सतना जिला अस्पताल के बाहर अतिक्रमण और ट्रैफिक जाम से एम्बुलेंस फंस रही हैं। अवैध पार्किंग और फेरी वालों की भरमार से मरीजों को इलाज तक पहुंचने में देरी हो रही है।
सतना जिले में 108 एम्बुलेंस सेवा की हालत खस्ताहाल, मरीज को छोड़ने के बाद जिला अस्पताल गेट पर बंद पड़ी एम्बुलेंस को धक्का लगाकर स्टार्ट करना पड़ा। मॉनिटरिंग की कमी और स्टाफ की लापरवाही से जीवनदायिनी सेवा अब खटारा एक्सप्रेस बन रही है।
सतना जिला अस्पताल परिसर में खड़ी 108 एम्बुलेंस मरीज को ले जाने से पहले ही बंद हो गई। ड्राइवर ने कई कोशिशों के बाद जब वाहन स्टार्ट नहीं किया तो धक्का लगाकर किनारे किया गया। कई घंटे बाद दूसरी एम्बुलेंस का इंतजाम हो पाया। जिले में 60 से अधिक 108 एम्बुलेंस होने के बावजूद मॉनिटरिंग के अभाव में मरीजों को समय पर सुविधा नहीं मिल पा रही।
















