मध्यप्रदेश में माननीय का रुतबा बरकरार रहेगा। अब ये शिकायत नहीं आएगी कि अफसर दफ्तरों के चक्कर कटवा रहे हैं। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद राज्य सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन कर दिया है।
स्वास्थ्य आयुक्त तरुण राठी ने आदेश जारी किया कि प्रदेश के चिकित्सा विशेषज्ञ और पीजी चिकित्सा अधिकारी अब प्रशासकीय कार्यों से मुक्त होकर केवल क्लीनिकल सेवाएं देंगे। जिलों में विशेषज्ञों की कमी को देखते हुए सीएमएचओ और सिविल सर्जन को पत्र लिखकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।














