इसरो के PSLV-C62 मिशन में तकनीकी गड़बड़ी। श्रीहरिकोटा से लॉन्च हुए 'भारत के सीसीटीवी' अन्वेषा (EOS-N1) और 14 अन्य उपग्रहों के प्रक्षेपण के दौरान तीसरे चरण (PS3) में खराबी आने से मिशन प्रभावित हुआ।
देश में पहली बार रेल से अग्नि प्राइम मिसाइल को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को ट्वीट कर यह जानकारी दी। रक्षा मंत्री ने लिखा भारत ने रेल-आधारित मोबाइल लॉन्चर प्रणाली से मध्यम दूरी की अग्नि-प्राइम मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। अगली पीढ़ी की यह मिसाइल 2000 किलोमीटर तक की मारक क्षमता के लिए डिजाइन की गई है।
भारतीय सेना लगातार स्वदेशी तकनीक से विकसित देशों से लैस हो रही है। अब इसी कड़ी में एकीकृत वायु रक्षा हथियार प्रणाली का पहला उड़ान परीक्षण किया। यह परीक्षण पूरी तरीके से सफल रहा। ये परीक्षण डीआरडीओ ने ओडिशा के तट पर किया।
भारतीय सेना में शामिल हो रहा है स्वदेशी पिनाका एक्सटेंडेड रेंज गाइडेड रॉकेट सिस्टम, जिसकी मारक क्षमता 75 किमी से ज्यादा है। जानें कैसे यह गेम-चेंजर हथियार 44 सेकंड में 72 रॉकेट दागकर दुश्मन को तबाह कर सकता है।
भारत को रक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी मिली है। डीरडीओ ने जानकारी दी है कि भारत की स्वदेशी मिसाइल प्रलय का 28 और 29 जुलाई 2025 को लगातार दो बार सफल परीक्षण किया गया। ये परीक्षण सेना की जरूरतों के मुताबिक किए गए थे ताकि यह देखा जा सके कि मिसाइल कम और ज्यादा दूरी तक कितनी सटीकता से मार कर सकती है।
आपरेशन सिंदूर के दौरान दुश्मन के ड्रोन हमलों को सटीक प्रहारों से नाकाम बनाने वाली भारतीय सेना की एयर डिफेंस यूनिट ने लद्दाख के उच्चतम पर्वतीय क्षेत्र में आकाश प्राइम वायु रक्षा प्रणाली का सफल परीक्षण किया। दरअसल, भारतीय सेना ने लद्दाख सेक्टर में 15,000 फीट से ज्यादा ऊंचाई पर स्वदेशी आकाश प्राइम एयर डिफेंस सिस्टम का सफल परीक्षण किया है।


















