लस, फाइव स्टार रेटिंग और 10 हजार से अधिक अंक मिले। यह उपलब्धि नगर निगम की टीम, महापौर योगेश ताम्रकार और आयुक्त शेर सिंह मीना की मेहनत और समर्पण का परिणाम है। अब लक्ष्य टॉप 5 में शामिल होना है। यह रिपोर्ट जानिए कैसे सतना ने स्वच्छता की राह पर इतिहास रचा।

रैंकिंग में लगाई ऊंची छलांग, 91 से 12वें स्थान पर पहुंचा
सतना, स्टार समाचार वेब
स्वच्छता सर्वेक्षण- 2024 की रैंकिंग में नगर निगम सतना ने जबरदस्त छलांग लगाई है। 50 हजार से लेकर तीन लाख की आबादी वाले शहरों में सतना ने बारहवां स्थान हासिल किया है। पिछले वर्ष सतना इसी रैंकिंग में 91वें स्थान पर था, इस बार रैंकिंग में 79 अंक की सुधार के साथ 12वें स्थान पर है। देश की सबसे बड़ी स्वच्छता परीक्षा के परिणाम गुरुवार को घोषित कर दिए गए। सतना टॉपटेन की सूची में भले ही स्थान नहीं बना सका हो लेकिन इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण की परीक्षा में सतना बेहतर नम्बरों से पास हुआ है। स्वच्छ भारत मिशन अर्बन 2 में देश के 100 टॉप मीडियम सिटी की गारवेज - फ्री सिटी रैंकिंग में सतना नगर निगम ने 5 स्टार रेटिंग और ओडीएफ प्लस भी मिला है। फाइव स्टार रेटिंग मिलने से नगर निगम को 15 वें वित्त अंतर्गत अतरिक्त फंड भी मिलेगा।स्वच्छता सर्वेक्षण में सतना को मिली इस सफलता पर नगर निगम की टीम को कलेक्टर डा. एस सतीश कुमार ने सराहना की है।
सतना-रीवा को 5 स्टार
नगर निगम सतना को पहली बार फाइव स्टार रेटिंग मिली है। सतना ने फाइव स्टार रेटिंग के लिए आवेदन किया था और इसके लिए जो नार्म्स होते हैं उन सभी नार्म्स को पूरा किया था, जिसके चलते सतना को फाइव स्टार रेटिंग मिली है। सतना को शून्य से फाइव स्टार मिला है।,तो पड़ोसी जिला रीवा को थ्री स्टार से फाइव स्टार मिला है। जबकि रैंकिंग में टॉप फाइव में रहने वाली सिंगरौली नगर निगम को थ्री स्टार रेटिंग ही मिली है।
पूरा हुआ मेयर का संकल्प, सफल रही टीम की मेहनत
किसी काम को यदि सिद्धत के साथ किया जाए तो इसके परिणाम देर से ही सही पर बेहतर मिलते हैं।, कुछ ऐसा ही स्वच्छता सर्वेक्षण के मामले में है। ा मेयर के संकल्प व उस दिशा में ईमानदारी के साथ की गई पहल का ही परिणाम है कि नगर निगम सतना ने 79 अंकों की रैंकिंग में छलांग लगाते हुए 91 से 12वें स्थान पर आ गई है। भले ही नगर निगम टॉप में आने से महज सौ -सवा सौ अंकों से पीछे रह गया हो लेकिन महापौर की दूर दृष्टि, एवं प्रभावी नेतृत्व का परिणाम सबके सामने है ।सतना की रैंकिंग में सुधार के लिए नगर निगम आयुक्त शेर सिंह मीना द्वारा भी लगातार मॉनीटरिंग की जाती रही है। इसके लिए उन्होने जो टीम बनाई उस टीम के अथक मेहनत का परिणाम रैंकिंंग में सुधार के रूप में सामने आया है।
इनकी रही अहम भूमिका
10 हजार से ज्यादा अंक मिले, ओडीएफ में शत-प्रतिशत
स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग के लिए जो 12500 अंक निर्धारित किए गए थे, उनमें से नगर निगम सतना को 10671 अंक मिले हैं। पचास हजार से तीन लाख की आबादी वाले शहरों के मध्य जारी हुई स्वच्छता की इस रैंकिंग में स्वच्छता सर्वेक्षण के दस हजार अंकों में से सतना को 8716 अंक मिले हैं। स्टार और ओडीएफ प्लस प्लस में फाइव स्टार के लिए 1100 अंक निर्धारित थे, जिसमें नगर निगम सतना को 1100 अंक मिले । इसी तरह ओडीएफ प्लस प्लस के लिए एक हजार अंक थे उसमें सतना को शत-प्रतिशत एक हजार अंक मिले हैं।
सामूहिक प्रयास का परिणाम है कि स्वच्छता की रैंकिंग में जबरजस्त सुधार आया है। हम 91 वें से12वें स्थान पर आ गए इसके लिए पूरी टीम व शहरवासी बधाई के पात्र हैं,हमें अभी और प्रयास करने की जरूरत है। मेरा लक्ष्य है कि रैंकिंग में नगर निगम सतना टॉप फाइव में आए इसमें सभी का सहयोग जरूरी है। निगम को 5 स्टार रेटिंग भी मिली है इससे 15 वें वित्त के अंतर्गत निगम को फंउ भी मिलेगा।
योगेश ताम्रकार, महापौर
टीम ने काफी मेहनत की थी, जिसका परिणाम सामने हैं, स्वच्छता रैंकिंग में जबरजस्त सुधार आया है। इसके लिए इस कार्य में लगी टीम बधाई के पात्र हैं। पहले स्टार रेटिंग होती थी,उसमें सतना शून्य रहता था, इस बार फाइव स्टार में आए हैं,फाइव स्टार आने से फंड भी केन्द्र सरकार से मिलेगा। प्रयास होगा कि इस बार जो कमियां रह गई हैं,उन्हें पूर्ण कर और बेहतर स्थित में आएं।
शेर सिंह मीना, आयुक्त नगर निगम


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