सीधी जिले में बिजली की अघोषित कटौती ने ग्रामीण और शहरी जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। उमस भरी गर्मी में बिजली गायब, वहीं फाल्ट के बहाने घंटों कटौती की जा रही है। इसके विपरीत, लोगों को भारी भरकम बिजली बिल भेजे जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ता परेशान और नाराज़ हैं।
मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 21 जिलों में रीवा ऐसा जिला है जहां सर्वाधिक 183 ट्रांसफार्मर जल चुके हैं। वेस्ट डिवीजन और मऊगंज सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। ट्रांसफार्मर न बदले जाने से गांवों में अंधेरा है और किसान बुआई के समय बिजली संकट से जूझ रहे हैं। सतना स्टोर से ट्रांसफार्मर नहीं मिलने से हर हफ्ते गाड़ियां खाली लौट रही हैं।
सतना शहर में बिजली कटौती और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या ने गर्मी और उमस में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। ट्रांसमिशन और वितरण कंपनियों के बीच समन्वय की कमी से आधे शहर को लगातार ब्लैकआउट और खराब उपकरणों का सामना करना पड़ रहा है।















