इसरो प्रमुख डॉ. वी नारायणन ने आईआईटी दिल्ली के कार्यक्रम में भारत के भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों की रूपरेखा साझा की है। गगनयान, चंद्रयान-4, भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (2028) और 2040 तक चांद पर मानव भेजने से जुड़ी पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।
इसरो को बड़ी सफलता हाथ लगी है। चंद्रयान-2 लूनर आर्बिटर ने सूरज के कोरोनल मास इजेक्शन के चांद पर असर का पहली बार आब्जर्वेशन किया है। यह खोज आर्बिटर पर लगे साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स में से एक, चंद्रा के एटमॉस्फेरिक कंपोजिशन एक्सप्लोरर-2 का इस्तेमाल करके की गई।
क्या चांद पर कोई बड़ी आफत आने वाली है? एक अनियंत्रित क्षुद्रग्रह 'आफत' चंद्रमा की ओर बढ़ रहा है, जिससे संभावित टकराव का खतरा है। जानें क्यों वैज्ञानिक इस घटना को लेकर गंभीर हैं और इसके क्या हो सकते हैं परिणाम। चंद्र मिशन और अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए यह कितना बड़ा खतरा है?















