मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छिंदवाड़ा दौरे पर शिकायतों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों पर सख्त एक्शन लिया है। साथ ही 'जन-विश्वास अभियान' और नई भर्तियों को लेकर बड़ी घोषणाएं कीं।
सोशल मीडिया पर वायरल कथित वीडियो में निलंबित उपयंत्री ने पंचायती राज व्यवस्था में कमीशनखोरी के गंभीर आरोप लगाए। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, जबकि सबूत अदालत में पेश करने का दावा किया गया।
यूपी के कन्नौज जिला कारागार में लापरवाही का बड़ा मामला। जश्न और बिजली कटौती का फायदा उठाकर दो शातिर कैदी कंबलों की रस्सी के सहारे जेल से फरार। शासन ने जेल अधीक्षक और जेलर पर की बड़ी कार्रवाई।
इंडिगो के परिचालन संकट के बाद DGCA ने 4 फ्लाइट इंस्पेक्टरों को निलंबित कर जाँच तेज की। मार्केट कैप ₹21,000 करोड़ घटा। इंडिगो ने 3-5 दिसंबर के प्रभावित यात्रियों को ₹10,000 का अतिरिक्त ट्रैवल वाउचर देने की घोषणा की।
दिनेश मकवाना आत्महत्या मामले में बड़ा एक्शन। वायरल वीडियो में रिश्वत के आरोप के बाद देवास की आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित निलंबित। CM मोहन यादव ने जताई नाराजगी।
टीएमसी से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर के बाबरी मस्जिद जैसे डिजाइन में मस्जिद निर्माण के फैसले ने पश्चिम बंगाल में सियासी हलचल बढ़ा दी है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि यह कदम लोगों को धार्मिक आधार पर बांटने के लिए उठाया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिला स्थित बेलडांगा में तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर शनिवार को बाबरी मस्जिद की नींव रखने की तैयारी कर रहे हैं। उनके समर्थक सुबह से सिर पर ईंट लेकर निर्माण स्थल की तरफ निकलने लगे हैं।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस की पिटाई से एक बीटेक छात्र की मौत हो गई। इंद्रपुरी इलाके में गश्त कर रहे दो पुलिसकर्मियों ने छात्र के साथ मारपीट की थी। सिर में डंडा लगने से उसकी जान चली गई। इस मामले में कोई केस दर्ज नहीं हुआ है, सिर्फ दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। मृतक छात्र डीएसपी का साला बताया जा रहा है।
सीजेआई पर जूता फेंकने की कोशिश का मामला लगातार चर्चा में है। सत्तापक्ष से लेकर विपक्ष तक ने इस हमले की निंदा की है। वहीं, घटना के बाद उनके परिवार ने दु:ख जताया है। उनकी बहन कीर्ति गवई और मां कमल गवई ने इसे संविधान पर हमला बताया है।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई पर जूता उछालने वाले आरोपी वकील राकेश किशोर ने कहा है कि वह सीजेआई की टिप्पणी से आहत हैं और उन्हें अपने किए पर कोई अफसोस या पछतावा नहीं है। वकील ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब भी सनातन धर्म से जुड़े केस आते हैं तो सुप्रीम कोर्ट ऐसे ही आदेश देता है।






















