चित्रकूट की पवित्र मंदाकिनी नदी, जहाँ प्रभु श्रीराम ने वनवास काल बिताया, आज अतिक्रमण और प्रदूषण से कराह रही है। एनजीटी के निर्देशों के बावजूद प्रशासनिक लापरवाही और अवैध निर्माण से मंदाकिनी का अस्तित्व खतरे में है। संत समाज नाराज है और संरक्षण की मांग उठा रहा है।
चित्रकूट में भारी बारिश से मंदाकिनी नदी का जलस्तर अचानक 5 फीट तक बढ़ा, नावें बह गईं और दुकानों में घुसा पानी। प्रशासन अलर्ट पर, प्रमोद वन और सीएम आश्रय स्थल में राहत शिविर तैयार। नाविकों की रोज़ी-रोटी पर संकट, मुआवज़े की मांग। रसूखदारों के अतिक्रमण भी हटाए गए। जानिए पूरी ग्राउंड रिपोर्ट।














